बेंगलुरु के मशहूर CTR मल्लेश्वरम में मसाला डोसा में कॉकरोच मिलने का आरोप, होटल ने माँगी माफ़ी
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु के ऐतिहासिक रेस्तराँ सेंट्रल टिफिन रूम (CTR), मल्लेश्वरम में परोसे गए मसाला डोसा में कॉकरोच मिलने का आरोप लगा है, जिसके बाद खाद्य स्वच्छता को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। यह मामला 29 अक्टूबर 2026 को तब सामने आया जब एक उपयोगकर्ता ने एक वीडियो ऑनलाइन शेयर किया, जिसमें डोसे के अंदर कॉकरोच दिखाई देने का दावा किया गया। वीडियो के वायरल होते ही होटल प्रबंधन ने तत्काल माफ़ीनामा जारी किया।
क्या है पूरा मामला
आरोप लगाने वाले उपयोगकर्ता ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि CTR मल्लेश्वरम में परोसे गए मसाला डोसे में कॉकरोच पाया गया। उपयोगकर्ता के अनुसार, जब उन्होंने रेस्तराँ के कर्मचारियों से शिकायत की, तो स्टाफ ने स्वच्छता संबंधी चिंताओं को गंभीरता से लेने के बजाय केवल डोसा बदलने की पेशकश की। इस रवैये से असंतुष्ट होकर उन्होंने वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो कुछ ही घंटों में वायरल हो गया।
होटल की प्रतिक्रिया और माफ़ीनामा
वीडियो के व्यापक प्रसार के बाद CTR के प्रबंधन ने एक विस्तृत बयान जारी किया। रेस्तराँ ने अपने नोट में लिखा, 'डियर बेंगलुरु, हमें हमारे मल्लेश्वरम आउटलेट में हेल्थ और सेफ्टी स्टैंडर्ड को लेकर ऑनलाइन वायरल हो रहे वीडियो की जानकारी है और सबसे पहले हम प्रभावित लोगों से दिल से माफी मांगना चाहते हैं।'
होटल ने आगे कहा, 'इसके लिए कोई बहाना नहीं है, फूड सेफ्टी और हाइजीन हमारे लिए गैर-समझौतावादी है और हमने तुरंत सख्त कदम उठाते हुए अपनी किचन का निरीक्षण किया है और यह सुनिश्चित किया है कि ऐसा दोबारा कभी न हो।'
CTR की विरासत और ग्राहकों से अपील
CTR ने अपने बयान में भावनात्मक अपील भी की। रेस्तराँ ने लिखा, 'पीढ़ियों से CTR सिर्फ डोसा खाने की जगह नहीं रहा है, यह आपकी सुबह, आपकी मुलाकातों और आपकी जिंदगी का हिस्सा रहा है।' प्रबंधन ने ग्राहकों के भरोसे को बनाए रखने का संकल्प दोहराया और कहा कि उनकी हर शिकायत सुनी जा रही है।
CTR की ऐतिहासिक पहचान
गौरतलब है कि CTR की स्थापना 1952 में हुई थी और यह अपने बेने मसाला डोसा के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। 2023 में यह रेस्तराँ राष्ट्रीय सुर्खियों में आया था, जब क्रिकेटर विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा इस प्रतिष्ठित जगह पर लंच के लिए पहुँचे थे। सात दशकों से अधिक की विरासत वाला यह रेस्तराँ बेंगलुरु की खाद्य संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा माना जाता है।
खाद्य सुरक्षा पर उठे सवाल
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता मानकों को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं। आलोचकों का कहना है कि केवल माफ़ी पर्याप्त नहीं है और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा स्वतंत्र निरीक्षण होना चाहिए। यह देखना होगा कि क्या संबंधित अधिकारी इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हैं और क्या CTR अपने रसोई मानकों की पारदर्शी समीक्षा करता है।