केरल चुनाव हार पर CPI-M का आत्म-मंथन: MV गोविंदन ने 'अप्रत्याशित परिणाम' स्वीकार किया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के केरल राज्य सचिव एमवी गोविंदन ने मंगलवार, 9 जून को स्वीकार किया कि पार्टी को हाल के राज्य विधानसभा चुनावों में 'अप्रत्याशित हार' का सामना करना पड़ा और वह अपने चुनावी परिणाम का पूर्वानुमान लगाने में विफल रही। तिरुवनंतपुरम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गोविंदन ने यह भी कहा कि पार्टी ने आत्म-मूल्यांकन प्रक्रिया में सामने आई आलोचनाओं को पूरी तरह स्वीकार कर लिया है।
समीक्षा रिपोर्ट को सर्वसम्मति से मंजूरी
गोविंदन ने बताया कि पार्टी की लगभग 40,000 इकाइयों के लाखों कार्यकर्ताओं से राय लेने के बाद तैयार की गई विधानसभा चुनाव समीक्षा रिपोर्ट को दो दिवसीय राज्य समिति बैठक के बाद सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। यह प्रक्रिया पार्टी के व्यापक जमीनी स्तर के संवाद का हिस्सा रही, जिसमें जन-भागीदारी पर विशेष ज़ोर दिया गया।
आगे की रणनीति और कार्य योजना
राज्य सचिव ने जानकारी दी कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के मद्देनज़र पार्टी की कार्य योजना तैयार करने के लिए राज्य समिति की एक विस्तारित बैठक बुलाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, अगस्त में जिला स्तरीय नेताओं और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की एक अलग बैठक भी आयोजित की जाएगी। पार्टी संगठनात्मक ढाँचे से बाहर के लोगों के विचार जानने और जन समर्थन जुटाने का भी प्रयास करेगी — इसके लिए व्हाट्सएप और ईमेल के ज़रिए सुझाव आमंत्रित किए जाएँगे।
हार के कारण: पारंपरिक क्षेत्रों की अनदेखी
गोविंदन ने माना कि वामपंथी लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) सरकार के प्रदर्शन को आम तौर पर जनता की स्वीकृति मिली थी, लेकिन जमीनी चर्चाओं से यह स्पष्ट हुआ कि निर्माण क्षेत्र सहित पारंपरिक क्षेत्रों में आम लोगों की समस्याओं का समुचित समाधान नहीं हो सका। उनके अनुसार, यही कारण रहा कि चुनावों में LDF को प्रतिकूल परिणामों का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि यह स्वीकारोक्ति किसी भी वामपंथी सरकार के लिए असामान्य नहीं है, लेकिन इस स्तर पर सार्वजनिक आत्म-आलोचना पार्टी के भीतर गहरी बेचैनी का संकेत देती है।
भाजपा-कांग्रेस गठजोड़ का आरोप
गोविंदन ने आरोप लगाया कि लगभग 30 निर्वाचन क्षेत्रों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वोट संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (UDF) को मिले, जबकि कुछ सीटों पर UDF के वोट BJP को स्थानांतरित हुए। उन्होंने दावा किया कि UDF सरकार के सत्ता में आने के कुछ ही दिनों में BJP-कांग्रेस का यह अनौपचारिक समझौता स्पष्ट हो गया था। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा LDF और CPI-M पर किए गए हमले उनकी पार्टी के राज्य नेतृत्व के निर्देश पर हुए थे।
वैश्विक दक्षिणपंथी उभार का संदर्भ
गोविंदन ने यह भी रेखांकित किया कि वर्तमान में पूरी दुनिया में दक्षिणपंथी प्रभाव में वृद्धि देखी जा रही है, जिसे उन्होंने केरल के चुनावी परिदृश्य के व्यापक संदर्भ के रूप में प्रस्तुत किया। आने वाले महीनों में पार्टी की पुनर्गठन प्रक्रिया और जन-संपर्क अभियान यह तय करेंगे कि CPI-M अपनी खोई ज़मीन वापस पाने में कहाँ तक सफल होती है।