21 जुलाई 2026
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कोलकाता में कोविड-19 के चार मरीज़ भर्ती, डॉक्टरों ने सतर्कता बरतने की अपील की

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कोलकाता में कोविड-19 के चार मरीज़ भर्ती, डॉक्टरों ने सतर्कता बरतने की अपील की

सारांश

कोलकाता के एक निजी अस्पताल में कोविड-19 के चार मरीज़ भर्ती हैं — जिनमें एक 10 वर्षीय बालक भी शामिल है। दो मरीज़ आईसीयू में थे, अब स्थिति स्थिर है। डॉक्टरों ने ओमिक्रॉन जैसे पैटर्न की पुष्टि करते हुए बुज़ुर्गों और कमज़ोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

मुख्य बातें

कोलकाता के एक निजी अस्पताल में 21 जुलाई 2026 तक कोविड-19 के चार मरीज़ भर्ती हैं।
दो मरीज़ों को ऑक्सीजन स्तर गिरने के कारण आईसीयू में भर्ती करना पड़ा था, अब उनकी स्थिति स्थिर है।
18 जुलाई को गारिया के 10 वर्षीय बालक को कोविड पॉज़िटिव पाए जाने पर आइसोलेशन यूनिट में भर्ती किया गया।
सुभजीत सेन के अनुसार, मौजूदा संक्रमण पैटर्न ओमिक्रॉन लहर जैसा है — अधिकतर मामलों में लक्षण हल्के हैं।
आंध्र प्रदेश में 26 जून से 16 जुलाई के बीच 12 संक्रमित और 4 मौतें (सभी पहले से बीमार); पुणे में भी तीन वर्षों बाद मामले बढ़े।

कोलकाता के एक निजी अस्पताल में 21 जुलाई 2026 तक कोविड-19 से संक्रमित चार मरीज़ भर्ती हैं — जिनमें तीन वयस्क और गारिया निवासी 10 वर्षीय एक बालक शामिल है। चिकित्सकों के अनुसार मौजूदा संक्रमण पैटर्न ओमिक्रॉन लहर से मिलता-जुलता है और अधिकांश मरीज़ों में लक्षण हल्के हैं, हालाँकि दो मरीज़ों को ऑक्सीजन स्तर गिरने के कारण आईसीयू में भर्ती करना पड़ा था।

मुख्य घटनाक्रम

अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सुभजीत सेन ने बताया कि फिलहाल SARS-CoV-2 संक्रमण के तीन मरीज़ों का उपचार जारी है। इनमें से एक मरीज़ ठीक होकर अस्पताल से छुट्टी पा रहा है, जबकि दो मरीज़ों को ऑक्सीजन स्तर कम होने के कारण आईसीयू में भर्ती करना पड़ा था। डॉ. सेन के अनुसार, उपचार का इन पर अच्छा असर हुआ है और अब उनकी स्थिति स्थिर है।

18 जुलाई को गारिया के रहने वाले 10 वर्षीय बालक को बुखार, खाँसी और साँस लेने में तकलीफ के लक्षणों के साथ एक अन्य निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वैब टेस्ट की रिपोर्ट पॉज़िटिव आने पर उसे आईसीयू के आइसोलेशन यूनिट में स्थानांतरित किया गया।

लक्षण और जोखिम

डॉ. सेन के अनुसार, कोविड-19 का मौजूदा स्वरूप ओमिक्रॉन लहर जैसा ही है। अधिकतर मरीज़ों में बुखार, गले में खराश, खाँसी और शरीर में दर्द जैसे ऊपरी श्वसन तंत्र के हल्के लक्षण देखे जा रहे हैं। हालाँकि, बुज़ुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में गंभीर संक्रमण का खतरा अधिक बना रहता है।

डॉक्टरों की सलाह

डॉ. सेन ने स्पष्ट किया, "घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है, क्योंकि समय पर चिकित्सा देखभाल मिलने से अधिकतर मरीज़ ठीक हो जाते हैं।" उन्होंने लोगों को भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने, अनावश्यक भीड़ से बचने और लक्षण बिगड़ने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी।

राष्ट्रीय परिदृश्य

यह ऐसे समय में आया है जब देश के अन्य हिस्सों में भी कोविड-19 के मामले सामने आ रहे हैं। आंध्र प्रदेश में 26 जून से 16 जुलाई के बीच 12 लोग कोविड संक्रमित पाए गए, और पहले से अन्य बीमारियों से जूझ रहे 4 मरीज़ों की मृत्यु हो गई। इसके अलावा, पुणे में लगभग तीन वर्षों के बाद कोविड-19 के मामले फिर से बढ़ रहे हैं — पिछले 10 दिनों में वहाँ नए मरीज़ों की पहचान की गई है।

आगे क्या

चिकित्सकों का कहना है कि स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन सतर्कता ज़रूरी है। गौरतलब है कि मौसमी वायरल इन्फेक्शन, विशेष रूप से इन्फ्लूएंजा और कोविड-19, के मामलों में एक साथ बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव बढ़ सकता है। विशेषज्ञ जन-स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संकेत देता है कि कोविड-19 एक बार फिर मौसमी चक्र में प्रवेश कर रहा है। चिंताजनक बात यह है कि इस बार संक्रमण बच्चों को भी प्रभावित कर रहा है, जो पहले अपेक्षाकृत कम जोखिम में माने जाते थे। स्वास्थ्य तंत्र की तैयारी और जन-जागरूकता अभियानों की अनुपस्थिति एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। 'घबराएँ नहीं, सतर्क रहें' का संदेश तभी प्रभावी होगा जब सरकारी स्तर पर निगरानी और परीक्षण की व्यवस्था पारदर्शी हो।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता में कोविड-19 के कितने मरीज़ अभी भर्ती हैं?
21 जुलाई 2026 तक कोलकाता के एक निजी अस्पताल में कोविड-19 के चार मरीज़ भर्ती हैं — जिनमें तीन वयस्क और एक 10 वर्षीय बालक शामिल हैं। इनमें से एक मरीज़ ठीक होकर डिस्चार्ज हो रहा है और दो की स्थिति अब स्थिर बताई गई है।
कोलकाता में भर्ती 10 साल के बच्चे की क्या स्थिति है?
गारिया निवासी 10 वर्षीय बालक को 18 जुलाई को बुखार, खाँसी और साँस लेने में तकलीफ के साथ भर्ती किया गया था। स्वैब टेस्ट पॉज़िटिव आने पर उसे आईसीयू के आइसोलेशन यूनिट में स्थानांतरित किया गया। उसकी वर्तमान स्थिति के बारे में अस्पताल ने अलग से जानकारी नहीं दी है।
कोविड-19 के मौजूदा लक्षण क्या हैं और किन्हें ज़्यादा खतरा है?
डॉ. सुभजीत सेन के अनुसार, मौजूदा संक्रमण में बुखार, गले में खराश, खाँसी और शरीर में दर्द जैसे हल्के ऊपरी श्वसन तंत्र के लक्षण देखे जा रहे हैं। बुज़ुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में गंभीर संक्रमण का खतरा अधिक है।
क्या भारत के अन्य राज्यों में भी कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं?
हाँ, आंध्र प्रदेश में 26 जून से 16 जुलाई के बीच 12 लोग संक्रमित पाए गए और पहले से बीमार 4 मरीज़ों की मृत्यु हुई। पुणे में भी लगभग तीन वर्षों के बाद पिछले 10 दिनों में नए मामले सामने आए हैं।
कोविड-19 से बचाव के लिए डॉक्टरों ने क्या सावधानियाँ बताई हैं?
चिकित्सकों ने भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने, अनावश्यक भीड़ से बचने और लक्षण बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेने की सलाह दी है। उनका कहना है कि समय पर इलाज मिलने पर अधिकतर मरीज़ ठीक हो जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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