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ईडी ने बिटकॉइन धोखाधड़ी मामले में देहरादून के हेमंत शर्मा की ₹8.54 करोड़ की संपत्ति जब्त की

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ईडी ने बिटकॉइन धोखाधड़ी मामले में देहरादून के हेमंत शर्मा की ₹8.54 करोड़ की संपत्ति जब्त की

सारांश

देहरादून के हेमंत ईश्वर शर्मा ने 2014-18 के बीच बीटीसीफंड.आईएस वेबसाइट से देशभर के निवेशकों को बिटकॉइन में ऊँचे रिटर्न का झाँसा दिया और ₹200 करोड़ से अधिक की ठगी की। ईडी ने अब तक दो चरणों में ₹13 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की है और आरोपी जेल में है।

मुख्य बातें

ईडी के देहरादून सब-जोनल ऑफिस ने पीएमएलए, 2002 के तहत हेमंत ईश्वर शर्मा की ₹8.54 करोड़ की संपत्ति जब्त की।
शर्मा पर 2014 से 2018 तक बीटीसीफंड.आईएस वेबसाइट के ज़रिए बिटकॉइन निवेश में धोखाधड़ी का आरोप है।
ब्लॉकचेन विश्लेषण के अनुसार शर्मा के पास अपराध से अर्जित लगभग 856.23 बिटकॉइन (लगभग ₹200 करोड़ ) थे।
शर्मा ने ठगी की रकम से दो बीएमडब्ल्यू कारें , देहरादून में एक बंगला और कई अचल संपत्तियाँ खरीदीं।
इससे पहले ईडी ने ₹4.56 करोड़ की संपत्ति जब्त की थी; कुल जब्ती अब ₹13.10 करोड़ से अधिक।
शर्मा फिलहाल देहरादून की सिद्दोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के देहरादून सब-जोनल ऑफिस ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत हेमंत ईश्वर शर्मा की लगभग ₹8.54 करोड़ की संपत्ति जब्त करने का प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है। शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने आइसलैंड में पंजीकृत वेबसाइट बीटीसीफंड.आईएस के ज़रिए देशभर के निवेशकों को बिटकॉइन में ऊँचे रिटर्न का झाँसा देकर करोड़ों रुपए की ठगी की।

मामले की पृष्ठभूमि

ईडी ने यह जाँच देहरादून के राजपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की, जो भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1860 के तहत हेमंत ईश्वर शर्मा के विरुद्ध दर्ज की गई थी। इसी धोखाधड़ी योजना से जुड़ी एक अन्य एफआईआर उत्तराखंड के उधम सिंह नगर ज़िले के दिनेशपुर पुलिस स्टेशन में भी शर्मा और अन्य आरोपियों के विरुद्ध आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज है।

कैसे चलाई धोखाधड़ी की स्कीम

जाँच में सामने आया कि हेमंत ईश्वर शर्मा ने 2014 से 2018 तक लगभग 5 वर्षों तक यह फर्जी निवेश योजना संचालित की। उन्होंने बीटीसीफंड.आईएस वेबसाइट के ज़रिए भोले-भाले निवेशकों को बिटकॉइन में असाधारण रिटर्न का लालच दिया और झूठा दावा किया कि कई विदेशी नागरिक इस कंपनी से जुड़े हैं, जिससे यह योजना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वसनीय प्रतीत हो। जब उन्होंने पर्याप्त बिटकॉइन जमा कर लिए, तो उन्होंने अचानक वेबसाइट बंद कर दी और निवेशक ठगे हुए रह गए।

अपराध से अर्जित संपत्ति

ब्लॉकचेन विश्लेषण से पता चला कि शर्मा के पास अपराध से हासिल लगभग 856.23 बिटकॉइन (तत्कालीन मूल्य लगभग ₹200 करोड़) थे। इस राशि को क्रिप्टो एक्सचेंज के माध्यम से परिवर्तित कर रियल एस्टेट, वाहन खरीदने और आवास के नवीनीकरण में लगाया गया। कोई औपचारिक आय का स्रोत न होने के बावजूद शर्मा ने दो बीएमडब्ल्यू कारें, देहरादून के एक पॉश इलाके में एक बंगला और आसपास के क्षेत्रों में कई करोड़ की अचल संपत्तियाँ अर्जित कीं।

पूर्व कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

यह ताज़ा जब्ती इस मामले में ईडी की दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले ईडी ने हेमंत शर्मा की ₹4.56 करोड़ की चल और अचल संपत्तियाँ जब्त करने का प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया था। शर्मा को ईडी द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है और वे वर्तमान में देहरादून की सिद्दोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। दोनों चरणों की जब्ती को मिलाकर कुल संलग्न संपत्ति अब ₹13.10 करोड़ से अधिक हो गई है। जाँच अभी जारी है और आगे और कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें अपराधी अंतरराष्ट्रीय वेबसाइटों और झूठे विदेशी साझेदारियों की आड़ में निवेशकों को फँसाते हैं। ईडी की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि ₹200 करोड़ से अधिक की ठगी में से केवल ₹13 करोड़ की संपत्ति ही अब तक क्यों संलग्न हो पाई है। शेष राशि की वसूली और पीड़ित निवेशकों को मुआवज़े का रास्ता अभी स्पष्ट नहीं है, जो क्रिप्टो धोखाधड़ी से जुड़े कानूनी ढाँचे की सीमाओं को उजागर करता है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने हेमंत ईश्वर शर्मा की संपत्ति क्यों जब्त की?
हेमंत ईश्वर शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने बीटीसीफंड.आईएस वेबसाइट के ज़रिए 2014 से 2018 के बीच बिटकॉइन में ऊँचे रिटर्न का झाँसा देकर देशभर के निवेशकों से करोड़ों रुपए की ठगी की। ईडी ने पीएमएलए, 2002 के तहत ₹8.54 करोड़ की संपत्ति जब्त करने का प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है।
बीटीसीफंड.आईएस स्कीम क्या थी और यह कैसे काम करती थी?
बीटीसीफंड.आईएस आइसलैंड में पंजीकृत एक वेबसाइट थी जिसे हेमंत शर्मा नियंत्रित करते थे। उन्होंने बिटकॉइन में असाधारण रिटर्न और विदेशी साझेदारी का झूठा दावा कर निवेशकों को आकर्षित किया, और पर्याप्त बिटकॉइन जमा होते ही वेबसाइट अचानक बंद कर दी।
इस मामले में अब तक कुल कितनी संपत्ति जब्त हुई है?
ईडी ने दो चरणों में कार्रवाई की है — पहले ₹4.56 करोड़ और अब ₹8.54 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है, जिससे कुल जब्त संपत्ति ₹13.10 करोड़ से अधिक हो गई है। ब्लॉकचेन विश्लेषण के अनुसार अपराध से अर्जित कुल राशि लगभग ₹200 करोड़ आँकी गई है।
हेमंत ईश्वर शर्मा अभी कहाँ हैं?
हेमंत ईश्वर शर्मा को ईडी द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है और वे वर्तमान में देहरादून की सिद्दोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं।
इस मामले में पुलिस एफआईआर कहाँ दर्ज हुई थी?
इस मामले में दो एफआईआर दर्ज हैं — एक देहरादून के राजपुर पुलिस स्टेशन में और दूसरी उत्तराखंड के उधम सिंह नगर ज़िले के दिनेशपुर पुलिस स्टेशन में, दोनों आईपीसी, 1860 के तहत। ईडी ने इन्हीं एफआईआर के आधार पर पीएमएलए जाँच शुरू की।
राष्ट्र प्रेस
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