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सज्जन कुमार पर दीपेंद्र हुड्डा के बयान से भड़के 1984 दंगा पीड़ित और अकाली दल, कांग्रेस को चेतावनी

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सज्जन कुमार पर दीपेंद्र हुड्डा के बयान से भड़के 1984 दंगा पीड़ित और अकाली दल, कांग्रेस को चेतावनी

सारांश

सज्जन कुमार के निधन पर दीपेंद्र हुड्डा के बयान ने पुराने ज़ख्म फिर हरे कर दिए। 1984 दंगा पीड़ित समिति और अकाली दल ने कांग्रेस को चेतावनी दी — 40 साल बाद भी न्याय नहीं, और अब महिमामंडन? सिख समुदाय का गुस्सा एक बार फिर सतह पर आ गया है।

मुख्य बातें

दंगा पीड़ितों की कल्याण समिति के अध्यक्ष सुरजीत सिंह ने दीपेंद्र हुड्डा के बयान की निंदा की और कहा कि ऐसे बयान पर शर्म आनी चाहिए।
शिरोमणि अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि 40 वर्षों से कांग्रेस सज्जन कुमार का बचाव करती रही है।
सुरजीत सिंह ने एचकेएल भगत और कमलनाथ सहित कई कांग्रेस नेताओं पर अब तक सज़ा न मिलने की बात उठाई।
सज्जन कुमार को 1984 के सिख-विरोधी दंगों में दोषी पाया गया था और दिल्ली उच्च न्यायालय ने आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी।
दोनों नेताओं ने कांग्रेस से माँग की कि वह 1984 पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनशीलता दिखाए।

दंगा पीड़ितों की कल्याण समिति के अध्यक्ष सुरजीत सिंह और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता दलजीत सिंह चीमा ने 21 अगस्त को लुधियाना में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा की उस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई, जो उन्होंने 1984 के सिख-विरोधी दंगों के दोषी और पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार के निधन पर दी थी। दोनों नेताओं ने हुड्डा के बयान को सिख समुदाय की भावनाओं के प्रति असंवेदनशील बताते हुए कांग्रेस को कड़ी चेतावनी दी।

सुरजीत सिंह की तीखी प्रतिक्रिया

सुरजीत सिंह ने कहा कि 1984 में दिल्ली में सिखों का जो कत्लेआम हुआ, उसमें सज्जन कुमार की केंद्रीय भूमिका थी। उन्होंने कहा, 'सज्जन कुमार ने सिखों का कत्लेआम करवाया था। हमारी हज़ारों करोड़ की संपत्तियाँ जला दी गई थीं।' उन्होंने दीपेंद्र हुड्डा को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे बयान देने पर उन्हें शर्म आनी चाहिए।

सुरजीत सिंह ने यह भी याद दिलाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने उस दौरान कहा था, 'जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है, धरती हिलती है।' उन्होंने कहा कि सज्जन कुमार के साथ-साथ एचकेएल भगत और कमलनाथ सहित कई कांग्रेस नेताओं को अब तक न्याय के कटघरे में नहीं लाया जा सका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 1984 के पीड़ित परिवारों की ओर से वे हुड्डा के बयान की कड़ी निंदा करते हैं।

दलजीत सिंह चीमा का बयान

शिरोमणि अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि 1984 को बीते 40 से अधिक वर्ष हो चुके हैं और इस पूरे अरसे में कांग्रेस ने सज्जन कुमार का बचाव किया। उन्होंने कहा, 'उनके गुज़र जाने के बाद भी अगर कांग्रेस नेता उनका बचाव करते हैं, तो यह दुखद है।'

चीमा ने कहा कि हुड्डा को यह सोचना चाहिए था कि उनके बयान का उन लाखों लोगों पर क्या असर पड़ेगा जिनके परिवार बर्बाद हो गए, जिन्हें जिंदा जलाया गया और जिनके घर तबाह किए गए। उन्होंने कहा, 'निजी रिश्तों को निजी ही रहने दें। जब आप सार्वजनिक रूप से ऐसे लोगों की जिंदगी का महिमामंडन करते हैं, तो इससे सिख समुदाय को गहरी चोट पहुँचती है।'

पृष्ठभूमि: सज्जन कुमार और 1984

सज्जन कुमार 1984 के सिख-विरोधी दंगों में दोषी पाए गए थे। दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी। दंगों में हज़ारों सिखों की हत्या हुई थी और अनगिनत परिवार उजड़ गए थे। इस मामले में न्याय की माँग दशकों से उठती रही है।

राजनीतिक असर और आगे की राह

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब में राजनीतिक समीकरण पहले से ही संवेदनशील हैं। आलोचकों का कहना है कि कांग्रेस नेताओं के इस तरह के बयान पार्टी को सिख मतदाताओं से और दूर कर सकते हैं। दंगा पीड़ितों की कल्याण समिति और शिरोमणि अकाली दल ने माँग की है कि कांग्रेस अपना रुख स्पष्ट करे और पीड़ित परिवारों से माफी माँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

कांग्रेस की उस पुरानी प्रवृत्ति का विस्तार है जिसमें 1984 के दोषियों को संस्थागत संरक्षण मिलता रहा। सज्जन कुमार को आजीवन कारावास की सज़ा न्यायपालिका ने दी, लेकिन पार्टी ने कभी सार्वजनिक रूप से जवाबदेही नहीं ली। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस पंजाब में अपनी ज़मीन वापस पाने की कोशिश कर रही है — ऐसे बयान उस कोशिश को और कठिन बना देते हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वो यह है: असली सवाल बयान का नहीं, बल्कि यह है कि चार दशकों में पीड़ितों को पूर्ण न्याय क्यों नहीं मिला।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपेंद्र हुड्डा ने सज्जन कुमार पर क्या कहा था?
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों के दोषी और पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार के निधन पर टिप्पणी की थी, जिसे दंगा पीड़ितों और अकाली दल ने सज्जन कुमार का बचाव करने वाला बताया। इस बयान पर लुधियाना में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई।
सज्जन कुमार को किस मामले में सज़ा हुई थी?
सज्जन कुमार को 1984 के सिख-विरोधी दंगों में दोषी पाया गया था। दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी। दंगों में हज़ारों सिखों की हत्या हुई थी और अनगिनत परिवार बेघर हो गए थे।
दंगा पीड़ितों की कल्याण समिति ने क्या माँग की है?
समिति के अध्यक्ष सुरजीत सिंह ने माँग की है कि कांग्रेस ऐसे बयानों से बाज़ आए और 1984 पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनशीलता दिखाए। उन्होंने एचकेएल भगत और कमलनाथ सहित अन्य कांग्रेस नेताओं पर भी जवाबदेही की माँग दोहराई।
शिरोमणि अकाली दल ने इस मामले में क्या कहा?
शिरोमणि अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि 40 से अधिक वर्षों से कांग्रेस सज्जन कुमार का बचाव करती रही है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से ऐसे लोगों की जिंदगी का महिमामंडन करने से सिख समुदाय को गहरी चोट पहुँचती है।
1984 के दंगों में कांग्रेस नेताओं की भूमिका को लेकर क्या विवाद रहा है?
1984 के सिख-विरोधी दंगों में सज्जन कुमार, एचकेएल भगत और कमलनाथ सहित कई कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगे थे। सज्जन कुमार को सज़ा मिली, लेकिन पीड़ितों का आरोप है कि कई अन्य दोषियों को अब तक न्याय के कटघरे में नहीं लाया गया। तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी का 'बड़ा पेड़ गिरने' वाला बयान भी विवाद का हिस्सा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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