29 अक्टूबर 2026
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बेंगलुरु के मशहूर CTR मल्लेश्वरम में मसाला डोसा में कॉकरोच मिलने का आरोप, होटल ने माँगी माफ़ी

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बेंगलुरु के मशहूर CTR मल्लेश्वरम में मसाला डोसा में कॉकरोच मिलने का आरोप, होटल ने माँगी माफ़ी

सारांश

बेंगलुरु का सात दशक पुराना रेस्तराँ CTR मल्लेश्वरम एक वायरल वीडियो के बाद विवाद में घिर गया, जिसमें मसाला डोसे में कॉकरोच मिलने का दावा किया गया। होटल ने माफ़ी माँगी और रसोई निरीक्षण का आश्वासन दिया, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह पर्याप्त है।

मुख्य बातें

CTR मल्लेश्वरम , बेंगलुरु में परोसे गए मसाला डोसा में कॉकरोच मिलने का आरोप 29 अक्टूबर 2026 को सामने आया।
एक उपयोगकर्ता द्वारा शेयर किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें डोसे के अंदर कॉकरोच दिखाई देने का दावा किया गया।
शिकायत पर स्टाफ ने कथित तौर पर केवल डोसा बदलने की पेशकश की, स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया।
CTR प्रबंधन ने सार्वजनिक माफ़ीनामा जारी कर रसोई निरीक्षण और सुधारात्मक कदमों का आश्वासन दिया।
CTR की स्थापना 1952 में हुई थी और यह बेने मसाला डोसा के लिए देशभर में प्रसिद्ध है।

बेंगलुरु के ऐतिहासिक रेस्तराँ सेंट्रल टिफिन रूम (CTR), मल्लेश्वरम में परोसे गए मसाला डोसा में कॉकरोच मिलने का आरोप लगा है, जिसके बाद खाद्य स्वच्छता को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। यह मामला 29 अक्टूबर 2026 को तब सामने आया जब एक उपयोगकर्ता ने एक वीडियो ऑनलाइन शेयर किया, जिसमें डोसे के अंदर कॉकरोच दिखाई देने का दावा किया गया। वीडियो के वायरल होते ही होटल प्रबंधन ने तत्काल माफ़ीनामा जारी किया।

क्या है पूरा मामला

आरोप लगाने वाले उपयोगकर्ता ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि CTR मल्लेश्वरम में परोसे गए मसाला डोसे में कॉकरोच पाया गया। उपयोगकर्ता के अनुसार, जब उन्होंने रेस्तराँ के कर्मचारियों से शिकायत की, तो स्टाफ ने स्वच्छता संबंधी चिंताओं को गंभीरता से लेने के बजाय केवल डोसा बदलने की पेशकश की। इस रवैये से असंतुष्ट होकर उन्होंने वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो कुछ ही घंटों में वायरल हो गया।

होटल की प्रतिक्रिया और माफ़ीनामा

वीडियो के व्यापक प्रसार के बाद CTR के प्रबंधन ने एक विस्तृत बयान जारी किया। रेस्तराँ ने अपने नोट में लिखा, 'डियर बेंगलुरु, हमें हमारे मल्लेश्वरम आउटलेट में हेल्थ और सेफ्टी स्टैंडर्ड को लेकर ऑनलाइन वायरल हो रहे वीडियो की जानकारी है और सबसे पहले हम प्रभावित लोगों से दिल से माफी मांगना चाहते हैं।'

होटल ने आगे कहा, 'इसके लिए कोई बहाना नहीं है, फूड सेफ्टी और हाइजीन हमारे लिए गैर-समझौतावादी है और हमने तुरंत सख्त कदम उठाते हुए अपनी किचन का निरीक्षण किया है और यह सुनिश्चित किया है कि ऐसा दोबारा कभी न हो।'

CTR की विरासत और ग्राहकों से अपील

CTR ने अपने बयान में भावनात्मक अपील भी की। रेस्तराँ ने लिखा, 'पीढ़ियों से CTR सिर्फ डोसा खाने की जगह नहीं रहा है, यह आपकी सुबह, आपकी मुलाकातों और आपकी जिंदगी का हिस्सा रहा है।' प्रबंधन ने ग्राहकों के भरोसे को बनाए रखने का संकल्प दोहराया और कहा कि उनकी हर शिकायत सुनी जा रही है।

CTR की ऐतिहासिक पहचान

गौरतलब है कि CTR की स्थापना 1952 में हुई थी और यह अपने बेने मसाला डोसा के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। 2023 में यह रेस्तराँ राष्ट्रीय सुर्खियों में आया था, जब क्रिकेटर विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा इस प्रतिष्ठित जगह पर लंच के लिए पहुँचे थे। सात दशकों से अधिक की विरासत वाला यह रेस्तराँ बेंगलुरु की खाद्य संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा माना जाता है।

खाद्य सुरक्षा पर उठे सवाल

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता मानकों को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं। आलोचकों का कहना है कि केवल माफ़ी पर्याप्त नहीं है और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा स्वतंत्र निरीक्षण होना चाहिए। यह देखना होगा कि क्या संबंधित अधिकारी इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हैं और क्या CTR अपने रसोई मानकों की पारदर्शी समीक्षा करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उतना ही यह सवाल उठाता है कि क्या सात दशक पुरानी प्रतिष्ठा की आड़ में खाद्य सुरक्षा मानकों से समझौता होता रहा। असली जवाबदेही यह नहीं है कि होटल ने 'दिल से माफ़ी माँगी', बल्कि यह है कि क्या खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने स्वतंत्र निरीक्षण किया। भारत के कई नामी रेस्तराँ ऐसे विवादों के बाद सोशल मीडिया पर भावनात्मक बयान देकर संकट से निकल जाते हैं, लेकिन संरचनात्मक सुधार नहीं होते। CTR को अपनी विरासत बचानी है तो केवल 'किचन निरीक्षण का आश्वासन' नहीं, बल्कि पारदर्शी, सत्यापन-योग्य खाद्य सुरक्षा ऑडिट सार्वजनिक करने होंगे।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CTR मल्लेश्वरम में क्या हुआ?
बेंगलुरु के प्रसिद्ध रेस्तराँ CTR मल्लेश्वरम में परोसे गए मसाला डोसे में कॉकरोच मिलने का आरोप लगाया गया। एक उपयोगकर्ता ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जो वायरल हो गया।
CTR ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
CTR प्रबंधन ने वायरल वीडियो के बाद सार्वजनिक माफ़ीनामा जारी किया। होटल ने कहा कि रसोई का तत्काल निरीक्षण किया गया है और यह सुनिश्चित किया गया है कि ऐसी घटना दोबारा न हो।
CTR बेंगलुरु कितना पुराना है और यह क्यों प्रसिद्ध है?
सेंट्रल टिफिन रूम (CTR) की स्थापना 1952 में हुई थी और यह अपने बेने मसाला डोसा के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। 2023 में क्रिकेटर विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा के यहाँ आने के बाद यह राष्ट्रीय सुर्खियों में भी आया था।
क्या ग्राहक की शिकायत पर तुरंत कोई कार्रवाई हुई?
आरोप लगाने वाले उपयोगकर्ता के अनुसार, शिकायत करने पर रेस्तराँ के स्टाफ ने केवल डोसा बदलने की पेशकश की और स्वच्छता संबंधी चिंताओं को उचित तरीके से नहीं सुना गया। इसी असंतोष के बाद वीडियो सोशल मीडिया पर डाला गया।
इस घटना के बाद खाद्य सुरक्षा को लेकर क्या सवाल उठे हैं?
इस मामले ने बेंगलुरु और देश के अन्य प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता मानकों पर बहस छेड़ दी है। आलोचकों का कहना है कि केवल सार्वजनिक माफ़ी पर्याप्त नहीं है और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा स्वतंत्र निरीक्षण होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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