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नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार टास्क फोर्स, दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने बताया पेपर लीक पर कड़ा प्रहार

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नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार टास्क फोर्स, दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने बताया पेपर लीक पर कड़ा प्रहार

सारांश

पेपर लीक विवाद और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद PM मोदी ने नंदन नीलेकणि की अगुवाई में हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनाई — फास्ट-ट्रैक अदालतें, सख्त कानून और तकनीक-आधारित परीक्षा प्रणाली का वादा। दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने इसे युवाओं के भविष्य की सुरक्षा का संकल्प बताया।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई को नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार के लिए हाई-पावर्ड टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट कर इसे पेपर लीक जैसी अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई बताया।
PM मोदी ने कहा कि पेपर लीक के दोषी जेल में हैं ; फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित की गई हैं।
संसद में कड़े कानूनी प्रावधानों वाला नया कानून लाने की तैयारी चल रही है।
यह घोषणा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्र आंदोलन थमने के बाद आई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई को देश की परीक्षा प्रणाली में आमूल-चूल बदलाव की दिशा में निर्णायक कदम उठाते हुए इंफोसिस के सह-संस्थापक और आधार परियोजना के प्रमुख वास्तुकार नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की। इस टास्क फोर्स का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को तकनीक-आधारित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घोषणा को पेपर लीक जैसी अनियमितताओं पर सरकार की कठोर कार्रवाई का प्रतीक बताया।

मुख्य घोषणाएँ

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को जारी अपने वीडियो संदेश में स्पष्ट किया कि नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में गठित यह टास्क फोर्स परीक्षा सुधारों पर विस्तृत अध्ययन करेगी। उन्होंने कहा, 'इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विश्वप्रसिद्ध तकनीकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया गया है। यह टास्क फोर्स परीक्षा सुधारों पर काम करेगी और इसकी रिपोर्ट के आधार पर जल्द से जल्द आगामी परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।'

दिल्ली CM की प्रतिक्रिया

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि भारत का युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति है और उनके सपनों, परिश्रम तथा आकांक्षाओं की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि सरकार प्रत्येक छात्र को निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

रेखा गुप्ता ने आगे कहा कि पेपर लीक जैसी अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई और सशक्त कानूनी प्रावधानों के ज़रिए परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

पेपर लीक विवाद की पृष्ठभूमि

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब कथित परीक्षा पेपर लीक मामलों को लेकर देशभर में छात्रों का आंदोलन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद थमा है। गौरतलब है कि पेपर लीक के आरोपों ने देशभर में लाखों छात्रों की परीक्षाओं पर सवालिया निशान खड़े कर दिए थे, जिससे शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया था।

सरकार की कार्रवाई

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा, 'जिन लोगों ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, वे आज जेल में हैं। हमने फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित की हैं और संसद में कड़े कानूनी प्रावधानों वाला नया कानून लाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए परीक्षा प्रणाली को तकनीक आधारित बनाना अब अनिवार्य हो गया है।

आगे की राह

टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर आगामी परीक्षाओं की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र कदम उठाए जाने की उम्मीद है। नंदन नीलेकणि की तकनीकी विशेषज्ञता — विशेषकर आधार जैसी बड़े पैमाने की डिजिटल परियोजनाओं में उनके अनुभव — को देखते हुए यह टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली के डिजिटलीकरण और सुरक्षा में ठोस बदलाव ला सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि टास्क फोर्स की सिफारिशें कितनी जल्दी और कितनी पारदर्शिता से लागू होंगी — क्योंकि भारत में समितियाँ बनाना और उनकी रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डालना कोई नई बात नहीं। पेपर लीक का यह संकट केवल तकनीकी विफलता नहीं, बल्कि परीक्षा तंत्र में गहरी संस्थागत खामियों का नतीजा है। फास्ट-ट्रैक अदालतें और सख्त कानून ज़रूरी हैं, पर जब तक परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही तय नहीं होती, छात्रों का भरोसा लौटाना मुश्किल रहेगा।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में बनी परीक्षा सुधार टास्क फोर्स क्या करेगी?
यह हाई-पावर्ड टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली को तकनीक-आधारित, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर काम करेगी। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगामी परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र कदम उठाए जाएंगे।
दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने PM मोदी की घोषणा पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह घोषणा पेपर लीक जैसी अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत का युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति है और उनकी आकांक्षाओं की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पेपर लीक मामले में सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने पेपर लीक के दोषियों को जेल भेजा है और फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित की हैं। इसके अलावा संसद में कड़े कानूनी प्रावधानों वाला नया कानून लाने की तैयारी चल रही है।
यह घोषणा किस पृष्ठभूमि में हुई?
कथित परीक्षा पेपर लीक मामलों को लेकर देशभर में छात्रों का आंदोलन हुआ था, जो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद थमा। इसी संदर्भ में PM मोदी ने परीक्षा सुधार टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की।
नंदन नीलेकणि कौन हैं और उन्हें यह जिम्मेदारी क्यों दी गई?
नंदन नीलेकणि इंफोसिस के सह-संस्थापक और आधार परियोजना के प्रमुख वास्तुकार हैं। PM मोदी ने उन्हें 'विश्वप्रसिद्ध तकनीकी विशेषज्ञ' बताते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली को तकनीक-आधारित बनाने के लिए उनकी विशेषज्ञता का उपयोग किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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