पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल 2026: भाजपा सांसदों ने बताया ऐतिहासिक, पेपर लीक दोषियों पर सख्त कार्रवाई का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
संसद के मॉनसून सत्र में 27 जुलाई 2026 को पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 पर चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसदों ने इसे देश की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने वाला ऐतिहासिक कदम करार दिया। सांसदों ने एकमत से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
BJP सांसद तरुण चुघ ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जिन लोगों ने छह दशकों तक देश पर शासन किया, उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी पिछले दो कार्यकालों से लगातार बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए काम कर रहे हैं।
चुघ ने यह भी बताया कि सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया है, जिसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाना है।
सांसदों की प्रतिक्रिया
BJP सांसद राहुल सिन्हा ने इस संशोधन बिल को भविष्य में पेपर लीक रोकने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस बिल का विरोध करने के नए-नए तरीके तलाश रहा है और सदन की कार्यवाही बाधित करना चाहता है।
BJP सांसद जगदंबिका पाल ने परीक्षा सुधारों को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि नीट परीक्षा प्रणाली तथा शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधारों पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार ने युवाओं की चिंताओं को हमेशा प्राथमिकता दी है।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने कहा कि संसद में परीक्षा लीक मामलों की जाँच प्रक्रिया और शिक्षा व्यवस्था में सुधार सहित सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पेपर लीक का मुद्दा उठाया जा रहा है, तो अन्य राज्यों में हुई ऐसी घटनाओं पर भी समान रूप से विचार होना चाहिए।
कानून और सामाजिक जागरूकता दोनों जरूरी
BJP सांसद लहर सिंह सिरोया ने स्पष्ट किया कि परीक्षा में छात्रों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, लेकिन पेपर लीक और अनियमितताओं में लिप्त असामाजिक तत्वों पर सख्त कदम उठाना अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं होगा — उसका प्रभावी क्रियान्वयन और समाज की जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है।
विपक्ष पर आरोप
BJP सांसद मदन राठौड़ ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर सदन में व्यवधान पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वह छात्रों के प्रदर्शन से लेकर अन्य आंदोलनों का सहारा लेकर सरकार पर हमला करती रहती है। राठौड़ ने कांग्रेस नेतृत्व पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी में स्पष्ट दिशा और निर्णय क्षमता का अभाव है।
आगे क्या होगा
यह बिल ऐसे समय में आया है जब देशभर में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं। गौरतलब है कि हाई पावर्ड टास्क फोर्स के गठन और इस संशोधन बिल के माध्यम से सरकार एक व्यापक सुधार ढाँचा तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। संसद में इस बिल पर आगे की चर्चा और मतदान के बाद ही इसके क्रियान्वयन की रूपरेखा स्पष्ट होगी।