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अक्षरधाम मंदिर में 'नशामुक्त युवा' सभा: PM मोदी ने ऑनलाइन किया संबोधित, 10,000 स्थानों से जुड़े युवा

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अक्षरधाम मंदिर में 'नशामुक्त युवा' सभा: PM मोदी ने ऑनलाइन किया संबोधित, 10,000 स्थानों से जुड़े युवा

सारांश

दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर में 'नशामुक्त युवा' सभा में PM मोदी ने ऑनलाइन युवाओं को संबोधित किया। देश के 10,000 स्थानों से युवा जुड़े। बीएपीएस की यह पहल दशकों पुरानी नशामुक्ति परंपरा और सरकारी अभियान के संगम की नई कड़ी है।

मुख्य बातें

स्वामिनारायण अक्षरधाम मंदिर, नई दिल्ली में 'विकसित भारत के लिए नशामुक्त युवा' विशिष्ट सभा का आयोजन हुआ।
PM नरेंद्र मोदी ने ऑनलाइन माध्यम से हज़ारों युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया।
देश के 10,000 से अधिक स्थानों और 125 से अधिक आध्यात्मिक संस्थानों ने वर्चुअली भाग लिया।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे।
प्रमुख स्वामी महाराज ने अपने जीवनकाल में 50 लाख से अधिक लोगों को नशामुक्त किया था।
बीएपीएस 1997 से निरंतर नशामुक्ति अभियान चला रहा है, जिसमें 2007 में 6 लाख 30 हज़ार लोगों ने संकल्प लिया था।

नई दिल्ली के स्वामिनारायण अक्षरधाम मंदिर में 3 अगस्त 2025 को 'विकसित भारत के लिए नशामुक्त युवा' विशिष्ट सभा का आयोजन हुआ, जिसमें दिल्ली और समीपवर्ती क्षेत्रों से हज़ारों युवाओं ने भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑनलाइन माध्यम से युवाओं को संबोधित कर नशामुक्त जीवन अपनाने का आह्वान किया। यह कार्यक्रम देशभर में बीएपीएस (BAPS) के सभी प्रमुख केंद्रों पर एक साथ आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य घटनाक्रम

सभा की शुरुआत सुबह 10 बजे मंगलकारी धुन और प्रार्थना से हुई। संस्था के वरिष्ठ संत ईश्वरचरणदास स्वामी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, 'भगवान स्वामिनारायण ने हमें व्यसनमुक्त जीवन जीने का आदेश दिया है। जो व्यसनमुक्त होता है, वही सच्चा सत्संगी बनता है।' उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी इस अभियान के लिए युवाओं को प्रेरणा दे रहे हैं, इसलिए सभी को उत्साह और प्रेम के साथ आगे आना चाहिए।

केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने बीएपीएस की युवा प्रवृत्ति की सराहना की और नवयुवाओं को सृजनात्मक कार्यों के लिए प्रोत्साहित किया।

राष्ट्रव्यापी भागीदारी

इस कार्यक्रम में देश के 10,000 से अधिक स्थानों से युवाओं ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। इनमें 'माय भारत' के स्वयंसेवक, एनएसएस (NSS) स्वयंसेवक, स्कूल-कॉलेज के छात्र, शैक्षणिक संस्थान और 125 से अधिक आध्यात्मिक संस्थान शामिल रहे। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार 'नशामुक्त भारत अभियान' को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ा रही है।

बीएपीएस की नशामुक्ति यात्रा: ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य

गौरतलब है कि भगवान स्वामिनारायण के काल से ही उनके 3,000 से अधिक संत-परमहंस गाँव-गाँव जाकर लोगों को व्यसनमुक्त जीवन की प्रेरणा देते रहे हैं। प्रमुख स्वामी महाराज ने अपने जीवनकाल में 50 लाख से अधिक लोगों को नशा छुड़वाकर पवित्र जीवन की राह दिखाई — इनमें किसान, जनजातीय समुदाय, व्यापारी और युवा सभी शामिल थे।

बीएपीएस की नशामुक्ति पहलों का संक्षिप्त कालक्रम उल्लेखनीय है। वर्ष 1997 में गुजरात के विभिन्न गाँवों और शहरों में नशामुक्ति शिविर और चलित प्रदर्शनियाँ आयोजित की गईं। वर्ष 2000 में 9 से 14 वर्ष के बच्चों ने 2,500 समूह बनाकर गुजरात, मुंबई, कोलकाता सहित कई राज्यों में घर-घर जाकर लाखों लोगों से नशामुक्ति का लिखित संकल्प कराया।

वर्ष 2007 में 23,000 बच्चों और युवाओं ने देशभर में 21 लाख लोगों से संपर्क किया, जिनमें से 6 लाख 30 हज़ार लोगों ने नशामुक्ति का संकल्प लिया। तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने राष्ट्रपति भवन में बीएपीएस के युवा कार्यकर्ताओं से भेंट कर उनके कार्यों की सराहना की। वर्ष 2022 में आज़ादी के अमृत महोत्सव और प्रमुखस्वामी महाराज की जन्म शताब्दी के अवसर पर भी युवाओं ने लाखों लोगों को प्रेरित किया।

वर्तमान नेतृत्व और दिशा

आज महंतस्वामी महाराज के मार्गदर्शन में असंख्य लोग व्यसनमुक्त जीवन अपनाकर अपने और समाज के लिए बेहतर भविष्य की नींव रख रहे हैं। यह अभियान आध्यात्मिक प्रेरणा को सामाजिक परिवर्तन से जोड़ने का एक दीर्घकालिक प्रयास है, जो अब सरकारी पहलों के साथ मिलकर और व्यापक रूप ले रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो नशामुक्ति जैसे सामाजिक मुद्दे को राष्ट्रनिर्माण के एजेंडे से जोड़ता है। बीएपीएस का दशकों का ज़मीनी अनुभव और सरकार की नीतिगत पहुँच मिलकर एक व्यापक प्रभाव बना सकती हैं — लेकिन असली परीक्षा यह है कि 10,000 स्थानों पर हुए संकल्पों का दीर्घकालिक अनुपालन कैसे सुनिश्चित होगा। 2007 में 6 लाख 30 हज़ार संकल्पों के बाद भी नशे की समस्या देश में बनी रही — इसलिए जागरूकता से आगे बढ़कर व्यवहार परिवर्तन के मापन योग्य तंत्र की ज़रूरत है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'विकसित भारत के लिए नशामुक्त युवा' कार्यक्रम क्या था?
यह बीएपीएस द्वारा आयोजित एक राष्ट्रव्यापी विशिष्ट सभा थी, जो दिल्ली के स्वामिनारायण अक्षरधाम मंदिर सहित देशभर के बीएपीएस केंद्रों पर एक साथ हुई। इसका उद्देश्य युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने और विकसित भारत के निर्माण में भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना था।
PM मोदी ने इस कार्यक्रम में कैसे भाग लिया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑनलाइन माध्यम से युवाओं को संबोधित किया और नशामुक्त भारत अभियान में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी को इस अभियान में आगे आने के लिए प्रेरित किया।
इस कार्यक्रम में कितने लोगों ने भाग लिया?
देश के 10,000 से अधिक स्थानों से युवाओं ने वर्चुअली भाग लिया, जिनमें 'माय भारत' और एनएसएस के स्वयंसेवक, स्कूल-कॉलेज के छात्र तथा 125 से अधिक आध्यात्मिक संस्थान शामिल थे।
बीएपीएस की नशामुक्ति पहल कितनी पुरानी है?
बीएपीएस 1997 से संगठित रूप से नशामुक्ति अभियान चला रहा है। प्रमुख स्वामी महाराज ने अपने जीवनकाल में 50 लाख से अधिक लोगों को नशा छुड़वाया। 2007 में 23,000 युवाओं ने 21 लाख लोगों से संपर्क कर 6 लाख 30 हज़ार लोगों से नशामुक्ति का संकल्प कराया।
केंद्र सरकार की इस कार्यक्रम में क्या भूमिका रही?
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे और बीएपीएस की युवा पहलों की सराहना की। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के 'नशामुक्त भारत अभियान' के व्यापक ढाँचे के अनुरूप आयोजित किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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