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दीपेंद्र हुड्डा का सज्जन कुमार बयान पर खेद, बोले- ‘रोल मॉडल’ शब्द इस्तेमाल नहीं किया

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दीपेंद्र हुड्डा का सज्जन कुमार बयान पर खेद, बोले- ‘रोल मॉडल’ शब्द इस्तेमाल नहीं किया

सारांश

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सज्जन कुमार को लेकर दिए बयान पर मचे बवाल के बीच खेद जताया और साफ किया कि उन्होंने ‘रोल मॉडल’ शब्द इस्तेमाल नहीं किया। परिवार के सिख समुदाय से चार पीढ़ियों पुराने रिश्तों का हवाला देते हुए हुड्डा ने कहा—यदि भावनाएँ आहत हुई हैं तो ‘एक भाई के रूप में’ माफ़ी।

मुख्य बातें

दीपेंद्र हुड्डा ने सज्जन कुमार पर दिए बयान पर खेद जताया, कहा—‘रोल मॉडल’ शब्द इस्तेमाल नहीं किया।
हुड्डा ने बयान को ‘तोड़-मरोड़कर’ पेश किए जाने का आरोप लगाया।
कांग्रेस सांसद ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने की वकालत दोहराई।
परिवार के सिख समुदाय के साथ ‘चार पीढ़ियों’ के संबंधों का ज़िक्र किया।
परदादा चौधरी मातूराम और सरदार अजीत सिंह को एक ही दिन ‘काला पानी’ की सज़ा हुई थी—हुड्डा।

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने 23 अगस्त को चंडीगढ़ में सज्जन कुमार को लेकर दिए गए अपने हालिया बयान पर उठे विवाद पर खेद व्यक्त किया और स्पष्ट किया कि उनके बयान को ‘तोड़-मरोड़कर’ पेश किया गया है। हुड्डा ने कहा कि उन्होंने वह शब्द इस्तेमाल ही नहीं किया जिसका हवाला मीडिया रिपोर्टों में दिया जा रहा है, और न ही उनका ऐसा कोई आशय था।

मुख्य स्पष्टीकरण

रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने ज़ोर देकर कहा कि उनका किसी भी समुदाय, विशेषकर सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के सिख समुदाय के साथ ‘चार पीढ़ियों से घनिष्ठ संबंध’ रहे हैं और वह अपने ‘सिख भाइयों’ की भावनाओं को आहत करने की कल्पना भी नहीं कर सकते।

हुड्डा ने कहा कि यदि उनके शब्दों से किसी की भावनाएँ आहत हुई हैं, तो वह ‘एक भाई के रूप में’ इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं। उन्होंने दोहराया कि वह हमेशा 1984 के सिख विरोधी दंगों में प्रभावित हुए परिवारों को न्याय दिलाने की वकालत करते रहे हैं।

ऐतिहासिक संदर्भ का हवाला

कांग्रेस सांसद ने अपने परिवार और सिख समुदाय के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए बताया कि पंजाब के ‘पगड़ी संभाल जट्टा’ आंदोलन के दौरान उनके परदादा चौधरी मातूराम और शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के चाचा सरदार अजीत सिंह को एक ही दिन ‘काला पानी’ की सज़ा सुनाई गई थी।

उन्होंने कहा कि इसके बाद से हर बड़े संघर्ष में उनका परिवार सिख समुदाय के साथ खड़ा रहा है। हुड्डा ने हालिया किसान आंदोलन का ज़िक्र करते हुए कहा कि जब पंजाब से किसान दिल्ली की सीमाओं पर पहुँचे, तब वह व्यक्तिगत रूप से समर्थन में सबसे पहले पहुँचने वाले नेताओं में से थे।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 1984 के दंगों के दोषी ठहराए गए कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार को लेकर हुड्डा के कथित बयान पर सिख संगठनों में तीखी प्रतिक्रिया दर्ज की गई थी। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब पंजाब और हरियाणा की राजनीति में सिख भावनाओं का प्रश्न बार-बार केंद्र में आता रहा है।

हुड्डा ने अंत में दोहराया कि उनके और उनके परिवार के सिख समुदाय के साथ रिश्ते ‘केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक और ऐतिहासिक’ हैं, इसलिए किसी भी प्रकार से सिख समाज की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का सवाल ही नहीं उठता।

आगे क्या

कांग्रेस नेतृत्व की ओर से इस विवाद पर अभी औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सिख संगठनों की प्रतिक्रिया और हुड्डा के इस स्पष्टीकरण से विवाद की दिशा तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे पार्टी 1984 के बाद से जूझती आई है। सज्जन कुमार का नाम पंजाब की राजनीति में कांग्रेस के लिए हमेशा भारी रहा है, और चुनावी दृष्टि से संवेदनशील पंजाब-हरियाणा बेल्ट में ऐसे किसी भी बयान की गूँज तत्काल राजनीतिक होती है। ‘भाई के रूप में खेद’ की भाषा माफ़ी और बचाव के बीच का सधा हुआ राजनीतिक संतुलन है—पूरी माफ़ी नहीं, लेकिन इनकार भी नहीं। असली प्रश्न यह है कि क्या कांग्रेस आलाकमान इस पर औपचारिक रुख अपनाएगा या मामले को सांसद के व्यक्तिगत स्पष्टीकरण पर ही छोड़ देगा।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपेंद्र हुड्डा ने किस बयान पर खेद जताया है?
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने 1984 सिख विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार को लेकर दिए गए अपने हालिया बयान पर उठे विवाद पर खेद जताया है। हुड्डा ने कहा कि उन्होंने वह शब्द इस्तेमाल ही नहीं किया, जिसका हवाला मीडिया रिपोर्टों में दिया जा रहा है।
क्या दीपेंद्र हुड्डा ने सज्जन कुमार को ‘रोल मॉडल’ कहा था?
हुड्डा ने स्पष्ट रूप से इनकार किया है कि उन्होंने ‘रोल मॉडल’ शब्द का इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और उनका वैसा कोई आशय भी नहीं था।
हुड्डा ने सिख समुदाय को लेकर क्या कहा?
हुड्डा ने कहा कि सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का उनका कोई इरादा नहीं था और यदि किसी की भावनाएँ आहत हुई हैं तो वह ‘एक भाई के रूप में’ खेद व्यक्त करते हैं। उन्होंने अपने परिवार के सिख समुदाय के साथ चार पीढ़ियों पुराने संबंधों का हवाला दिया।
हुड्डा ने अपने परिवार का कौन-सा ऐतिहासिक संदर्भ दिया?
हुड्डा ने बताया कि ‘पगड़ी संभाल जट्टा’ आंदोलन के दौरान उनके परदादा चौधरी मातूराम और शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के चाचा सरदार अजीत सिंह को एक ही दिन ‘काला पानी’ की सज़ा सुनाई गई थी। उन्होंने हालिया किसान आंदोलन में भी पंजाब के किसानों के समर्थन में जल्दी पहुँचने का ज़िक्र किया।
राष्ट्र प्रेस
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