देहरादून: ईडी ने बिटकॉइन घोटाले के आरोपी हेमंत शर्मा की ₹8.54 करोड़ की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 3 अगस्त 2026 को देहरादून में एक बड़ी वित्तीय कार्रवाई करते हुए बिटकॉइन निवेश घोटाले के मुख्य आरोपी हेमंत ईश्वर शर्मा की ₹8.54 करोड़ की संपत्तियाँ जब्त करने का प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है। शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने 2014 से 2018 के बीच अपनी वेबसाइट btcfund.is के माध्यम से देशभर के निवेशकों से कथित तौर पर लगभग ₹200 करोड़ की धोखाधड़ी की।
मामले का घटनाक्रम
ईडी के देहरादून सब-जोनल ऑफिस ने 31 जुलाई को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत यह अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया। जाँच की शुरुआत देहरादून के राजपुर पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1860 के तहत शर्मा के विरुद्ध दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई थी। इसके अतिरिक्त, उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के दिनेशपुर पुलिस स्टेशन में भी शर्मा और अन्य आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत एक अलग एफआईआर दर्ज की गई थी।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब शर्मा की संपत्तियाँ जब्त की गई हैं — इससे पहले भी ईडी ₹4.56 करोड़ की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क कर चुकी है। ताज़ा आदेश के साथ कुल कुर्क संपत्ति का आँकड़ा और ऊपर पहुँच गया है।
धोखाधड़ी की कार्यप्रणाली
ईडी के अनुसार, शर्मा ने आइसलैंड में पंजीकृत अपनी वेबसाइट btcfund.is के जरिए निवेशकों को बिटकॉइन में भारी रिटर्न का लालच दिया। उन्होंने झूठा दावा किया कि कई विदेशी नागरिक इस कंपनी से जुड़े हैं, जिससे यह योजना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वसनीय प्रतीत हुई। करीब पाँच वर्षों तक यह स्कीम चलाने के बाद, जब पर्याप्त बिटकॉइन एकत्र हो गया, तो शर्मा ने अचानक वेबसाइट बंद कर दी और निवेशक ठगे हुए रह गए।
ब्लॉकचेन विश्लेषण से पता चला कि शर्मा ने लगभग 856.23 बीटीसी (जो उस समय लगभग ₹200 करोड़ के बराबर थे) एकत्र किए। इस राशि को क्रिप्टो एक्सचेंज के माध्यम से रियल एस्टेट, लग्जरी वाहन खरीदने और अपने आवास के नवीनीकरण पर खर्च किया गया।
आरोपी की संपत्तियाँ और जीवनशैली
जाँच में सामने आया कि शर्मा के पास btcfund.is से प्राप्त आय के अलावा कोई औपचारिक आय का स्रोत नहीं था। इसके बावजूद वे दो लग्जरी कारें, देहरादून की एक पॉश लोकेशन पर एक बंगला और देहरादून व आसपास के क्षेत्रों में करोड़ों रुपए की कई अचल संपत्तियाँ अर्जित करने में सफल रहे। ईडी के अनुसार यह सब अपराध से अर्जित धन का स्पष्ट संकेत है।
न्यायिक कार्यवाही की स्थिति
शर्मा को ईडी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वे अभी देहरादून की सिद्दोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं। ईडी ने 20 मई को देहरादून की स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) में उनके खिलाफ चार्जशीट दायर की थी, जिस पर अदालत ने 13 जुलाई को संज्ञान लिया। यह मामला क्रिप्टो-आधारित वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ ईडी की बढ़ती सक्रियता का हिस्सा है, और आगे की जाँच जारी है।