दम दम विधानसभा 2026: भाजपा के अरिजीत बख्शी ने 25,273 वोटों से TMC के ब्रात्य बसु को हराया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार अरिजीत बख्शी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में दम दम विधानसभा सीट पर 99,181 वोट हासिल कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ उम्मीदवार एवं कैबिनेट मंत्री ब्रात्य बसु 73,908 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे, जबकि जीत का अंतर 25,273 वोट रहा। इस सीट पर कुल 9 उम्मीदवार मैदान में थे।
मुख्य चुनाव परिणाम
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीआईएम के उम्मीदवार मयूख बिस्वास 20,576 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। 4 मई 2026 को घोषित इस परिणाम ने दम दम सीट पर TMC के लगातार तीन चुनावों की जीत के सिलसिले को तोड़ दिया। यह भाजपा के लिए इस शहरी सीट पर पहली जीत मानी जा रही है।
दम दम सीट का राजनीतिक इतिहास
कोलकाता महानगर क्षेत्र के अंतर्गत उत्तर 24 परगना जिले में स्थित दम दम एक सामान्य श्रेणी का पूर्णतः शहरी विधानसभा क्षेत्र है। राजनीतिक रूप से यह सीट दशकों तक सीपीआईएम का गढ़ रही, जिसने यहाँ नौ बार जीत दर्ज की — इनमें 1962 में अविभाजित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की एक जीत भी शामिल है। कांग्रेस ने इस सीट पर दो बार और प्रजा सोशलिस्ट पार्टी ने एक बार जीत हासिल की। तृणमूल कांग्रेस ने यहाँ चार बार जीत दर्ज की, जिसमें पहली जीत 2001 में हुई और 2011 से लगातार तीन चुनावों में ब्रात्य बसु उम्मीदवार रहे।
ब्रात्य बसु का राजनीतिक सफर
ब्रात्य बसु एक प्रसिद्ध बंगाली फिल्म अभिनेता हैं और ममता बनर्जी सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने 2011 में सीपीआईएम के गौतम देब को 31,497 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। 2016 में सीपीआईएम के पलाश दास के मैदान में आने से मुकाबला कड़ा हुआ और जीत का अंतर घटकर 9,316 वोट रह गया। 2021 में बसु ने भाजपा के बिमल शंकर नंदा को 26,731 वोटों से हराकर अपनी पकड़ बनाए रखी थी।
मतदाता आँकड़े और मतदान प्रतिशत
2024 में दम दम विधानसभा क्षेत्र में 2,56,146 पंजीकृत मतदाता थे, जबकि 2021 में यह संख्या 2,47,858 और 2019 में 2,32,545 थी। अनुसूचित जाति के मतदाता यहाँ लगभग 12.72 प्रतिशत हैं, जबकि मुस्लिम मतदाताओं की हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम है। गौरतलब है कि मतदान प्रतिशत में लगातार गिरावट दर्ज की गई है — 2011 में 80.83%, 2016 में 79.13%, 2019 में 77.46% और 2021 में 74.75% मतदान हुआ था।
आगे क्या
इस परिणाम के साथ भाजपा ने कोलकाता के शहरी इलाकों में अपनी पैठ मज़बूत करने का संकेत दिया है। दम दम जैसी TMC की परंपरागत सीटों पर भाजपा की यह जीत पश्चिम बंगाल की बदलती राजनीतिक दिशा का संकेत हो सकती है, जिस पर आगामी दिनों में सभी दलों की नज़र रहेगी।