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सज्जन कुमार को 'रोल मॉडल' बताने पर पंजाब भाजपा का कांग्रेस पर हमला, सिख-विरोधी सोच का आरोप

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सज्जन कुमार को 'रोल मॉडल' बताने पर पंजाब भाजपा का कांग्रेस पर हमला, सिख-विरोधी सोच का आरोप

सारांश

सज्जन कुमार के निधन के बाद कांग्रेस नेताओं द्वारा उन्हें 'रोल मॉडल' बताने पर पंजाब भाजपा भड़क उठी। 1984 दंगों के दोषी कुमार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने उम्रकैद सुनाई थी। भाजपा ने कांग्रेस से बिना शर्त माफी की माँग की है।

मुख्य बातें

पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कांग्रेस नेताओं द्वारा सज्जन कुमार को 'रोल मॉडल' बताने की कड़ी निंदा की।
सज्जन कुमार का सफदरजंग अस्पताल, दिल्ली में 80 वर्ष की आयु में निधन हुआ; वे तिहाड़ जेल में उम्रकैद काट रहे थे।
कुमार को 1 और 2 नवंबर 1984 को पालम कॉलोनी में 5 सिख पुरुषों की हत्या और गुरुद्वारा जलाने में भूमिका के लिए दोषी ठहराया गया था।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 17 दिसंबर 2018 को उन्हें दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई और 1984 की हिंसा को 'मानवता के विरुद्ध अपराध' कहा।
भाजपा ने कांग्रेस से पीड़ित परिवारों और सिख समुदाय से बिना शर्त माफी माँगने की माँग की।

पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने शुक्रवार, 22 अगस्त 2025 को कांग्रेस नेताओं के उन बयानों की कड़ी निंदा की, जिनमें 1984 के सिख-विरोधी दंगों के दोषी और पूर्व सांसद सज्जन कुमार को 'रोल मॉडल' बताया गया था। ढिल्लों ने कहा कि इस बयान ने एक बार फिर कांग्रेस की सिख-विरोधी मानसिकता को सार्वजनिक रूप से उजागर कर दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

गुरुवार को सज्जन कुमार का दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे कुमार की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। उनके निधन के बाद कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा उन्हें 'रोल मॉडल' बताने वाले बयानों ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया।

भाजपा की प्रतिक्रिया

ढिल्लों ने कहा कि 1984 के दंगों के 42 वर्ष बाद भी पीड़ित परिवारों के घाव नहीं भरे हैं। उनके अनुसार, ऐसे संवेदनशील समय में नरसंहार के मुख्य दोषी को 'रोल मॉडल' बताना पीड़ित परिवारों की दर्दनाक यादों को फिर से ताज़ा करने की निंदनीय कोशिश है।

उन्होंने माँग की कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) अपने नेताओं के इन गैर-जिम्मेदाराना बयानों के लिए पीड़ित परिवारों और समस्त सिख समुदाय से बिना शर्त माफी माँगे।

सज्जन कुमार का कानूनी इतिहास

सज्जन कुमार को 1 और 2 नवंबर 1984 को दिल्ली की पालम कॉलोनी के राज नगर पार्ट-I में पाँच सिख पुरुषों की हत्या और एक गुरुद्वारे को जलाने की घटनाओं में भूमिका के लिए दोषी ठहराया गया था। यह हिंसा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके दो सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या के बाद भड़की थी।

17 दिसंबर 2018 को दिल्ली उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट के 2013 के बरी करने वाले फैसले को पलटते हुए कुमार को आपराधिक साजिश और उकसाने का दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई। अपने ऐतिहासिक फैसले में अदालत ने 1984 की सिख-विरोधी हिंसा को 'मानवता के विरुद्ध अपराध' करार दिया था।

व्यापक संदर्भ

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब में राजनीतिक ध्रुवीकरण तेज़ है और 1984 के दंगों का मुद्दा आज भी सिख समुदाय की राजनीतिक संवेदनाओं के केंद्र में है। गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पिछले कई वर्षों से इस मुद्दे को कांग्रेस के विरुद्ध चुनावी और वैचारिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है।

आगे क्या

कांग्रेस की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भाजपा के इस हमले के बाद पंजाब में राजनीतिक बहस और तेज़ होने की संभावना है, विशेष रूप से सिख समुदाय से जुड़े संगठनों की प्रतिक्रिया पर सबकी नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी उतना ही सच है कि 1984 के पीड़ितों को न्याय दिलाने में दशकों की देरी किसी एक पार्टी की विफलता नहीं, बल्कि व्यापक संस्थागत चूक का प्रतिबिंब है। दिल्ली उच्च न्यायालय का 2018 का फैसला — जिसमें हिंसा को 'मानवता के विरुद्ध अपराध' कहा गया — इस बात की याद दिलाता है कि न्याय की यह यात्रा 34 साल लंबी रही। असली सवाल यह है कि ऐसे बयानों पर राजनीतिक जवाबदेही कब और कैसे तय होगी।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सज्जन कुमार को 'रोल मॉडल' बताने पर विवाद क्यों हुआ?
सज्जन कुमार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों में आपराधिक साजिश और उकसाने का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उनके निधन के बाद कांग्रेस नेताओं द्वारा उन्हें 'रोल मॉडल' बताने पर पंजाब भाजपा ने इसे पीड़ित परिवारों का अपमान बताया।
सज्जन कुमार को किस मामले में दोषी ठहराया गया था?
सज्जन कुमार को 1 और 2 नवंबर 1984 को दिल्ली की पालम कॉलोनी के राज नगर पार्ट-I में पाँच सिख पुरुषों की हत्या और एक गुरुद्वारे को जलाने की घटनाओं में भूमिका के लिए दोषी ठहराया गया था। 17 दिसंबर 2018 को दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई।
सज्जन कुमार का निधन कब और कहाँ हुआ?
सज्जन कुमार का निधन गुरुवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में 80 वर्ष की आयु में हुआ। तिहाड़ जेल में उम्रकैद काट रहे कुमार की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें वहाँ ले जाया गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया।
पंजाब भाजपा ने कांग्रेस से क्या माँग की है?
पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने माँग की है कि कांग्रेस अपने नेताओं के गैर-जिम्मेदाराना बयानों के लिए 1984 के दंगों के पीड़ित परिवारों और समस्त सिख समुदाय से बिना शर्त सार्वजनिक माफी माँगे।
1984 के सिख-विरोधी दंगे किस कारण भड़के थे?
31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके दो सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या के बाद देशभर में, विशेषकर दिल्ली में, सिख-विरोधी हिंसा भड़क उठी थी। दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस हिंसा को 'मानवता के विरुद्ध अपराध' करार दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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