26 जुलाई 2026
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केरल चुनावी हार पर सीपीआई(एम) का आत्ममंथन: अगस्त में बड़ी बैठक, 'पुथुवाझिकल' से जनता के सुझाव

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केरल चुनावी हार पर सीपीआई(एम) का आत्ममंथन: अगस्त में बड़ी बैठक, 'पुथुवाझिकल' से जनता के सुझाव

सारांश

केरल विधानसभा चुनाव में हार के बाद सीपीआई(एम) ने आत्ममंथन शुरू किया है — 40,000 इकाइयों की रिपोर्ट, अगस्त में संगठनात्मक बैठक और 'पुथुवाझिकल' अभियान के ज़रिये जनता से सुझाव। पार्टी ने हार की गंभीरता स्वीकारी और भाजपा-कांग्रेस के अप्रत्यक्ष सहयोग को भी ज़िम्मेदार ठहराया।

मुख्य बातें

सीपीआई(एम) की राज्य समिति ने केरल विधानसभा चुनाव की समीक्षा रिपोर्ट सर्वसम्मति से स्वीकार की।
राज्यभर की लगभग 40,000 इकाइयों ने अपनी समीक्षा रिपोर्ट जमा की; हार की गंभीरता का सही आकलन न हो पाने की बात स्वीकारी।
संगठन की भावी दिशा तय करने के लिए अगस्त 2025 में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी।
जनता से सुझाव लेने के लिए 'पुथुवाझिकल' नाम से व्हाट्सएप नंबर और ईमेल आईडी जारी।
सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले में गिरफ्तार ए.
पद्माकुमार को पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से हटाया गया।
वीणा विजयन को ईडी नोटिस को पार्टी ने 'व्यक्तिगत मामला' बताया; राजनीतिक संबंध जोड़ने की कोशिश का विरोध किया।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी — सीपीआई(एम) — ने केरल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद संगठनात्मक आत्ममंथन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। पार्टी की राज्य समिति ने चुनाव समीक्षा रिपोर्ट सर्वसम्मति से स्वीकार की और अगस्त 2025 में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही पार्टी ने 'पुथुवाझिकल' नाम से एक व्हाट्सएप नंबर और ईमेल आईडी जारी कर जनता से सीधे सुझाव माँगे हैं।

समीक्षा रिपोर्ट: हार की स्वीकृति और कारणों का विश्लेषण

पार्टी के अनुसार, राज्यभर की लगभग 40,000 इकाइयों ने अपनी-अपनी समीक्षा रिपोर्ट जमा की है। इन रिपोर्टों के आधार पर हार के कारणों का विस्तृत विश्लेषण किया गया। सीपीआई(एम) ने स्वीकार किया कि चुनाव में पार्टी को बड़ा झटका लगा और राज्य समिति हार की गंभीरता का सही आकलन करने में पूरी तरह सफल नहीं रही।

पार्टी का मानना है कि भारत समेत दुनिया भर में दक्षिणपंथी ताकतों का प्रभाव बढ़ा है, जिसका असर केरल की राजनीति पर भी पड़ा। पार्टी ने यह भी माना कि एलडीएफ सरकार के कामकाज को आम तौर पर जनस्वीकृति मिली थी, लेकिन निर्माण क्षेत्र और पारंपरिक रोज़गार से जुड़े वर्गों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा सका।

वोट-ट्रांसफर और कांग्रेस-भाजपा पर आरोप

सीपीआई(एम) ने कहा कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वोट कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ को स्थानांतरित हुए। पार्टी के अनुसार, कुछ सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के बीच अप्रत्यक्ष सहयोग भी देखने को मिला। पार्टी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के कुछ बयानों और कांग्रेस की नीतियों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस की प्राथमिकता केवल सत्ता हासिल करना है।

सीपीआई(एम) ने यह भी माना कि सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाले कुछ बयानों का प्रभावी ढंग से मुकाबला नहीं किया जा सका, जिससे गलत संदेश गया। साथ ही सरकार की उपलब्धियों और कल्याणकारी योजनाओं को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने में कमी को भी स्वीकार किया गया।

मौजूदा सरकार पर निशाना

पार्टी ने मौजूदा सरकार पर आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान किए गए वादों के विपरीत फैसले लिए जा रहे हैं। निजीकरण को बढ़ावा देने और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को कमज़ोर करने की दिशा में कदम उठाए जाने का आरोप लगाया गया। कुछ प्रशासनिक नियुक्तियों को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं।

पद्माकुमार और वीणा विजयन प्रकरण

सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले में गिरफ्तार किए गए देवास्वोम बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष ए. पद्माकुमार को पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से हटा दिया गया है। वीणा विजयन को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से भेजे गए नोटिस पर पार्टी ने कहा कि यह मामला व्यक्तिगत है और वे स्वयं इसका जवाब देंगी। सीपीआई(एम) ने स्पष्ट किया कि इस मामले को पार्टी से जोड़ने की किसी भी राजनीतिक कोशिश का विरोध किया जाएगा।

आगे की राह: 'पुथुवाझिकल' और अगस्त की बैठक

जनता से सीधे संवाद के लिए जारी किए गए 'पुथुवाझिकल' अभियान के ज़रिये आम लोग संगठन और राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों पर अपने सुझाव दे सकेंगे। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि सभी चुनौतियों के बावजूद सीपीआई(एम) वामपंथी विचारधारा के साथ आगे बढ़ती रहेगी। अगस्त 2025 की बैठक में संगठन की भावी दिशा तय की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन संरचनात्मक बदलाव दुर्लभ रहते हैं। 40,000 इकाइयों की रिपोर्ट और 'पुथुवाझिकल' जैसे डिजिटल अभियान नई पीढ़ी तक पहुँचने की कोशिश दर्शाते हैं, मगर असली परीक्षा यह है कि पार्टी निर्माण क्षेत्र और पारंपरिक रोज़गार से जुड़े वर्गों की शिकायतों का ठोस जवाब दे पाती है या नहीं। भाजपा-कांग्रेस के 'अप्रत्यक्ष सहयोग' का आरोप राजनीतिक सुविधा के लिए है, लेकिन एलडीएफ सरकार की अपनी संचार विफलताओं और विवादित बयानों की जिम्मेदारी से बचना दीर्घकालिक पुनरुद्धार को कठिन बनाएगा।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीपीआई(एम) ने केरल चुनाव में हार के क्या कारण माने हैं?
पार्टी ने कई कारण गिनाए हैं — दक्षिणपंथी ताकतों का बढ़ता प्रभाव, भाजपा के वोटों का यूडीएफ को स्थानांतरण, निर्माण क्षेत्र और पारंपरिक रोज़गार वर्गों की उपेक्षा, तथा सरकारी उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से जनता तक न पहुँचा पाना। पार्टी ने यह भी माना कि सांप्रदायिक तनाव वाले बयानों का मुकाबला नहीं किया जा सका।
'पुथुवाझिकल' अभियान क्या है?
'पुथुवाझिकल' सीपीआई(एम) द्वारा शुरू किया गया एक जन-संवाद अभियान है, जिसके तहत व्हाट्सएप नंबर और ईमेल आईडी जारी की गई है। इसके ज़रिये आम नागरिक संगठन की दिशा और राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों पर अपने सुझाव सीधे पार्टी को भेज सकते हैं।
सीपीआई(एम) की अगस्त 2025 की बैठक में क्या होगा?
अगस्त 2025 में होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी संगठन की भावी दिशा तय करेगी। 40,000 इकाइयों की समीक्षा रिपोर्ट और 'पुथुवाझिकल' अभियान से मिले जनसुझावों को इस बैठक में आधार बनाया जाएगा।
ए. पद्माकुमार को पार्टी से क्यों हटाया गया?
देवास्वोम बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष ए. पद्माकुमार को सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले में गिरफ्तारी के बाद सीपीआई(एम) की सभी पार्टी जिम्मेदारियों से हटा दिया गया है।
वीणा विजयन को ईडी नोटिस पर सीपीआई(एम) का क्या रुख है?
सीपीआई(एम) ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का नोटिस वीणा विजयन का व्यक्तिगत मामला है और वे स्वयं इसका जवाब देंगी। पार्टी ने स्पष्ट किया कि इस मामले को सीपीआई(एम) से राजनीतिक रूप से जोड़ने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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