29 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दरभंगा के जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पर गिरी आकाशीय बिजली, शिखर और त्रिशूल क्षतिग्रस्त; 25 श्रद्धालु बाल-बाल बचे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दरभंगा के जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पर गिरी आकाशीय बिजली, शिखर और त्रिशूल क्षतिग्रस्त; 25 श्रद्धालु बाल-बाल बचे

सारांश

दरभंगा के होरलपट्टी गांव स्थित ऐतिहासिक जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पर 29 जून की रात 11 बजे आकाशीय बिजली गिरी। गुंबद और त्रिशूल क्षतिग्रस्त हुए, लेकिन परिसर में मौजूद 25 श्रद्धालु सुरक्षित रहे। मिथिलांचल की इस आस्था-स्थली की मरम्मत के लिए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग उठ रही है।

मुख्य बातें

29 जून की रात 11 बजे दरभंगा के जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पर आकाशीय बिजली गिरी।
मंदिर का गुंबद और शिखर पर लगा त्रिशूल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए।
घटना के समय परिसर में मौजूद करीब 25 श्रद्धालु बाल-बाल बचे; कोई हताहत नहीं।
पुजारी शिव शंकर गिरी ने बताया कि इससे पहले भी वर्षों पूर्व मंदिर पर बिजली गिरने की घटना हो चुकी है।
यह मंदिर मिथिलांचल की प्रमुख आस्था-स्थली है; नेपाल सहित बिहार के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु यहां आते हैं।
स्थानीय लोगों ने आपदा प्रबंधन विभाग से शीघ्र मरम्मत और संरक्षण की मांग की है।

बिहार के दरभंगा जिले के हायाघाट प्रखंड स्थित होरलपट्टी गांव के ऐतिहासिक जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पर 29 जून की देर रात आकाशीय बिजली गिरने से मंदिर का गुंबद और शिखर पर लगा त्रिशूल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय परिसर में मौजूद करीब 25 श्रद्धालु बाल-बाल बच गए और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

घटनाक्रम: रात 11 बजे का वह भयावह क्षण

स्थानीय लोगों के अनुसार, रविवार रात लगभग 11 बजे तेज बारिश और कड़कड़ाती गर्जना के बीच आकाशीय बिजली सीधे मंदिर के शिखर पर आ गिरी। उस समय मंदिर में बाबा की भोग आरती और पूजा संपन्न हो चुकी थी तथा मंदिर के पट बंद किए जा चुके थे। श्रद्धालु गणेशजी का प्रसाद लेने के लिए परिसर में ही खड़े थे, तभी यह हादसा हुआ।

बिजली की चपेट में आने से मंदिर के गुंबद का एक हिस्सा टूट गया और शिखर पर स्थापित त्रिशूल को भी भारी नुकसान पहुंचा। मंदिर के ऊपरी ढांचे को काफी क्षति पहुंची है।

पुजारी का बयान और पुरानी घटना का संदर्भ

मंदिर के पुजारी शिव शंकर गिरी ने बताया कि बिजली इतनी तीव्र थी कि शिखर और त्रिशूल को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले भी वर्षों पूर्व इस मंदिर पर आकाशीय बिजली गिरने की घटना हो चुकी है, हालांकि उस समय वे स्वयं वहां उपस्थित नहीं थे। गिरी ने प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से मंदिर के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत के लिए तत्काल आगे आने की अपील की है।

धार्मिक महत्व: मिथिलांचल की आस्था का केंद्र

पुजारी शिव शंकर गिरी के अनुसार, जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर मिथिलांचल की प्रमुख धार्मिक आस्था का केंद्र है। बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। सावन माह और अन्य धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है, जिससे इस मंदिर की व्यापक धार्मिक पहुंच का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।

स्थानीय मांग: शीघ्र मरम्मत और संरक्षण

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त गुंबद की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के इस मंदिर के संरक्षण के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी किसी तड़ित-चालक (lightning conductor) जैसी बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। मिथिलांचल की इस महत्वपूर्ण आस्था-स्थली पर नेपाल तक से श्रद्धालु आते हैं, और सावन जैसे मौसम में भीड़ कई गुना बढ़ जाती है — ऐसे में सुरक्षा की अनदेखी गंभीर हादसे को आमंत्रण देना है। प्रशासन की प्रतिक्रिया और आपदा प्रबंधन विभाग की तत्परता ही तय करेगी कि यह चेतावनी सुनी जाएगी या अगली घटना का इंतज़ार किया जाएगा।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर दरभंगा पर आकाशीय बिजली कब गिरी?
29 जून की रात लगभग 11 बजे तेज बारिश और गर्जना के बीच आकाशीय बिजली मंदिर के शिखर पर गिरी। इससे मंदिर का गुंबद और त्रिशूल क्षतिग्रस्त हो गए।
क्या मंदिर में मौजूद श्रद्धालु सुरक्षित हैं?
हां, घटना के समय परिसर में मौजूद करीब 25 श्रद्धालु बाल-बाल बच गए। किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर का क्या धार्मिक महत्व है?
यह मंदिर मिथिलांचल की प्रमुख धार्मिक आस्था का केंद्र है। बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा नेपाल से भी श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना के लिए आते हैं, विशेषकर सावन माह में भीड़ कई गुना बढ़ जाती है।
मंदिर की मरम्मत के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
पुजारी शिव शंकर गिरी और स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन विभाग से शीघ्र मरम्मत की मांग की है। अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
क्या इस मंदिर पर पहले भी बिजली गिरने की घटना हुई है?
हां, पुजारी शिव शंकर गिरी के अनुसार वर्षों पूर्व भी इस मंदिर पर आकाशीय बिजली गिरने की घटना हो चुकी है, हालांकि उस समय वे वहां मौजूद नहीं थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले