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कैलारस शुगर मिल: MP विधानसभा में सवाल खारिज होने पर कांग्रेस विधायकों का धरना

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कैलारस शुगर मिल: MP विधानसभा में सवाल खारिज होने पर कांग्रेस विधायकों का धरना

सारांश

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने कैलारस शुगर मिल पर पाँच सवाल बिना कारण खारिज होने के विरोध में धरना दिया। वरिष्ठ नेता जयवर्धन सिंह ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया।

मुख्य बातें

कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने 20 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश विधानसभा में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास धरना दिया।
उनके कैलारस शुगर मिल से जुड़े पाँच सवाल — दिसंबर 2025, मार्च-अप्रैल 2026 और वर्तमान सत्र सहित — बिना कारण बताए खारिज किए गए।
उपाध्याय ने विधानसभा के प्रधान सचिव से मुलाकात की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने विरोध का समर्थन करते हुए इसे किसानों और मज़दूरों की आजीविका से जुड़ा मुद्दा बताया।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि स्पष्टीकरण न मिलने पर विरोध प्रदर्शन तेज़ किया जाएगा।

मध्य प्रदेश विधानसभा में 20 जुलाई 2026 को मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने कैलारस शुगर मिल से जुड़े सवालों को बार-बार खारिज किए जाने के विरोध में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरना दिया। उनका आरोप है कि विधानसभा सचिवालय ने पिछले कई सत्रों में उनके पाँच सवाल बिना कोई कारण बताए अस्वीकार कर दिए। बाद में कई अन्य कांग्रेस विधायक भी उनके समर्थन में विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए।

मुख्य घटनाक्रम

मुरैना जिले के जौरा विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित उपाध्याय ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने दिसंबर 2025 के सत्र, मार्च-अप्रैल 2026 के सत्र, 17 फरवरी 2026 को सूचीबद्ध प्रश्न संख्या 210 और वर्तमान सत्र के लिए सूचीबद्ध प्रश्न संख्या 260 सहित कुल पाँच बार कैलारस शुगर मिल पर सवाल जमा किए। उनके अनुसार, हर बार सवाल बिना स्पष्टीकरण के खारिज कर दिए गए।

उपाध्याय ने कहा, 'मैंने कैलारस शुगर मिल से जुड़े जनहित के मुद्दे को उठाने की बार-बार कोशिश की है, लेकिन हर सवाल खारिज कर दिया गया। विधानसभा अधिकारियों से संपर्क करने के बाद भी मुझे उन्हें खारिज करने के आधार के बारे में नहीं बताया गया।'

विधायक अधिकारों पर सवाल

उपाध्याय ने स्पष्टीकरण के लिए दिन में विधानसभा के प्रधान सचिव से मुलाकात की, लेकिन उनके अनुसार संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा, 'एक निर्वाचित विधायक के तौर पर लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाना मेरा संवैधानिक अधिकार है। अगर जनहित से जुड़े सवालों को बिना स्पष्टीकरण के खारिज किया जाता है, तो यह विधायकों के अधिकारों और विशेषाधिकारों से इनकार करने जैसा है और लोकतांत्रिक कामकाज को कमज़ोर करता है।'

वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रिया

पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह ने भी विरोध प्रदर्शन में समर्थन देते हुए कहा कि कैलारस शुगर मिल का मुद्दा बड़ी संख्या में किसानों और मज़दूरों की आजीविका से सीधे जुड़ा है। उन्होंने कहा, 'शुगर मिल किसानों और मज़दूरों के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। अगर विधायकों को विधानसभा में ऐसे मुद्दों को उठाने की अनुमति नहीं दी जाती, तो यह लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।'

सिंह ने आगे चेतावनी दी कि यदि चुने हुए प्रतिनिधियों के अधिकारों को नज़रअंदाज़ किया जाता रहा, तो कांग्रेस विधायक दल लोकतांत्रिक तरीकों से अपना विरोध तेज़ करने के लिए मजबूर होगा।

आम जनता पर असर

कैलारस शुगर मिल का मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं है — यह मुरैना और आसपास के क्षेत्रों के उन किसानों और मज़दूरों से जुड़ा है जिनकी आजीविका इस मिल पर निर्भर है। विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा न हो पाने से प्रभावित वर्ग की आवाज़ नीति-निर्माण स्तर पर नहीं पहुँच पा रही।

क्या होगा आगे

कांग्रेस ने संकेत दिया है कि यदि विधानसभा सचिवालय सवाल खारिज करने का कारण नहीं बताता, तो विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। मानसून सत्र के शेष दिनों में यह मुद्दा सदन की कार्यवाही को प्रभावित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चाहे किसी भी दल के विधायक के साथ हो, जवाबदेही के सिद्धांत को कमज़ोर करता है। कैलारस शुगर मिल का मुद्दा किसानों और मज़दूरों की आजीविका से जुड़ा है, इसलिए इसे चुप कराने की कोशिश — अगर यह साबित होती है — तो यह महज़ राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक चिंता का विषय भी है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर धरने की तस्वीर तक सिमट जाती है; असली सवाल यह है कि सचिवालय ने किस नियम के तहत सवाल खारिज किए और वह नियम सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैलारस शुगर मिल विवाद क्या है?
कैलारस शुगर मिल मध्य प्रदेश के मुरैना ज़िले से जुड़ा एक जनहित का मुद्दा है, जो क्षेत्र के किसानों और मज़दूरों की आजीविका से सीधे संबंधित है। कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनके सवाल बार-बार खारिज किए जा रहे हैं।
पंकज उपाध्याय के कितने सवाल खारिज हुए और कब?
उपाध्याय के अनुसार, दिसंबर 2025 के सत्र, मार्च-अप्रैल 2026 के सत्र, 17 फरवरी 2026 को सूचीबद्ध प्रश्न संख्या 210 और वर्तमान मानसून सत्र के लिए सूचीबद्ध प्रश्न संख्या 260 सहित कुल पाँच सवाल खारिज किए गए। उनका कहना है कि किसी भी बार खारिज करने का कारण नहीं बताया गया।
MP विधानसभा में यह विरोध प्रदर्शन कब और कहाँ हुआ?
यह धरना 20 जुलाई 2026 को मानसून सत्र के पहले दिन भोपाल स्थित मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास हुआ। बाद में कई अन्य कांग्रेस विधायक भी समर्थन में शामिल हो गए।
जयवर्धन सिंह ने इस मामले में क्या कहा?
पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह ने विरोध का समर्थन करते हुए कैलारस शुगर मिल को किसानों और मज़दूरों की आजीविका से जुड़ा अहम मुद्दा बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विधायकों के अधिकारों को नज़रअंदाज़ किया जाता रहा, तो कांग्रेस विधायक दल लोकतांत्रिक तरीकों से विरोध तेज़ करेगा।
क्या विधानसभा सचिवालय ने सवाल खारिज करने का कारण बताया?
उपाध्याय के अनुसार, उन्होंने विधानसभा के प्रधान सचिव से मुलाकात कर स्पष्टीकरण माँगा, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। विधानसभा सचिवालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
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