1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

स्वतंत्रता दिवस 2026: दिल्ली में 2 से 16 अगस्त तक ड्रोन और अन्य हवाई उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
स्वतंत्रता दिवस 2026: दिल्ली में 2 से 16 अगस्त तक ड्रोन और अन्य हवाई उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध

सारांश

स्वतंत्रता दिवस 2026 से पहले दिल्ली पुलिस ने खुफिया इनपुट के आधार पर 2 से 16 अगस्त तक पूरे NCT में ड्रोन, क्वाडकॉप्टर और हर तरह के गैर-पारंपरिक हवाई उपकरणों पर पाबंदी लगाई है। उल्लंघन पर BNS की धारा 223 के तहत कार्रवाई होगी।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 31 जुलाई 2026 को आदेश जारी कर 2 से 16 अगस्त 2026 तक ड्रोन व अन्य हवाई उपकरणों पर प्रतिबंध लगाया।
प्रतिबंध BNSS, 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया और पूरे दिल्ली NCT पर लागू है।
पैराग्लाइडर, हैंगग्लाइडर, UAV, UAS, क्वाडकॉप्टर, हॉट एयर बैलून सहित सभी गैर-पारंपरिक हवाई मंच प्रतिबंधित हैं।
खुफिया एजेंसियों के इनपुट में आतंकवादी या असामाजिक तत्वों द्वारा ड्रोन से हमले की आशंका जताई गई है।
उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 31 जुलाई 2026 को एक आधिकारिक आदेश जारी कर 2 अगस्त से 16 अगस्त 2026 तक दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) में ड्रोन समेत सभी प्रकार के गैर-पारंपरिक हवाई उपकरणों की उड़ान पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश स्वतंत्रता दिवस समारोह 2026 की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रभावी है।

प्रतिबंध का दायरा और अवधि

आदेश के अनुसार, 15 दिनों की इस अवधि में पैराग्लाइडर, पैरामोटर, हैंगग्लाइडर, मानव-रहित हवाई वाहन (UAV), मानव-रहित हवाई प्रणाली (UAS), माइक्रोलाइट विमान, रिमोट-संचालित विमान, हॉट एयर बैलून, क्वाडकॉप्टर और विमान से की जाने वाली पैरा जंपिंग — इन सभी पर पाबंदी रहेगी। यह प्रतिबंध 2 अगस्त से लागू हुआ है और 16 अगस्त 2026 तक (दोनों दिन सम्मिलित) जारी रहेगा, जब तक इसे पहले वापस न लिया जाए।

खुफिया इनपुट और सुरक्षा चिंताएँ

आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि खुफिया एजेंसियों से प्राप्त इनपुट के आधार पर आशंका जताई गई है कि आपराधिक, असामाजिक तत्व अथवा आतंकवादी गैर-पारंपरिक हवाई उपकरणों का उपयोग कर आम नागरिकों, वीआईपी, संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों और स्वतंत्रता दिवस समारोह को निशाना बना सकते हैं। इन संभावित खतरों को पूर्व में ही निष्प्रभावी करने के उद्देश्य से यह एहतियाती कदम उठाया गया है।

उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह प्रावधान सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने से संबंधित मामलों में लागू होता है।

व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में ड्रोन से जुड़ी सुरक्षा घटनाएँ सामने आई हैं, जिनमें 2021 में जम्मू वायुसेना स्टेशन पर ड्रोन हमला उल्लेखनीय है। इस पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय राजधानी में स्वतंत्रता दिवस जैसे संवेदनशील अवसर पर ऐसा प्रतिबंध स्वाभाविक सुरक्षा उपाय माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में बड़े सार्वजनिक समारोहों के दौरान हवाई सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक सतर्कता बढ़ती जा रही है।

आगे की स्थिति

प्रतिबंध की अवधि 16 अगस्त 2026 को समाप्त होगी, बशर्ते पुलिस इसे पहले वापस न ले। नागरिकों और व्यावसायिक ड्रोन संचालकों को सलाह दी गई है कि वे इस अवधि में किसी भी प्रकार के हवाई उपकरण का संचालन न करें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार आदेश में खुफिया इनपुट का सीधा उल्लेख और BNSS के तहत दंडात्मक प्रावधान की चेतावनी — दोनों मिलकर सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी हुई सतर्कता का संकेत देते हैं। 2021 के जम्मू ड्रोन हमले के बाद से केंद्रीय प्रतिष्ठानों के आसपास ड्रोन-रोधी तंत्र तो मज़बूत हुआ है, लेकिन नागरिक क्षेत्र में ड्रोन के तेज़ी से बढ़ते व्यावसायिक उपयोग ने प्रवर्तन को जटिल बना दिया है। सवाल यह है कि 15 दिन के प्रतिबंध से आगे क्या — क्या दिल्ली के लिए एक स्थायी एंटी-ड्रोन नीति का समय नहीं आ गया?
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में ड्रोन प्रतिबंध कब से कब तक लागू है?
यह प्रतिबंध 2 अगस्त 2026 से 16 अगस्त 2026 तक (दोनों दिन सम्मिलित) 15 दिनों के लिए लागू है। इसे दिल्ली पुलिस आयुक्त ने 31 जुलाई 2026 को जारी किया था।
दिल्ली में किन हवाई उपकरणों पर प्रतिबंध लगाया गया है?
प्रतिबंध में ड्रोन, क्वाडकॉप्टर, पैराग्लाइडर, पैरामोटर, हैंगग्लाइडर, UAV, UAS, माइक्रोलाइट विमान, रिमोट-संचालित विमान, हॉट एयर बैलून और विमान से पैरा जंपिंग शामिल हैं। संक्षेप में, हर प्रकार के गैर-पारंपरिक हवाई उपकरण इस दायरे में आते हैं।
यह प्रतिबंध किस कानून के तहत लगाया गया है?
यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है। उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।
प्रतिबंध क्यों लगाया गया है?
खुफिया एजेंसियों से प्राप्त इनपुट के आधार पर आशंका जताई गई है कि आतंकवादी या असामाजिक तत्व ड्रोन व अन्य हवाई उपकरणों का उपयोग कर स्वतंत्रता दिवस समारोह, वीआईपी और संवेदनशील प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकते हैं। इन खतरों को पहले ही रोकने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर क्या होगा?
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह प्रावधान सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने से जुड़े मामलों में लागू होता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले