27 जुलाई 2026
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नंदन नीलेकणि की अगुवाई में टास्क फोर्स पर एनडीए सांसदों की मुहर, पेपर लीक रोकने को तकनीक होगी हथियार

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नंदन नीलेकणि की अगुवाई में टास्क फोर्स पर एनडीए सांसदों की मुहर, पेपर लीक रोकने को तकनीक होगी हथियार

सारांश

संसद के मॉनसून सत्र में एनडीए सांसदों ने नंदन नीलेकणि की अगुवाई वाली परीक्षा सुधार टास्क फोर्स को देश की परीक्षा प्रणाली बदलने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। साथ ही BJP ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर SIT जांच की मांग उठाकर सत्र को एक नया राजनीतिक मोड़ दे दिया।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तकनीक विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि की अगुवाई में परीक्षा सुधारों के लिए हाई-पावर टास्क फोर्स गठित की।
BJP सांसद नरेश बंसल ने टास्क फोर्स को परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने का महत्वपूर्ण कदम बताया।
सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 में पेपर लीक और संगठित रैकेट के खिलाफ कड़े दंड के प्रावधान प्रस्तावित।
JDU सांसद संजय झा ने तकनीक के ज़रिए मानवीय हस्तक्षेप घटाने और परीक्षाएं सुरक्षित बनाने पर जोर दिया।
BJP सांसद निशिकांत दुबे ने 2004 से 2026 के बीच राहुल गांधी की विदेश यात्राओं की जांच के लिए SIT गठन की मांग की।
कांग्रेस की ओर से दुबे के आरोपों पर अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई।

संसद के मॉनसून सत्र में 27 जुलाई 2026 को एनडीए सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तकनीक विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि की अगुवाई में गठित हाई-पावर टास्क फोर्स का स्वागत किया और कहा कि तकनीक के व्यापक उपयोग से देश की परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी एवं भरोसेमंद बनेगी। साथ ही, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर तीखे सवाल उठाए।

टास्क फोर्स का स्वागत और परीक्षा सुधार

BJP सांसद नरेश बंसल ने नीलेकणि की अगुवाई वाली टास्क फोर्स को परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस टास्क फोर्स में शिक्षा और अन्य क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा, जिससे नकल और पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। बंसल के अनुसार, तकनीक और विशेषज्ञ भागीदारी मिलकर परीक्षाओं को सुरक्षित बनाएंगी।

सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक पर सरकार का रुख

BJP सांसद मेधा कुलकर्णी ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रस्तावित कानून में पेपर लीक और संगठित रैकेट से निपटने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। उनके अनुसार, विधेयक में दोषियों के लिए सख्त दंड और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उपाय शामिल हैं, ताकि भविष्य में छात्रों को ऐसी घटनाओं का खामियाजा न भुगतना पड़े।

गौरतलब है कि हाल के वर्षों में NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोप लगातार सुर्खियों में रहे हैं, जिसने लाखों छात्रों के भविष्य पर सवालिया निशान लगाया। यह विधेयक उसी पृष्ठभूमि में आया है।

जेडीयू का समर्थन और तकनीक पर जोर

जनता दल (यूनाइटेड) — JDU — के सांसद संजय झा ने भी सरकार के कदमों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने शुरुआत से ही छात्रों की पेपर लीक संबंधी चिंताओं को गंभीरता से लिया है। झा ने बताया कि नई व्यवस्था में तकनीक के माध्यम से मानवीय हस्तक्षेप को कम करने और परीक्षाओं को सुरक्षित बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि टास्क फोर्स और प्रस्तावित कानून मिलकर भविष्य में निष्पक्ष परीक्षाएं सुनिश्चित करेंगे।

विपक्ष की माँग — संसद में हो बहस

सांसद सायोनी घोष ने कहा कि इस विधेयक पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा सुधारों और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सदन में सकारात्मक बहस ज़रूरी है और युवाओं की चिंताओं को केंद्र में रखकर नीति बननी चाहिए।

राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर BJP का हमला

BJP सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि 2004 से 2026 के बीच राहुल गांधी ने कई विदेश यात्राएं कीं, लेकिन इन यात्राओं की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं है। दुबे ने इन यात्राओं और कथित गुप्त समझौतों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि BJP नेता प्रतिपक्ष के पद से राहुल गांधी को हटाने का प्रस्ताव लाने की कोशिश करेगी। हालाँकि, कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

यह ऐसे समय में आया है जब मॉनसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तनातनी जारी है। टास्क फोर्स की अगली बैठक और विधेयक पर संसद में होने वाली बहस आने वाले दिनों में इस विमर्श की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इसकी सिफारिशें बाध्यकारी होंगी या महज परामर्शदात्री — पिछली समितियाँ इसी अंतर में दब गईं। पेपर लीक की समस्या प्रशासनिक चूक से उतनी नहीं जितनी संरचनात्मक भ्रष्टाचार से जुड़ी है, और तकनीक अकेले उसे नहीं सुलझा सकती जब तक जवाबदेही की जड़ें मज़बूत न हों। दूसरी ओर, मॉनसून सत्र में राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को SIT का मुद्दा बनाना परीक्षा सुधार की बहस से ध्यान भटकाने की रणनीति भी लग सकती है — जो करोड़ों छात्रों के लिए कहीं अधिक ज़रूरी विषय है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नंदन नीलेकणि की अगुवाई में बनी परीक्षा सुधार टास्क फोर्स क्या करेगी?
यह हाई-पावर टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली में पेपर लीक और नकल रोकने के उपाय सुझाएगी। इसमें शिक्षा और तकनीक क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञ शामिल होंगे और तकनीक के व्यापक उपयोग पर जोर दिया जाएगा।
सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 में क्या प्रावधान हैं?
प्रस्तावित विधेयक में पेपर लीक और संगठित परीक्षा रैकेट से निपटने के लिए कड़े दंड और जवाबदेही के उपाय शामिल हैं। इसका उद्देश्य भविष्य में छात्रों को ऐसी घटनाओं से होने वाले नुकसान से बचाना है।
BJP ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर SIT जांच की मांग क्यों की?
BJP सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि 2004 से 2026 के बीच राहुल गांधी की विदेश यात्राओं की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं है और कथित गुप्त समझौतों की जांच ज़रूरी है। कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर अभी तक विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है।
परीक्षा सुधारों पर विपक्ष का क्या रुख है?
सांसद सायोनी घोष ने माँग की कि सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक पर संसद में विस्तृत बहस होनी चाहिए। उनका कहना है कि युवाओं और छात्रों की चिंताओं को केंद्र में रखकर सदन में सकारात्मक चर्चा ज़रूरी है।
पेपर लीक रोकने में तकनीक की क्या भूमिका होगी?
JDU सांसद संजय झा के अनुसार, नई व्यवस्था में तकनीक के माध्यम से मानवीय हस्तक्षेप को कम किया जाएगा ताकि परीक्षाएं अधिक सुरक्षित और निष्पक्ष हो सकें। नंदन नीलेकणि की टास्क फोर्स इसी दिशा में ठोस सिफारिशें देगी।
राष्ट्र प्रेस
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