23 अगस्त 2026
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दीपेंद्र हुड्डा को CWC से हटाने की मांग, सज्जन कुमार पर टिप्पणी से कांग्रेस में घमासान

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दीपेंद्र हुड्डा को CWC से हटाने की मांग, सज्जन कुमार पर टिप्पणी से कांग्रेस में घमासान

सारांश

सज्जन कुमार को 'रोल मॉडल' बताने वाला दीपेंद्र हुड्डा का बयान कांग्रेस के लिए दोहरी मुसीबत बन गया है — एक ओर सिख समुदाय में आक्रोश, दूसरी ओर 2027 के पंजाब चुनाव से पहले पार्टी के भीतर खुला विद्रोह। कुलदीप शर्मा का खड़गे को पत्र इस दरार को सार्वजनिक मंच पर ले आया है।

मुख्य बातें

पूर्व हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने 23 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर दीपेंद्र हुड्डा को CWC से हटाने की मांग की।
दीपेंद्र हुड्डा ने 1984 के सिख विरोधी दंगों में दोषी सज्जन कुमार को 'रोल मॉडल' बताया और उनके निधन को 'अपूरणीय क्षति' कहा।
सज्जन कुमार का 20 अगस्त को 80 वर्ष की आयु में नई दिल्ली में निधन हुआ; वे दो उम्रकैद की सज़ा काट रहे थे।
कुलदीप शर्मा ने चेतावनी दी कि यह बयान 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की संभावनाओं को नुकसान पहुँचा सकता है।
विपक्षी दल इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने में जुट गए हैं; खड़गे की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं।

कांग्रेस नेता और हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने 23 अगस्त 2026 को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर पार्टी नेता दीपेंद्र हुड्डा को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) से तत्काल हटाने की मांग की है। यह विवाद तब उठा जब दीपेंद्र हुड्डा ने 1984 के सिख विरोधी दंगों में दोषी करार दिए गए सज्जन कुमार को 'रोल मॉडल' बताया और उनके निधन को 'अपूरणीय क्षति' कहा।

मामले की पृष्ठभूमि

सज्जन कुमार, जो 1984 के सिख विरोधी दंगों में दोषी थे और दो उम्रकैद की सज़ा काट रहे थे, का 20 अगस्त को 80 वर्ष की आयु में नई दिल्ली में निधन हो गया। इसके बाद CWC के स्थायी आमंत्रित सदस्य दीपेंद्र हुड्डा ने उनकी प्रशंसा में बयान जारी किया, जिसने पार्टी के भीतर और सिख समुदाय में तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न की।

कुलदीप शर्मा के आरोप

अपने पत्र में कुलदीप शर्मा ने लिखा, 'जब से CWC के स्थायी आमंत्रित सदस्य दीपेंद्र हुड्डा ने दिवंगत सज्जन कुमार को रोल मॉडल बताते हुए उनके गुणों की प्रशंसा में बयान दिया है, तब से भारत के सिख समुदाय में नाराजगी है।' उन्होंने बताया कि हरियाणा और पंजाब में उनके सिख साथियों ने फोन कर इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है।

पंजाब चुनाव पर संभावित असर

कुलदीप शर्मा ने चेतावनी दी कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस तरह का बयान पार्टी की संभावनाओं को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है। उन्होंने याद दिलाया कि किसान आंदोलन के बाद सिख समुदाय ने बड़ी संख्या में कांग्रेस का समर्थन किया था, और यह बयान उस विश्वास को तोड़ सकता है। उनके अनुसार, विपक्षी दल पहले से ही इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने में जुट गए हैं।

पार्टी की स्थिति और विरोधाभास

कुलदीप शर्मा ने अपने पत्र में यह भी रेखांकित किया कि कांग्रेस पार्टी ने पहले ही खुद को सज्जन कुमार से पूरी तरह अलग कर लिया था। ऐसे में दीपेंद्र हुड्डा का बयान पार्टी की आधिकारिक स्थिति के विपरीत है। उन्होंने लिखा, 'इस तरह के बचकाने और गैर-जिम्मेदाराना बयानों ने कांग्रेस को कमजोर किया है, खासकर उस समुदाय की नजरों में जो पंजाब में बहुत अहम है।'

आगे क्या होगा

कुलदीप शर्मा ने खड़गे से मांग की है कि दीपेंद्र हुड्डा को CWC से हटाकर पार्टी अपनी 'सच्ची मंशा' सामने रखे। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब कांग्रेस पंजाब में सत्ता वापसी की कोशिश में है और देश-विदेश में रह रहे सिख समुदाय की भावनाएँ पार्टी के लिए निर्णायक मानी जाती हैं। खड़गे की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कांग्रेस की उस पुरानी कमज़ोरी को उजागर करता है जिसमें पार्टी 1984 के दंगों पर अपनी स्थिति को लेकर आज भी असंगत दिखती है। पार्टी ने सज्जन कुमार से दूरी बनाने का दावा किया, लेकिन एक वरिष्ठ नेता का यह बयान उस दावे की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है। 2027 के पंजाब चुनाव में सिख मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं, और किसान आंदोलन के बाद जो विश्वास बना था, वह इस तरह के बयानों से आसानी से टूट सकता है। खड़गे की चुप्पी खुद एक संदेश है — और वह संदेश पार्टी के लिए आश्वस्त करने वाला नहीं है।
RashtraPress
23 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपेंद्र हुड्डा को CWC से हटाने की मांग क्यों उठी?
कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने 1984 के सिख विरोधी दंगों में दोषी सज्जन कुमार को 'रोल मॉडल' बताया और उनके निधन को 'अपूरणीय क्षति' कहा, जिससे सिख समुदाय में तीव्र नाराजगी फैली। इसी के बाद पूर्व हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे को पत्र लिखकर हुड्डा को CWC से हटाने की मांग की।
सज्जन कुमार कौन थे और उनका निधन कब हुआ?
सज्जन कुमार 1984 के सिख विरोधी दंगों में दोषी करार दिए गए कांग्रेस के पूर्व नेता थे, जो दो उम्रकैद की सज़ा काट रहे थे। उनका 20 अगस्त को 80 वर्ष की आयु में नई दिल्ली में निधन हो गया।
इस विवाद का पंजाब चुनाव पर क्या असर पड़ सकता है?
2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में सिख मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। कुलदीप शर्मा ने आगाह किया है कि किसान आंदोलन के बाद कांग्रेस के प्रति बना सिख समुदाय का समर्थन इस बयान के कारण कमज़ोर पड़ सकता है, और विपक्षी दल इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने में जुट गए हैं।
कांग्रेस की सज्जन कुमार के प्रति आधिकारिक स्थिति क्या थी?
कांग्रेस पार्टी पहले ही खुद को सज्जन कुमार से पूरी तरह अलग कर चुकी थी। कुलदीप शर्मा ने अपने पत्र में इसी बात को रेखांकित करते हुए कहा कि दीपेंद्र हुड्डा का बयान पार्टी की आधिकारिक स्थिति के सीधे विरुद्ध है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले पर क्या कहा?
23 अगस्त तक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कुलदीप शर्मा का पत्र उन्हें संबोधित है और CWC से हुड्डा को हटाने की माँग की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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