गिरिराज सिंह का राहुल गांधी पर वार: 'PM रानी की कोख से नहीं, जनता चुनती है'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 29 जुलाई को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को जनता चुनती है — उनका जन्म किसी 'रानी की कोख' से नहीं होता। यह टिप्पणी एंटी-पेपर लीक बिल पर संसदीय चर्चा के दौरान आई, जब राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर गंभीर आरोप लगाए थे।
संसद में क्या हुआ
बुधवार को लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर बहस के दौरान राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह और संघ को निशाने पर लिया। इन आरोपों के जवाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राहुल गांधी को सबूत पेश करने की चुनौती दी और माफी माँगने की माँग की।
गिरिराज सिंह ने सदन में कहा, 'बिना किसी सबूत, तथ्य या तर्क के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। फायरिंग जैसे आरोप भी लगाए जा रहे हैं, जबकि इसका कोई सबूत नहीं है। बेबुनियाद आरोप लगाना विपक्ष के नेता की आदत सी बन गई है।'
पेपर लीक और विपक्ष पर निशाना
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी की चयनात्मक आलोचना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'पेपर लीक के मामले जब कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, पंजाब या राजस्थान में सामने आते हैं तो राहुल गांधी सवाल नहीं उठाते। इसीलिए जनता उनके नेतृत्व को स्वीकार करने को तैयार नहीं है।'
यह ऐसे समय में आया है जब पेपर लीक का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर विमर्श के केंद्र में है और संसद में इस पर कानून बनाने की प्रक्रिया चल रही है।
भाषण और संसदीय मर्यादा पर विवाद
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी के करीब एक घंटे लंबे भाषण पर कड़ा एतराज जताया। उनके अनुसार राहुल गांधी ने कहानियाँ सुनाईं, बिना आधार के आरोप लगाए और लोगों को 'इडियट' जैसे शब्दों से संबोधित किया। उन्होंने कहा, 'अगर संघ उनके खिलाफ मानहानि का केस करती है तो वे क्या जवाब देंगे? बच्चों की तरह बिना सोचे-समझे बोलना विपक्ष के नेता से उम्मीद नहीं की जाती।'
गांधी परिवार और अहंकार का आरोप
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर सीधे अहंकार का आरोप लगाते हुए कहा, 'गांधी परिवार में पैदा होने के बाद उन्हें यह गलतफहमी हो गई है कि संसद उनका कार्यालय है। उन्हें समझना होगा कि यह लोकतंत्र का मंदिर है, यहाँ कुछ नियम और मर्यादा होती है।'
उन्होंने यह भी कहा कि देश की जनता ने एक 'चाय वाले' को अपना प्रधानमंत्री चुना है और यह 'टीस' राहुल गांधी बर्दाश्त नहीं कर पा रहे। गौरतलब है कि यह BJP का वह परिचित राजनीतिक आख्यान है जिसे पार्टी 2014 से लगातार इस्तेमाल करती आई है।
आगे क्या
BJP ने राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी की माँग दोहराई है। संसद के मौजूदा सत्र में एंटी-पेपर लीक बिल पर बहस जारी रहने की संभावना है और दोनों पक्षों के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है।