ईडी ने बिटकॉइन धोखाधड़ी मामले में देहरादून के हेमंत शर्मा की ₹8.54 करोड़ की संपत्ति जब्त की
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के देहरादून सब-जोनल ऑफिस ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत हेमंत ईश्वर शर्मा की लगभग ₹8.54 करोड़ की संपत्ति जब्त करने का प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है। शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने आइसलैंड में पंजीकृत वेबसाइट बीटीसीफंड.आईएस के ज़रिए देशभर के निवेशकों को बिटकॉइन में ऊँचे रिटर्न का झाँसा देकर करोड़ों रुपए की ठगी की।
मामले की पृष्ठभूमि
ईडी ने यह जाँच देहरादून के राजपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की, जो भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1860 के तहत हेमंत ईश्वर शर्मा के विरुद्ध दर्ज की गई थी। इसी धोखाधड़ी योजना से जुड़ी एक अन्य एफआईआर उत्तराखंड के उधम सिंह नगर ज़िले के दिनेशपुर पुलिस स्टेशन में भी शर्मा और अन्य आरोपियों के विरुद्ध आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज है।
कैसे चलाई धोखाधड़ी की स्कीम
जाँच में सामने आया कि हेमंत ईश्वर शर्मा ने 2014 से 2018 तक लगभग 5 वर्षों तक यह फर्जी निवेश योजना संचालित की। उन्होंने बीटीसीफंड.आईएस वेबसाइट के ज़रिए भोले-भाले निवेशकों को बिटकॉइन में असाधारण रिटर्न का लालच दिया और झूठा दावा किया कि कई विदेशी नागरिक इस कंपनी से जुड़े हैं, जिससे यह योजना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वसनीय प्रतीत हो। जब उन्होंने पर्याप्त बिटकॉइन जमा कर लिए, तो उन्होंने अचानक वेबसाइट बंद कर दी और निवेशक ठगे हुए रह गए।
अपराध से अर्जित संपत्ति
ब्लॉकचेन विश्लेषण से पता चला कि शर्मा के पास अपराध से हासिल लगभग 856.23 बिटकॉइन (तत्कालीन मूल्य लगभग ₹200 करोड़) थे। इस राशि को क्रिप्टो एक्सचेंज के माध्यम से परिवर्तित कर रियल एस्टेट, वाहन खरीदने और आवास के नवीनीकरण में लगाया गया। कोई औपचारिक आय का स्रोत न होने के बावजूद शर्मा ने दो बीएमडब्ल्यू कारें, देहरादून के एक पॉश इलाके में एक बंगला और आसपास के क्षेत्रों में कई करोड़ की अचल संपत्तियाँ अर्जित कीं।
पूर्व कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
यह ताज़ा जब्ती इस मामले में ईडी की दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले ईडी ने हेमंत शर्मा की ₹4.56 करोड़ की चल और अचल संपत्तियाँ जब्त करने का प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया था। शर्मा को ईडी द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है और वे वर्तमान में देहरादून की सिद्दोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। दोनों चरणों की जब्ती को मिलाकर कुल संलग्न संपत्ति अब ₹13.10 करोड़ से अधिक हो गई है। जाँच अभी जारी है और आगे और कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।