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देहरादून पार्षद अमित भंडारी गिरफ्तार: बुजुर्ग महिला की जमीन हड़पने के लिए बनाए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र

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देहरादून पार्षद अमित भंडारी गिरफ्तार: बुजुर्ग महिला की जमीन हड़पने के लिए बनाए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र

सारांश

देहरादून पुलिस ने वार्ड 56 के पार्षद अमित भंडारी उर्फ दीपू को भूमि धोखाधड़ी रैकेट में गिरफ्तार किया। आरोप है कि रैकेट ने महाराष्ट्र की एक बुजुर्ग महिला के बेटों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर उनकी देहरादून स्थित जमीन तीन लोगों को बेच दी। मास्टरमाइंड प्रदीप सकलानी पहले से हिरासत में है।

मुख्य बातें

देहरादून पुलिस ने 24 मई 2026 को वार्ड नंबर 56 (धर्मपुर) के पार्षद अमित भंडारी उर्फ दीपू को भूमि धोखाधड़ी रैकेट में गिरफ्तार किया।
आरोपियों ने महाराष्ट्र की एक बुजुर्ग महिला के दोनों बेटों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर उनकी जमीन तीन अलग-अलग व्यक्तियों को बेची।
रैकेट के कथित मास्टरमाइंड प्रदीप सकलानी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है; पुलिस जल्द PCR रिमांड लेगी।
मामला मुकदमा संख्या 82/26 के तहत दर्ज; संदिग्ध हेम भट्ट को साक्ष्यों के अभाव में फिलहाल परिजनों को सौंपा गया।
जांच जारी है; अन्य बिचौलियों और लाभार्थियों के नाम सामने आने की संभावना।

देहरादून पुलिस ने 24 मई 2026 को संगठित भूमि धोखाधड़ी रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वार्ड नंबर 56 (धर्मपुर) के पार्षद अमित भंडारी उर्फ दीपू को गिरफ्तार किया। एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में गठित स्पेशल टीम ने यह कार्रवाई मुकदमा संख्या 82/26 के तहत पुख्ता सबूत मिलने के बाद की। जांच अधिकारियों के अनुसार, यह गिरफ्तारी देहरादून में सक्रिय भूमि माफिया नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में अहम कदम है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, इस रैकेट के कथित मास्टरमाइंड प्रदीप सकलानी को इससे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। सकलानी से हुई गहन पूछताछ में कई सहयोगियों के नाम सामने आए, जिसके बाद स्पेशल टीम ने संदिग्धों की जांच शुरू की। इसी क्रम में पार्षद अमित भंडारी की संलिप्तता उजागर हुई और उन्हें हिरासत में लिया गया।

एक अन्य संदिग्ध हेम भट्ट को फिलहाल साक्ष्यों के अभाव में गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस ने उन्हें अग्रिम सहयोग की हिदायत देकर उनके परिजनों को सौंप दिया है।

कैसे अंजाम दिया गया फर्जीवाड़ा

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने महाराष्ट्र निवासी एक बुजुर्ग महिला की देहरादून स्थित बहुमूल्य भूमि को हड़पने की सुनियोजित साजिश रची। इसके लिए महिला के दोनों बेटों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किए गए और उनके आधार पर वह जमीन तीन अलग-अलग व्यक्तियों को बेच दी गई।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह रैकेट लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों, नकली वसीयतों और जाली मृत्यु प्रमाण पत्रों के जरिए संपत्तियाँ हड़पने में सक्रिय था। महाराष्ट्र निवासी बुजुर्ग महिला इस सुनियोजित षड्यंत्र की शिकार बनीं।

आगे की जांच

पुलिस जल्द ही मुख्य आरोपी प्रदीप सकलानी का पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) लेकर आगे की पूछताछ करेगी। रिमांड के दौरान फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले अन्य लोगों, बिचौलियों और लाभार्थियों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

पुलिस का रुख

एसएसपी देहरादून ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पेशल टीम गठित की थी, जो निरंतर छानबीन कर रही थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि और आरोपियों की संलिप्तता सामने आई तो उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। शहर में भूमि संबंधी धोखाधड़ी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस विशेष अभियान चलाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि स्थानीय शासन की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल है। देहरादून जैसे तेजी से विकसित होते शहर में जहाँ जमीन की कीमतें आसमान छू रही हैं, फर्जी दस्तावेजों के जरिए संपत्ति हड़पने के मामले नई बात नहीं हैं — लेकिन जनप्रतिनिधि की संलिप्तता इस रैकेट को अलग श्रेणी में रखती है। असली परीक्षा यह होगी कि पुलिस PCR रिमांड में बिचौलियों और लाभार्थियों तक कितनी गहराई से पहुँच पाती है, और क्या यह कार्रवाई व्यापक भूमि माफिया नेटवर्क को तोड़ने में सफल होती है या महज एक गिरफ्तारी तक सिमट जाती है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पार्षद अमित भंडारी को किस मामले में गिरफ्तार किया गया?
पार्षद अमित भंडारी उर्फ दीपू को देहरादून में संगठित भूमि धोखाधड़ी रैकेट में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि रैकेट ने महाराष्ट्र की एक बुजुर्ग महिला के बेटों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर उनकी जमीन तीन अलग-अलग लोगों को बेच दी।
इस भूमि धोखाधड़ी रैकेट का मास्टरमाइंड कौन है?
पुलिस के अनुसार, इस रैकेट का कथित मास्टरमाइंड प्रदीप सकलानी है, जिसे पार्षद की गिरफ्तारी से पहले ही हिरासत में लिया जा चुका था। सकलानी की पूछताछ में ही अमित भंडारी समेत अन्य सहयोगियों के नाम सामने आए।
फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र से जमीन कैसे बेची गई?
जांच के अनुसार, आरोपियों ने महाराष्ट्र निवासी बुजुर्ग महिला के दोनों बेटों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किए और उन जाली दस्तावेजों के आधार पर उनकी देहरादून स्थित बहुमूल्य जमीन को तीन अलग-अलग व्यक्तियों को बेच दिया।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ होंगी?
पुलिस ने संकेत दिया है कि जांच जारी है और अन्य आरोपी सामने आने पर उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। प्रदीप सकलानी के PCR रिमांड में फर्जी दस्तावेज बनाने वाले, बिचौलियों और लाभार्थियों के नाम उजागर होने की संभावना है।
हेम भट्ट को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?
पुलिस के अनुसार, संदिग्ध हेम भट्ट को फिलहाल पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्हें अग्रिम सहयोग की हिदायत देकर उनके परिजनों को सौंप दिया गया है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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