पश्चिमोत्तानासन: कोर मसल्स को एक्टिव करे, नर्वस सिस्टम को दे गहरी शांति — आयुष मंत्रालय की पूरी गाइड

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पश्चिमोत्तानासन: कोर मसल्स को एक्टिव करे, नर्वस सिस्टम को दे गहरी शांति — आयुष मंत्रालय की पूरी गाइड

सारांश

आयुष मंत्रालय ने विश्व योग दिवस से पहले पश्चिमोत्तानासन पर विशेष जानकारी दी — एक ऐसा आसन जो सिर्फ शरीर को नहीं, बल्कि मन को भी साधता है। कोर एक्टिवेशन से लेकर नर्वस सिस्टम को राहत तक, यह सरल आसन आधुनिक जीवनशैली की कई समस्याओं का प्रभावी समाधान है।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने 4 मई 2026 को पश्चिमोत्तानासन पर विशेष जानकारी जारी की।
यह आसन कोर मसल्स को सक्रिय करता है और नर्वस सिस्टम को गहरी शांति प्रदान करता है।
नियमित अभ्यास से पाचन तंत्र , साइटिका और पीठ दर्द में राहत मिलती है।
आसन की अवधि 20 से 40 सेकंड रखने की सलाह दी गई है।
गर्भवती महिलाएँ और गंभीर पीठ-घुटने की समस्या वाले लोग विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही अभ्यास करें।

आयुष मंत्रालय ने 4 मई 2026 को विश्व योग दिवस की तैयारियों के तहत पश्चिमोत्तानासन पर विशेष जानकारी साझा की — एक ऐसा आगे-झुकने वाला आसन जो कोर मसल्स को सक्रिय करने के साथ-साथ नर्वस सिस्टम को गहरी शांति प्रदान करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह सरल दिखने वाला आसन शरीर और मन दोनों पर गहरा सकारात्मक प्रभाव डालता है।

पश्चिमोत्तानासन क्या है और यह कैसे काम करता है

पश्चिमोत्तानासन एक पारंपरिक हठयोग आसन है जिसमें व्यक्ति सीधे बैठकर दोनों पैरों की ओर आगे झुकता है। आयुष मंत्रालय के विशेषज्ञों का कहना है कि इस आसन में सांस पर ध्यान केंद्रित करने से तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) स्वाभाविक रूप से शिथिल होता है और पेट व कमर की मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं। यह ऐसे समय में विशेष रूप से प्रासंगिक है जब तनाव और गतिहीन जीवनशैली से जुड़ी समस्याएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं।

पश्चिमोत्तानासन के प्रमुख लाभ

कोर एक्टिवेशन: पेट और कमर के आसपास की मांसपेशियों को यह आसन प्रभावी रूप से मज़बूत बनाता है, जिससे रीढ़ की हड्डी को सहारा मिलता है।

नर्वस सिस्टम को राहत: सांस पर एकाग्रता से तनाव घटता है और पूरा तंत्रिका तंत्र रिलैक्स होता है, जिससे मानसिक थकान दूर होती है।

पाचन तंत्र में सुधार: मंत्रालय के अनुसार, नियमित अभ्यास से पेट फूलना, कब्ज़, भूख न लगना और पाचन संबंधी अन्य समस्याओं में उल्लेखनीय राहत मिलती है।

साइटिका और पीठ दर्द में कमी: कमर और टाँगों के पिछले हिस्से की माँसपेशियों में खिंचाव आने से साइटिका के दर्द में कमी देखी जाती है।

मानसिक शांति और एकाग्रता: नियमित अभ्यास से चिंता व तनाव घटता है और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है।

पश्चिमोत्तानासन करने की सही विधि

सबसे पहले योग मैट पर सीधे बैठ जाएँ और दोनों पैर आगे की ओर सीधे फैलाएँ — एड़ियाँ और अंगूठे एक साथ रहें। कमर सीधी रखते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाएँ और गहरी साँस भरें। अब साँस छोड़ते हुए कमर से आगे की ओर झुकें और हाथों से पैरों के अंगूठे, तलवे या एड़ियाँ पकड़ने की कोशिश करें। माथे को घुटनों से लगाने का प्रयास करें। 20 से 40 सेकंड तक इस मुद्रा में गहरी और धीमी साँसें लेते रहें। इसके बाद साँस भरते हुए धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में वापस आएँ।

किसे बरतनी चाहिए सावधानी

आयुष मंत्रालय के विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि जिन व्यक्तियों को पीठ, कमर या घुटनों की गंभीर समस्या हो, वे योग प्रशिक्षक की सलाह के बाद ही इस आसन का अभ्यास करें। इसके अलावा, गर्भवती महिलाएँ किसी विशेषज्ञ के मार्गदर्शन के बिना यह आसन न करें। गौरतलब है कि आयुष मंत्रालय विश्व योग दिवस से पूर्व प्रतिदिन एक नए आसन की जानकारी देने का क्रम जारी रखे हुए है, ताकि अधिक से अधिक लोग योग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकें।

पश्चिमोत्तानासन का नियमित अभ्यास शरीर का आंतरिक संतुलन बनाए रखने, मन को शांत करने और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक प्रभावशाली कदम साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये डिजिटल गाइड उन करोड़ों लोगों तक पहुँच रही हैं जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है — यानी ग्रामीण और अर्ध-शहरी भारत। विश्व योग दिवस हर साल सुर्खियाँ बटोरता है, लेकिन मंत्रालय के पास यह मापने का कोई सार्वजनिक ढाँचा नहीं है कि इन अभियानों से वास्तविक व्यवहार परिवर्तन हुआ या नहीं। पश्चिमोत्तानासन जैसे आसनों के लाभ वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित हैं, फिर भी बिना प्रशिक्षित प्रशिक्षकों की उपलब्धता के, डिजिटल जानकारी अधूरी रह जाती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिमोत्तानासन क्या है और इसे कैसे करते हैं?
पश्चिमोत्तानासन एक आगे-झुकने वाला योगासन है जिसमें सीधे बैठकर दोनों पैरों की ओर झुका जाता है और पैरों के अंगूठे या एड़ियाँ पकड़ी जाती हैं। आयुष मंत्रालय के अनुसार, इस मुद्रा में 20 से 40 सेकंड तक गहरी साँसें लेते हुए रहना चाहिए।
पश्चिमोत्तानासन के क्या-क्या फायदे हैं?
आयुष मंत्रालय के विशेषज्ञों के अनुसार, यह आसन कोर मसल्स को मज़बूत करता है, नर्वस सिस्टम को शांत करता है, पाचन सुधारता है और साइटिका व पीठ दर्द में राहत देता है। नियमित अभ्यास से मानसिक एकाग्रता भी बढ़ती है।
पश्चिमोत्तानासन किसे नहीं करना चाहिए?
पीठ, कमर या घुटनों की गंभीर समस्या से पीड़ित व्यक्तियों को योग प्रशिक्षक की सलाह के बाद ही यह आसन करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को बिना विशेषज्ञ मार्गदर्शन के यह आसन नहीं करना चाहिए।
आयुष मंत्रालय विश्व योग दिवस से पहले क्यों योगासन की जानकारी दे रहा है?
भारत सरकार का आयुष मंत्रालय विश्व योग दिवस की तैयारी के तहत प्रतिदिन एक नए योगासन की जानकारी और उसके लाभ साझा कर रहा है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित करना है।
पश्चिमोत्तानासन नर्वस सिस्टम को कैसे आराम देता है?
इस आसन के दौरान सांस पर ध्यान केंद्रित करने से पैरासिम्पैथेटिक तंत्रिका तंत्र सक्रिय होता है, जिससे तनाव हार्मोन घटते हैं और पूरा नर्वस सिस्टम रिलैक्स होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यही कारण है कि इसके नियमित अभ्यास से चिंता और मानसिक थकान में कमी आती है।
राष्ट्र प्रेस
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