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नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली परीक्षा सुधार टास्क फोर्स ने 13 सितंबर तक मांगे सुझाव

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नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली परीक्षा सुधार टास्क फोर्स ने 13 सितंबर तक मांगे सुझाव

सारांश

पेपर लीक विवाद और छात्र आंदोलनों के बाद केंद्र सरकार की बड़ी पहल — नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय टास्क फोर्स ने 13 सितंबर तक सुझाव माँगे हैं। साथ ही एनटीए में तीन वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति से संकेत मिलता है कि सरकार परीक्षा तंत्र की जड़ों तक सुधार करने के मूड में है।

मुख्य बातें

नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय टास्क फोर्स (एचपीटीएफ) ने 13 सितंबर 2026 तक सभी हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं।
टास्क फोर्स में पूर्व इसरो अध्यक्ष एस.
सोमनाथ , पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका और आईआईटी मद्रास निदेशक वी.
कामकोटी सहित छह विशेषज्ञ शामिल हैं।
सुझाव परीक्षा सुरक्षा, सीबीटी प्रणाली, प्रशासनिक जवाबदेही और समावेशी परीक्षा व्यवस्था पर माँगे गए हैं।
एनटीए में आईएएस प्रसन्ना वेंकटेश वी और आईपीएस रवि कुमार सिंह को निदेशक तथा आईआरएस अमित समदरिया को संयुक्त निदेशक नियुक्त किया गया।
यह पहल कथित पेपर लीक मामलों और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उठे छात्र आंदोलनों की पृष्ठभूमि में आई है।

सार्वजनिक परीक्षाओं में व्यापक सुधार के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय टास्क फोर्स (एचपीटीएफ) ने 28 अगस्त 2026 को छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और नागरिक समाज संगठनों सहित सभी हितधारकों से 13 सितंबर तक सुझाव आमंत्रित किए हैं। इस टास्क फोर्स की अध्यक्षता आधार परियोजना के प्रमुख वास्तुकार नंदन नीलेकणी कर रहे हैं। यह पहल ऐसे समय में आई है जब देशभर में कथित पेपर लीक मामलों को लेकर छात्र आंदोलन हो चुके हैं।

टास्क फोर्स की संरचना

नंदन नीलेकणी के अलावा इस टास्क फोर्स में पूर्व इसरो अध्यक्ष एस. सोमनाथ, पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका, आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं। यह विविध विशेषज्ञता वाली समिति तकनीक, सुरक्षा, शिक्षा और प्रशासन — चारों मोर्चों पर एक साथ काम करने के लिए बनाई गई है।

किन विषयों पर मांगे गए हैं सुझाव

टास्क फोर्स ने चार प्रमुख क्षेत्रों में सुझाव आमंत्रित किए हैं: परीक्षाओं के संचालन और सुरक्षा, परीक्षा प्रणाली और मूल्यांकन पद्धति, प्रशासनिक जवाबदेही, तथा परीक्षा में होने वाली अनियमितताओं की रोकथाम एवं समाधान।

इसके साथ ही सुरक्षित कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी), परीक्षा ढाँचे का विस्तार, आधुनिक तकनीक का उपयोग और सामाजिक, आर्थिक, क्षेत्रीय तथा भाषाई रूप से वंचित समूहों के लिए अधिक समावेशी परीक्षा व्यवस्था विकसित करने पर भी सुझाव माँगे गए हैं।

पृष्ठभूमि: पेपर लीक विवाद और छात्र आंदोलन

गौरतलब है कि नंदन नीलेकणी को यह जिम्मेदारी ऐसे दौर में सौंपी गई है जब हाल के महीनों में कथित पेपर लीक मामलों को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन भड़के थे। तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ये आंदोलन थमे थे। यह टास्क फोर्स उसी राजनीतिक और सामाजिक दबाव की प्रतिक्रिया के रूप में देखी जा रही है।

एनटीए में नई नियुक्तियाँ

समानांतर में, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने भी अपनी कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की है। आधिकारिक आदेश के अनुसार, 2012 बैच के आईएएस अधिकारी प्रसन्ना वेंकटेश वी को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति योजना के तहत पाँच वर्षों के लिए एनटीए में निदेशक नियुक्त किया गया है।

आंध्र प्रदेश कैडर के 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी रवि कुमार सिंह — जो इससे पहले दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) में पुलिस उपायुक्त के रूप में कार्यरत थे — को भी एनटीए में निदेशक नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति केंद्रीय गृह मंत्रालय की अनुशंसा पर हुई है।

इसके अतिरिक्त, 2016 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी अमित समदरिया को चार वर्षों के लिए एनटीए में संयुक्त निदेशक (उप सचिव स्तर) के पद पर नियुक्त किया गया है।

आगे की राह

सरकार का मानना है कि इन संरचनात्मक बदलावों से देश की परीक्षा प्रणाली अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनेगी। 13 सितंबर की समय-सीमा के बाद टास्क फोर्स प्राप्त सुझावों का विश्लेषण कर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगी, जिनके आधार पर सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली में दीर्घकालिक सुधार का खाका तैयार किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बिना स्वतंत्र ऑडिट तंत्र के यह भी अपर्याप्त साबित हो सकता है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली परीक्षा सुधार टास्क फोर्स क्या है?
यह केंद्र सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय टास्क फोर्स (एचपीटीएफ) है जिसका उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाना है। इसमें नंदन नीलेकणी के अलावा पूर्व इसरो अध्यक्ष एस. सोमनाथ और अन्य विशेषज्ञ शामिल हैं।
टास्क फोर्स को सुझाव देने की अंतिम तिथि क्या है?
सभी हितधारक — छात्र, अभिभावक, शिक्षक और नागरिक समाज संगठन — 13 सितंबर 2026 तक अपने सुझाव दे सकते हैं। इसके बाद टास्क फोर्स सिफारिशें तैयार कर सरकार को सौंपेगी।
यह टास्क फोर्स किन विषयों पर सुझाव माँग रही है?
टास्क फोर्स परीक्षा सुरक्षा, कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी), प्रशासनिक जवाबदेही, अनियमितताओं की रोकथाम और समावेशी परीक्षा व्यवस्था पर सुझाव माँग रही है। इसका लक्ष्य सामाजिक, आर्थिक और भाषाई रूप से वंचित वर्गों के लिए परीक्षा प्रणाली को अधिक सुलभ बनाना भी है।
एनटीए में हाल ही में कौन-सी नई नियुक्तियाँ हुई हैं?
एनटीए में आईएएस अधिकारी प्रसन्ना वेंकटेश वी और आईपीएस अधिकारी रवि कुमार सिंह को निदेशक तथा आईआरएस अधिकारी अमित समदरिया को संयुक्त निदेशक नियुक्त किया गया है। प्रसन्ना वेंकटेश पाँच वर्षों और समदरिया चार वर्षों के लिए नियुक्त हुए हैं।
यह टास्क फोर्स क्यों गठित की गई?
हाल के महीनों में कथित पेपर लीक मामलों को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन हुए थे, जिसके बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था। उन्हीं घटनाओं की प्रतिक्रिया में सरकार ने यह उच्च स्तरीय टास्क फोर्स गठित की है।
राष्ट्र प्रेस
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