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परीक्षा सुधार पर दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने की PM मोदी की तारीफ, नंदन नीलेकणि टास्क फोर्स का किया स्वागत

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परीक्षा सुधार पर दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने की PM मोदी की तारीफ, नंदन नीलेकणि टास्क फोर्स का किया स्वागत

सारांश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने PM मोदी के परीक्षा सुधार कदमों को सराहा — पेपर लीक के विरुद्ध सख्त कानून, नंदन नीलेकणि की अगुआई में टास्क फोर्स और संसद में नया विधेयक। यह कदम छात्र आंदोलन और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उठाया गया है।

मुख्य बातें

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर वीडियो संदेश जारी कर PM मोदी के परीक्षा सुधार प्रयासों की तारीफ की।
PM मोदी ने इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की।
टास्क फोर्स में इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस.
सोमनाथ , पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका , IIT चेन्नई के निदेशक वी.
कामकोटि , अनीता करवाल और अमृत लाल मीणा शामिल।
संसद में परीक्षा सुधार विधेयक, फास्ट ट्रैक अदालतें और पेपर लीक माफिया के विरुद्ध कड़े दंड प्रस्तावित।
यह कदम कथित पेपर लीक के विरोध में छात्र आंदोलन और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उठाया गया।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 27 जुलाई 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो संदेश साझा कर केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने वीडियो संदेश में कहा, 'देश के युवाओं को ऐसा भविष्य मिलना चाहिए, जो निष्पक्षता, पारदर्शिता और अवसरों पर आधारित हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्णायक सुधारों के माध्यम से हर छात्र की आकांक्षाओं को सुरक्षित रखने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया है।'

उन्होंने आगे कहा कि पेपर लीक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, मजबूत कानूनी सुरक्षा उपाय, अधिक विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली, शैक्षणिक अवसरों का विस्तार और स्टार्टअप व नवाचार को निरंतर समर्थन देने के माध्यम से सरकार का लक्ष्य हर युवा भारतीय को सशक्त बनाना है।

नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में टास्क फोर्स

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों के लिए एक विशेष टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया था कि टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर आगामी परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँगे।

गौरतलब है कि आधार परियोजना में अहम भूमिका निभाने वाले नंदन नीलेकणि को इस टास्क फोर्स में उस समय शामिल किया गया, जब कथित पेपर लीक के विरोध में छात्रों का आंदोलन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त हुआ था।

टास्क फोर्स की संरचना

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, टास्क फोर्स में नंदन नीलेकणि के अलावा इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ, पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका, आईआईटी चेन्नई के निदेशक वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल होंगे।

संसद में विधेयक और फास्ट ट्रैक अदालतें

मुख्यमंत्री गुप्ता ने यह भी बताया कि संसद में परीक्षा सुधारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया जाने वाला है। इसके साथ फास्ट ट्रैक अदालतें स्थापित की जाएँगी और पेपर लीक माफिया के विरुद्ध कड़े दंड के प्रावधान किए जाएँगे, ताकि छात्रों और अभिभावकों का भरोसा मजबूत हो सके।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर छात्रों में गहरी चिंता है। टास्क फोर्स की रिपोर्ट और संसद में प्रस्तावित विधेयक मिलकर परीक्षा सुधार की दिशा तय करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी समाधान और कानूनी सख्ती का यह संयोजन भविष्य में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या नंदन नीलेकणि की टास्क फोर्स केवल तकनीकी समाधान तक सीमित रहेगी या परीक्षा संस्थाओं की जवाबदेही भी सुनिश्चित करेगी। पेपर लीक की घटनाएँ नई नहीं हैं — NEET, UGC-NET और अन्य परीक्षाओं में बार-बार सामने आई खामियाँ बताती हैं कि समस्या प्रणालीगत है, न कि व्यक्तिगत। फास्ट ट्रैक अदालतें और कड़े दंड तब तक प्रभावी नहीं होंगे, जब तक परीक्षा एजेंसियों की आंतरिक संरचना में पारदर्शिता नहीं आती। प्रस्तावित विधेयक की भाषा और क्रियान्वयन तंत्र ही तय करेगा कि यह सुधार वास्तविक बदलाव लाएगा या केवल एक और नीतिगत घोषणा बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने PM मोदी के किन कदमों की सराहना की?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पेपर लीक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, फास्ट ट्रैक अदालतें, परीक्षा सुधार विधेयक और नंदन नीलेकणि की अगुआई में गठित टास्क फोर्स की सराहना की। उन्होंने इसे हर युवा भारतीय को सशक्त बनाने की दिशा में निर्णायक कदम बताया।
परीक्षा सुधार टास्क फोर्स में कौन-कौन शामिल हैं?
टास्क फोर्स की अध्यक्षता इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि करेंगे। इसमें इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ, पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका, IIT चेन्नई के निदेशक वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा भी शामिल हैं।
नंदन नीलेकणि को टास्क फोर्स में क्यों शामिल किया गया?
नंदन नीलेकणि को आधार परियोजना में उनकी अहम तकनीकी भूमिका के कारण चुना गया। उनकी नियुक्ति उस समय हुई जब कथित पेपर लीक के विरोध में छात्र आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था।
परीक्षा सुधार विधेयक से छात्रों को क्या फायदा होगा?
प्रस्तावित विधेयक में पेपर लीक माफिया के विरुद्ध कड़े दंड के प्रावधान और फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना शामिल है। इससे परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता और पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों व अभिभावकों का विश्वास मजबूत होगा।
परीक्षा सुधार की यह पहल किस पृष्ठभूमि में आई है?
यह पहल NEET और UGC-NET सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक की घटनाओं के बाद उठे व्यापक छात्र आंदोलन के बाद आई है। आंदोलन के दबाव में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था, जिसके बाद सरकार ने सुधार प्रक्रिया तेज की।
राष्ट्र प्रेस
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