14 जुलाई 2026
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दतिया उपचुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भरा पर्चा, भाजपा सरकार से जनता नाराज — दावा

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दतिया उपचुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भरा पर्चा, भाजपा सरकार से जनता नाराज — दावा

सारांश

दतिया उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने नामांकन दाखिल कर जनता में भाजपा विरोधी लहर का दावा किया। भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटना इस उपचुनाव की सबसे बड़ी राजनीतिक कहानी बन गई है।

मुख्य बातें

कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने 14 जुलाई को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया।
घनश्याम सिंह का दावा — दतिया में भाजपा सरकार से जनता नाराज है और कांग्रेस के पक्ष में माहौल है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा को इस उपचुनाव में टिकट नहीं मिला, जो राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना है।
पिछले विधानसभा चुनाव में नरोत्तम मिश्रा बहुत कम अंतर से हारे थे; उसी परिणाम के कारण यह उपचुनाव हो रहा है।
कांग्रेस नेता अवधेश नायक ने भाजपा में शामिल होने की अटकलों को फिलहाल खारिज किया।

मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने 14 जुलाई को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर चुनावी मैदान में औपचारिक रूप से कदम रख दिया। नामांकन के बाद उन्होंने दावा किया कि दतिया में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बन रहा है और जनता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार से बेहद नाराज है।

घनश्याम सिंह का चुनावी दावा

नामांकन दाखिल करने के बाद घनश्याम सिंह ने कहा कि उपचुनाव हमेशा चुनौतीपूर्ण होते हैं, क्योंकि सत्ताधारी दल जीत सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करता है। उन्होंने कहा, 'इसके बावजूद कांग्रेस पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी और जीत हासिल करेगी।' उनके अनुसार, भाजपा से जनता की नाराजगी आने वाले चुनावी नतीजों में साफ दिखेगी।

नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने पर प्रतिक्रिया

घनश्याम सिंह ने भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा को पार्टी टिकट न मिलने के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि मिश्रा लंबे समय से भाजपा के प्रमुख नेताओं में रहे हैं, इसलिए उनका टिकट कटना स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बना है। गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में नरोत्तम मिश्रा बहुत कम अंतर से हारे थे और मौजूदा उपचुनाव उसी चुनावी परिणाम की वजह से हो रहा है।

कांग्रेस नेता अवधेश नायक की भावनात्मक प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता अवधेश नायक ने भी नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह यह पीड़ा अच्छी तरह समझते हैं, क्योंकि वह स्वयं भी कई बार ऐसी स्थिति का सामना कर चुके हैं। नायक ने बताया कि हाल ही में नरोत्तम मिश्रा भावुक नजर आए और उनके भाषण में उनका भी उल्लेख किया गया।

नायक ने यह भी स्वीकार किया कि मिश्रा ने दतिया के विकास के लिए कई कार्य किए हैं, हालांकि उन्होंने जोड़ा कि गलतियाँ हर व्यक्ति से होती हैं। उनके अनुसार, टिकट न मिलने की पीड़ा मिश्रा की भावनाओं और उनके वक्तव्य में स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर नायक का स्पष्टीकरण

अवधेश नायक के भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल इस संबंध में कोई बातचीत नहीं चल रही है। उन्होंने कहा कि उनके साथ लंबे समय से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों की राय उनके लिए सर्वोपरि है और भविष्य में कोई भी निर्णय उन्हीं की सलाह को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।

आगे क्या होगा

दतिया उपचुनाव में कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने से भाजपा के आंतरिक समीकरण भी चर्चा में हैं। आने वाले हफ्तों में दोनों दलों के प्रचार अभियान की दिशा यह तय करेगी कि दतिया की जनता का रुझान किस ओर जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि मध्य प्रदेश में भाजपा की आंतरिक एकजुटता की परीक्षा है। नरोत्तम मिश्रा जैसे कद्दावर नेता का टिकट कटना और उनका भावुक होना यह संकेत देता है कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। कांग्रेस इस亀 दरार को भुनाने की कोशिश में है, लेकिन उपचुनावों में सत्ताधारी दल का पलड़ा आमतौर पर भारी रहता है। असली सवाल यह है कि क्या भाजपा का संगठनात्मक तंत्र मिश्रा समर्थकों की नाराजगी को चुनाव से पहले थाम पाएगा।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दतिया विधानसभा उपचुनाव क्यों हो रहा है?
दतिया विधानसभा उपचुनाव पिछले विधानसभा चुनाव के परिणाम के कारण हो रहा है, जिसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा बहुत कम अंतर से हार गए थे। उसी चुनावी नतीजे की वजह से यह सीट रिक्त हुई और उपचुनाव की नौबत आई।
कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह कौन हैं?
घनश्याम सिंह दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार हैं, जिन्होंने 14 जुलाई को नामांकन दाखिल किया। उन्होंने दावा किया है कि दतिया में जनता भाजपा सरकार से नाराज है और कांग्रेस के पक्ष में माहौल है।
नरोत्तम मिश्रा को भाजपा ने दतिया से टिकट क्यों नहीं दिया?
इस बारे में भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। हालांकि घनश्याम सिंह ने कहा कि मिश्रा लंबे समय से पार्टी के प्रमुख नेताओं में रहे हैं, इसलिए उनका टिकट कटना स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बना है।
क्या अवधेश नायक भाजपा में शामिल होने वाले हैं?
कांग्रेस नेता अवधेश नायक ने भाजपा में शामिल होने की अटकलों को फिलहाल खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में कोई बातचीत नहीं चल रही और भविष्य का कोई भी फैसला उनके पुराने कार्यकर्ताओं और समर्थकों की सलाह से लिया जाएगा।
दतिया उपचुनाव में मुख्य मुद्दे क्या हैं?
कांग्रेस के अनुसार, भाजपा सरकार से जनता की नाराजगी और स्थानीय विकास कार्यों की कमी प्रमुख मुद्दे हैं। इसके अलावा नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलना भाजपा के आंतरिक समीकरणों को भी चुनावी मुद्दा बना रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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