परीक्षा सुधार पर दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने की PM मोदी की तारीफ, नंदन नीलेकणि टास्क फोर्स का किया स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 27 जुलाई 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो संदेश साझा कर केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने वीडियो संदेश में कहा, 'देश के युवाओं को ऐसा भविष्य मिलना चाहिए, जो निष्पक्षता, पारदर्शिता और अवसरों पर आधारित हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्णायक सुधारों के माध्यम से हर छात्र की आकांक्षाओं को सुरक्षित रखने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया है।'
उन्होंने आगे कहा कि पेपर लीक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, मजबूत कानूनी सुरक्षा उपाय, अधिक विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली, शैक्षणिक अवसरों का विस्तार और स्टार्टअप व नवाचार को निरंतर समर्थन देने के माध्यम से सरकार का लक्ष्य हर युवा भारतीय को सशक्त बनाना है।
नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में टास्क फोर्स
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों के लिए एक विशेष टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया था कि टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर आगामी परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँगे।
गौरतलब है कि आधार परियोजना में अहम भूमिका निभाने वाले नंदन नीलेकणि को इस टास्क फोर्स में उस समय शामिल किया गया, जब कथित पेपर लीक के विरोध में छात्रों का आंदोलन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त हुआ था।
टास्क फोर्स की संरचना
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, टास्क फोर्स में नंदन नीलेकणि के अलावा इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ, पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका, आईआईटी चेन्नई के निदेशक वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल होंगे।
संसद में विधेयक और फास्ट ट्रैक अदालतें
मुख्यमंत्री गुप्ता ने यह भी बताया कि संसद में परीक्षा सुधारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया जाने वाला है। इसके साथ फास्ट ट्रैक अदालतें स्थापित की जाएँगी और पेपर लीक माफिया के विरुद्ध कड़े दंड के प्रावधान किए जाएँगे, ताकि छात्रों और अभिभावकों का भरोसा मजबूत हो सके।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर छात्रों में गहरी चिंता है। टास्क फोर्स की रिपोर्ट और संसद में प्रस्तावित विधेयक मिलकर परीक्षा सुधार की दिशा तय करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी समाधान और कानूनी सख्ती का यह संयोजन भविष्य में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।