सीपीआई ने टीवीके सरकार से महिला सुरक्षा पर सख्त कार्रवाई की माँग की, करूर राहत का स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) के तमिलनाडु राज्य सचिव एम. वीरपांडियन ने सोमवार, 6 जुलाई को सत्तारूढ़ तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) सरकार से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने का स्पष्ट आग्रह किया। तिरुची में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यौन अपराधों से तत्काल और कड़ाई से निपटना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
महिला सुरक्षा पर सीपीआई का कड़ा रुख
वीरपांडियन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराध किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने सरकार, पुलिस और खुफिया एजेंसियों से ऐसे अपराधों की रोकथाम में अधिक सक्रियता और जवाबदेही दिखाने का आह्वान किया। उनका यह बयान टीवीके के सत्ता संभालने के बाद तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर उठे सवालों के जवाब में आया।
कानून-व्यवस्था में देरी अस्वीकार्य
सीपीआई नेता ने यह भी स्वीकार किया कि नव निर्वाचित सरकार को विधानसभा चुनाव से पहले किए गए सभी वादे पूरे करने में समय लग सकता है। परंतु उन्होंने साफ कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं है — सार्वजनिक सुरक्षा को प्रभावित करने वाले अपराधों पर तत्काल कार्रवाई अनिवार्य है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को लेकर विपक्षी दल सरकार पर दबाव बना रहे हैं।
मेकेदातु परियोजना पर केंद्र की निष्क्रियता की आलोचना
वीरपांडियन ने मेकेदातु के बहुप्रतीक्षित मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कावेरी नदी पर प्रस्तावित पेयजल-सह-संतुलन जलाशय के मामले में केंद्र सरकार की चुप्पी की कड़ी आलोचना की। उनके अनुसार, केंद्र को मूक दर्शक बने रहने के बजाय इस अंतर-राज्यीय विवाद में सक्रिय मध्यस्थ की भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि इस परियोजना पर निर्णय में और देरी से तमिलनाडु के किसानों का जल संकट और गहरा हो सकता है, साथ ही संघीय संबंधों और राष्ट्रीय एकता पर भी इसका व्यापक प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक को मौजूदा व्यवस्था के तहत तमिलनाडु को कावेरी का पानी समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना चाहिए।
करूर भगदड़ पीड़ित परिवारों को नौकरी देने का स्वागत
सीपीआई नेता ने पिछले साल हुई करूर भगदड़ में अपने प्रियजन गँवाने वाले प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के तमिलनाडु सरकार के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने इसे एक मानवीय और सराहनीय कदम बताया और कहा कि सीपीआई इस निर्णय का पूर्ण समर्थन करती है।
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की 10 जुलाई को करूर यात्रा के दौरान इन नियुक्तियों की औपचारिक घोषणा किए जाने की उम्मीद है। यह कदम सरकार के उस वादे की दिशा में एक ठोस पहल माना जा रहा है जो उसने भगदड़ पीड़ित परिवारों से किया था।