सीपीआई (एम) केरल राज्य समिति की कोझिकोड में तीन दिवसीय बैठक, विधानसभा हार की होगी गहन समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई (एम) — की केरल राज्य समिति रविवार, 13 सितंबर 2026 को कोझिकोड में एक महत्वपूर्ण तीन दिवसीय बैठक शुरू कर रही है, जो हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी की बड़ी हार के बाद आत्म-मूल्यांकन और पुनर्गठन की दिशा में उठाया गया अहम कदम है। इस बैठक का उद्घाटन पार्टी के महासचिव एम.ए. बेबी पार्टी के जिला कमिटी कार्यालय से जुड़े एकेजी ऑडिटोरियम में करेंगे।
बैठक का उद्देश्य और एजेंडा
इस तीन दिवसीय विचार-विमर्श में पार्टी के राजनीतिक, वैचारिक और संगठनात्मक कमज़ोरियों की पड़ताल की जाएगी, जिनके कारण चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। उम्मीद है कि नेतृत्व अपने कामकाज का आलोचनात्मक और आत्म-आलोचनात्मक मूल्यांकन प्रस्तुत करेगा। इसमें तात्कालिक कारणों के साथ-साथ पार्टी की गहरी संरचनात्मक कमियों पर भी विचार होगा।
चर्चा के केंद्र में पार्टी की राजनीतिक संदेश-प्रणाली, चुनाव प्रचार की रणनीति, संगठनात्मक तालमेल और बदलती जन-आकांक्षाओं को समझने की क्षमता जैसे विषय रहने की संभावना है। इसके अलावा, नेतृत्व, पार्टी इकाइयों और आम जनता के बीच संवाद को सुदृढ़ करने के लिए सुधारात्मक कदमों पर विशेष ध्यान दिए जाने की अपेक्षा है।
प्रतिनिधि और वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति
इस बैठक में कुल 307 प्रतिनिधि भाग लेंगे। केरल से पोलित ब्यूरो सदस्यों में एम.ए. बेबी, पिनाराई विजयन, एम.वी. गोविंदन और ए. विजयराघवन शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, पाँच अन्य पोलित ब्यूरो सदस्य — के. बालकृष्णन, बी.वी. राघवलु, अशोक धवले, विजू कृष्णन और यू. वासुकी — पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित रहेंगे।
केरल से केंद्रीय समिति के सदस्य, राज्य सचिवालय और राज्य समिति के सदस्य, जिला सचिवालय के सदस्य एवं सहयोगी संगठनों के पदाधिकारी भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे।
परंपरागत प्रक्रिया से अलग हटकर अपनाया गया बॉटम-अप दृष्टिकोण
गौरतलब है कि सीपीआई (एम) ने इस बार अपनी पारंपरिक समीक्षा पद्धति से हटकर एक नई कार्यशैली अपनाई। सामान्यतः राज्य समिति पहले प्रारंभिक समीक्षा तैयार करती है और उसे निचली समितियों में चर्चा के लिए भेजती है। किंतु इस बार पार्टी ने सर्वप्रथम अलग-अलग स्तरों पर संगठनात्मक इकाइयों की राय ली।
पार्टी ने हार के कारणों और अपने कामकाज के बारे में आम जनता से भी सीधे फीडबैक लिया। उन जवाबों, आंतरिक चर्चाओं और केंद्रीय समिति के दिशा-निर्देशों को समाहित कर एक समीक्षा रिपोर्ट तैयार की गई। राज्य समिति ने इस दस्तावेज़ की जाँच कर उसे मंजूरी दी, और फिर इसे पार्टी की इकाइयों में वितरित किया गया। उस प्रक्रिया के दौरान प्राप्त अंतिम रिपोर्ट और फीडबैक ही कोझिकोड की तीन दिवसीय बैठक की बुनियाद बनेंगे।
आगे की राह
यह बैठक सीपीआई (एम) के लिए एक निर्णायक मोड़ मानी जा रही है, क्योंकि पार्टी अपनी राजनीतिक दिशा पुनर्निर्धारित करने, ज़मीनी स्तर पर संगठन को पुनर्जीवित करने और मतदाताओं से नए सिरे से संबंध जोड़ने की कोशिश में जुटी है। बैठक के नतीजे यह तय करेंगे कि पार्टी आने वाले समय में किस रणनीतिक दिशा में आगे बढ़ेगी।