कांग्रेस की 'गोय रखोन यात्रा' 22 सितंबर से, वेणुगोपाल का BJP पर गोवा की जमीन लूटने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 21 सितंबर 2026 को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार के अंतर्गत गोवा अपनी भूमि, पर्यावरण, सांस्कृतिक विरासत और पहचान के संकट का सामना कर रहा है। इन कथित खतरों के विरुद्ध जनचेतना जगाने के लिए कांग्रेस 22 सितंबर 2026 से 'गोय रखोन यात्रा' की शुरुआत कर रही है।
यात्रा के पीछे के आरोप
वेणुगोपाल ने एक्स पर की गई अपनी पोस्ट में दावा किया कि पिछले एक दशक में लगभग एक करोड़ वर्ग मीटर भूमि गोवावासियों से छीनकर सत्ताधारी दल के कथित रूप से करीबी बड़े बिल्डरों और उद्योगपतियों को सौंप दी गई है। उन्होंने इस स्थिति को 'गोवा की हर इंच जमीन की थोक नीलामी' करार दिया।
कांग्रेस नेता ने आगे आरोप लगाया कि मौजूदा शासन में राज्य में अपराध, हिंसा, दुष्कर्म और रोज़मर्रा के भ्रष्टाचार में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि आम गोवावासी बेरोज़गारी और उच्च मुद्रास्फीति के दोहरे बोझ तले दबे हुए हैं, जबकि BJP कथित असंवैधानिक तरीकों से सत्ता में बने रहने की कोशिश कर रही है।
'गोय रखोन यात्रा' क्या है
'गोय रखोन यात्रा' को कांग्रेस ने गोवा की अनूठी पहचान, प्राकृतिक संसाधनों और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के सामूहिक अभियान के रूप में प्रस्तुत किया है। पार्टी नेताओं के अनुसार, इस मार्च में भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण क्षरण, बढ़ते अपराध और आम नागरिकों की आर्थिक कठिनाइयों जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
वेणुगोपाल ने समाज के सभी वर्गों — किसान, मछुआरे, पर्यावरणविद, युवा और सांस्कृतिक समूहों — से इस जन आंदोलन में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया है।
गोवा में राजनीतिक परिदृश्य
यह घोषणा तटीय राज्य गोवा में चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच आई है, जहाँ कांग्रेस अपना संगठनात्मक आधार मज़बूत करने में जुटी है। गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस राज्य में सत्ता पाने में नाकाम रही थी और BJP ने सरकार बरकरार रखी थी। यह यात्रा उसी रणनीतिक पुनर्निर्माण की कड़ी के रूप में देखी जा रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में विपक्षी दल राज्य-स्तरीय जनसंपर्क अभियानों के ज़रिए BJP के विरुद्ध ज़मीनी गोलबंदी करने की रणनीति अपना रहे हैं।
BJP की प्रतिक्रिया और आगे की राह
स्रोत में BJP की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। कांग्रेस के सभी आरोप पार्टी के अपने दावे हैं और सत्यापित नहीं हैं। यात्रा के 22 सितंबर 2026 को प्रारंभ होने के बाद इसके मार्ग, अवधि और प्रमुख पड़ावों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से राज्यभर में इस आंदोलन को विस्तार देने का आह्वान किया गया है।