29 जुलाई 2026
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एंटी-पेपर लीक बिल 2026 लोकसभा में पारित, BJP के रोहन गुप्ता बोले — कांग्रेस ने संसद को बनाया अखाड़ा

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एंटी-पेपर लीक बिल 2026 लोकसभा में पारित, BJP के रोहन गुप्ता बोले — कांग्रेस ने संसद को बनाया अखाड़ा

सारांश

लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल 2026 पारित होते ही सियासी तापमान चढ़ गया। राहुल गांधी के लाठीचार्ज आरोपों पर BJP के रोहन गुप्ता का पलटवार — कांग्रेस ने 12 साल में कानून नहीं बनाया, अब सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं।

मुख्य बातें

एंटी-पेपर लीक बिल 2026 लोकसभा में 29 जुलाई 2026 को ध्वनि मत से पारित।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर 20 जुलाई के लाठीचार्ज को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
BJP नेता रोहन गुप्ता ने कहा — आरोपों के लिए तथ्य और सबूत पहले, कांग्रेस ने संसद को अखाड़ा बनाया।
गुप्ता ने याद दिलाया कि 2010 में कांग्रेस का पेपर लीक बिल पारित नहीं हुआ था; 2024 में मोदी सरकार ने कानून बनाया।
पंजाब, कर्नाटक, तेलंगाना, झारखंड में भी पेपर लीक पर विपक्ष की चुप्पी पर BJP ने दोहरे मापदंड का आरोप लगाया।
सरकार पेपर लीक मामलों की निगरानी के लिए हाईपावर कमेटी गठित करने की तैयारी में।

लोकसभा में बुधवार, 29 जुलाई 2026 को 'एंटी-पेपर लीक बिल 2026' ध्वनि मत से पारित हो गया। बिल पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर 20 जुलाई को छात्र प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज को लेकर गंभीर आरोप लगाए। इन आरोपों के जवाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस ने संसद को राजनीति का अखाड़ा बना दिया है।

रोहन गुप्ता का पलटवार

रोहन गुप्ता ने कहा, 'संसद लोकतंत्र का मंदिर है। बिना तथ्यों और सबूतों के इतने गंभीर आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप संसद की गरिमा के अनुकूल नहीं हैं और ऐसे बयानों से पहले ठोस प्रमाण प्रस्तुत किए जाने चाहिए।

कांग्रेस के शासनकाल पर सवाल

गुप्ता ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आजादी के बाद सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली पार्टी अब व्यवस्था की शिकायत कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि 2010 में पेपर लीक रोकने के लिए एक विधेयक पेश किया गया था, लेकिन वह कभी पारित नहीं हुआ — 'राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी थी।' उनके अनुसार, 'कांग्रेस ने अपने शासनकाल में कानून क्यों नहीं बनाया और अब उसे लागू होने पर सवाल कैसे उठा सकती है? इस माफिया सिस्टम के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है।'

मोदी सरकार की उपलब्धि का दावा

रोहन गुप्ता ने कहा कि 12 वर्षों के इंतजार के बाद 2024 में पहली बार मोदी सरकार एंटी-पेपर लीक कानून लेकर आई। उन्होंने बताया कि सरकार इस मामले में एक हाईपावर कमेटी का गठन कर रही है, जबकि कांग्रेस चर्चा से दूर भागती रही। गुप्ता ने कहा, 'छात्रों की सुरक्षा और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है — युवाओं के सपनों से कोई समझौता नहीं होगा।'

विपक्ष पर दोहरे मापदंड का आरोप

अन्य राज्यों में पेपर लीक के मामलों का ज़िक्र करते हुए गुप्ता ने कहा कि पंजाब, कर्नाटक, तेलंगाना और झारखंड में भी इसी तरह के मामले सामने आए हैं। उन्होंने पूछा, 'जो लोग यहाँ इस्तीफे की माँग और नैतिक जिम्मेदारी की बात कर रहे हैं, वे उन राज्यों पर चुप क्यों हैं? यह पूरी तरह राजनीति और पाखंड है।' यह ऐसे समय में आया है जब पेपर लीक का मुद्दा पूरे देश में राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है और कई राज्यों में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।

आगे क्या

बिल के पारित होने के बाद अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। सरकार द्वारा गठित की जाने वाली हाईपावर कमेटी के स्वरूप और कार्यक्षेत्र पर सभी की नज़रें टिकी हैं। गौरतलब है कि NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में लीक के मामलों ने इस विधायी कदम को राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से अहम बना दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इस बीच कितने मामले दर्ज हुए। पंजाब-कर्नाटक पर दोहरे मापदंड का तर्क राजनीतिक दृष्टि से प्रभावी है, पर इससे केंद्र की जवाबदेही का सवाल टलता नहीं। हाईपावर कमेटी की घोषणा स्वागत योग्य है, लेकिन उसके अधिकार क्षेत्र और समयसीमा स्पष्ट हुए बिना यह भी एक और घोषणा भर रह सकती है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एंटी-पेपर लीक बिल 2026 क्या है?
यह वह विधेयक है जो प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक को रोकने के लिए कड़े दंड का प्रावधान करता है। इसे लोकसभा में 29 जुलाई 2026 को ध्वनि मत से पारित किया गया।
राहुल गांधी ने अमित शाह पर क्या आरोप लगाए?
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बिल पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह पर 20 जुलाई को छात्र प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के संबंध में गंभीर आरोप लगाए। BJP ने इन आरोपों को बिना सबूत का बताया।
BJP के रोहन गुप्ता ने कांग्रेस पर क्या कहा?
रोहन गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों के शासन में पेपर लीक रोकने का कानून नहीं बनाया — 2010 का बिल पारित ही नहीं हुआ। उन्होंने कांग्रेस पर संसद को राजनीति का अखाड़ा बनाने और दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
अन्य राज्यों में पेपर लीक पर BJP का क्या रुख है?
गुप्ता ने पंजाब, कर्नाटक, तेलंगाना और झारखंड में हुए पेपर लीक मामलों का हवाला देते हुए कहा कि विपक्ष वहाँ चुप रहता है। उन्होंने इसे राजनीतिक पाखंड करार दिया।
पेपर लीक मामलों में सरकार आगे क्या करेगी?
मोदी सरकार इस मामले में एक हाईपावर कमेटी गठित करने की तैयारी में है। बिल के राज्यसभा से पारित होने के बाद इसे कानूनी रूप मिलेगा और कमेटी की निगरानी में कार्रवाई होगी।
राष्ट्र प्रेस
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