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कांग्रेस की 'गोय रखोन यात्रा' 22 सितंबर से, वेणुगोपाल का BJP पर गोवा की जमीन लूटने का आरोप

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कांग्रेस की 'गोय रखोन यात्रा' 22 सितंबर से, वेणुगोपाल का BJP पर गोवा की जमीन लूटने का आरोप

सारांश

कांग्रेस 22 सितंबर से 'गोय रखोन यात्रा' के ज़रिए गोवा में BJP को घेरने की कोशिश करेगी। AICC महासचिव वेणुगोपाल का आरोप — एक दशक में 1 करोड़ वर्ग मीटर ज़मीन बिल्डरों को सौंपी गई। यह यात्रा 2022 की चुनावी हार के बाद कांग्रेस के ज़मीनी पुनर्निर्माण की सबसे बड़ी कोशिश है।

मुख्य बातें

कांग्रेस 22 सितंबर 2026 से गोवा में 'गोय रखोन यात्रा' शुरू कर रही है।
AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल ने BJP पर पिछले एक दशक में लगभग 1 करोड़ वर्ग मीटर भूमि बिल्डरों को सौंपने का आरोप लगाया।
यात्रा में भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण क्षरण, बढ़ते अपराध और बेरोज़गारी व मुद्रास्फीति के मुद्दे उठाए जाएँगे।
वेणुगोपाल ने स्थिति को 'गोवा की हर इंच जमीन की थोक नीलामी' बताया — ये कांग्रेस के अपने आरोप हैं, BJP ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
यह अभियान 2022 विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के गोवा में संगठनात्मक पुनर्निर्माण की कड़ी है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 21 सितंबर 2026 को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार के अंतर्गत गोवा अपनी भूमि, पर्यावरण, सांस्कृतिक विरासत और पहचान के संकट का सामना कर रहा है। इन कथित खतरों के विरुद्ध जनचेतना जगाने के लिए कांग्रेस 22 सितंबर 2026 से 'गोय रखोन यात्रा' की शुरुआत कर रही है।

यात्रा के पीछे के आरोप

वेणुगोपाल ने एक्स पर की गई अपनी पोस्ट में दावा किया कि पिछले एक दशक में लगभग एक करोड़ वर्ग मीटर भूमि गोवावासियों से छीनकर सत्ताधारी दल के कथित रूप से करीबी बड़े बिल्डरों और उद्योगपतियों को सौंप दी गई है। उन्होंने इस स्थिति को 'गोवा की हर इंच जमीन की थोक नीलामी' करार दिया।

कांग्रेस नेता ने आगे आरोप लगाया कि मौजूदा शासन में राज्य में अपराध, हिंसा, दुष्कर्म और रोज़मर्रा के भ्रष्टाचार में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि आम गोवावासी बेरोज़गारी और उच्च मुद्रास्फीति के दोहरे बोझ तले दबे हुए हैं, जबकि BJP कथित असंवैधानिक तरीकों से सत्ता में बने रहने की कोशिश कर रही है।

'गोय रखोन यात्रा' क्या है

'गोय रखोन यात्रा' को कांग्रेस ने गोवा की अनूठी पहचान, प्राकृतिक संसाधनों और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के सामूहिक अभियान के रूप में प्रस्तुत किया है। पार्टी नेताओं के अनुसार, इस मार्च में भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण क्षरण, बढ़ते अपराध और आम नागरिकों की आर्थिक कठिनाइयों जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

वेणुगोपाल ने समाज के सभी वर्गों — किसान, मछुआरे, पर्यावरणविद, युवा और सांस्कृतिक समूहों — से इस जन आंदोलन में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया है।

गोवा में राजनीतिक परिदृश्य

यह घोषणा तटीय राज्य गोवा में चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच आई है, जहाँ कांग्रेस अपना संगठनात्मक आधार मज़बूत करने में जुटी है। गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस राज्य में सत्ता पाने में नाकाम रही थी और BJP ने सरकार बरकरार रखी थी। यह यात्रा उसी रणनीतिक पुनर्निर्माण की कड़ी के रूप में देखी जा रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में विपक्षी दल राज्य-स्तरीय जनसंपर्क अभियानों के ज़रिए BJP के विरुद्ध ज़मीनी गोलबंदी करने की रणनीति अपना रहे हैं।

BJP की प्रतिक्रिया और आगे की राह

स्रोत में BJP की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। कांग्रेस के सभी आरोप पार्टी के अपने दावे हैं और सत्यापित नहीं हैं। यात्रा के 22 सितंबर 2026 को प्रारंभ होने के बाद इसके मार्ग, अवधि और प्रमुख पड़ावों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से राज्यभर में इस आंदोलन को विस्तार देने का आह्वान किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या केवल चुनावी बयानबाज़ी हैं। 2022 में गोवा में कांग्रेस के विभाजन और पार्टी छोड़ने वाले नेताओं की लंबी सूची को देखते हुए, यात्रा की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह केवल नेताओं की रैली बने या सच में जनांदोलन का रूप ले। यदि कांग्रेस इन मुद्दों को ठोस दस्तावेज़ी साक्ष्यों के साथ नहीं जोड़ती, तो यात्रा महज एक और विपक्षी 'पदयात्रा' बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'गोय रखोन यात्रा' क्या है?
'गोय रखोन यात्रा' कांग्रेस का एक जन अभियान है जो 22 सितंबर 2026 से गोवा में शुरू हो रहा है। इसका उद्देश्य राज्य की भूमि, पर्यावरण, सांस्कृतिक विरासत और पहचान की कथित रक्षा करना और BJP सरकार के शासन के खिलाफ जनमत जुटाना है।
केसी वेणुगोपाल ने BJP पर क्या आरोप लगाए हैं?
AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया है कि पिछले एक दशक में लगभग 1 करोड़ वर्ग मीटर ज़मीन गोवावासियों से छीनकर सत्ताधारी दल के करीबी बिल्डरों और उद्योगपतियों को दी गई। उन्होंने इसे 'गोवा की हर इंच जमीन की थोक नीलामी' बताया — ये आरोप कांग्रेस के दावे हैं और BJP ने इन पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
इस यात्रा में कौन-से मुद्दे उठाए जाएँगे?
यात्रा में भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण क्षरण, बढ़ते अपराध और दुष्कर्म, बेरोज़गारी तथा उच्च मुद्रास्फीति जैसे मुद्दे उठाए जाएँगे। कांग्रेस इसे गोवा की प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के व्यापक अभियान के रूप में पेश कर रही है।
यह यात्रा गोवा की राजनीति में कितनी अहम है?
2022 के विधानसभा चुनाव में हार और पार्टी में बिखराव के बाद यह कांग्रेस का गोवा में सबसे बड़ा संगठनात्मक प्रयास है। यात्रा का उद्देश्य ज़मीनी कार्यकर्ताओं को एकजुट करना और अगले चुनाव से पहले जनाधार पुनः स्थापित करना है।
BJP ने इन आरोपों पर क्या कहा है?
स्रोत में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, BJP की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। कांग्रेस के सभी दावे पार्टी के अपने बयान हैं।
राष्ट्र प्रेस
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