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क्या आम आदमी पार्टी ने दिल्ली सरकार पर ग्रेप 4 को कागजों तक सीमित रखने का आरोप लगाया?

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क्या आम आदमी पार्टी ने दिल्ली सरकार पर ग्रेप 4 को कागजों तक सीमित रखने का आरोप लगाया?

सारांश

दिल्ली में प्रदूषण की गंभीर समस्या के बीच आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) का चौथा चरण सिर्फ कागजों पर ही लागू है। क्या ये आरोप सही हैं? जानें इस विवाद की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

ग्रेप-4 का कागजों पर होना गंभीर चिंता का विषय है।
निर्माण कार्यों की अनुमति प्रदूषण को बढ़ा रही है।
सरकार की कार्रवाई की आवश्यकता है।
दिल्ली के नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
राजनीतिक आरोपों में सच्चाई की जांच आवश्यक है।

नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली में खतरनाक स्तर पर जारी प्रदूषण के बीच ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) के चौथे चरण को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ग्रेप-4 केवल कागजों तक सीमित रह गया है, जबकि जमीनी स्तर पर इसका कोई प्रभाव नहीं दिखाई दे रहा।

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि राजधानी में प्रदूषण चरम पर होने के बावजूद भाजपा सरकार के मंत्रियों के क्षेत्रों में खुलेआम निर्माण कार्य जारी हैं। सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के निर्वाचन क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य को दिखाया गया है।

उन्होंने कहा कि ग्रेप-4 लागू होने के बावजूद न तो निजी निर्माण कार्य रोके गए हैं और न ही सरकारी ठेकेदारों पर कोई कार्रवाई हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि “कागजों में तो ग्रेप-4 लागू है, लेकिन जमीन पर एक्शन जीरो है।”

भारद्वाज ने इसे सरकार की प्रदूषण नियंत्रण को लेकर गंभीरता पर बड़ा सवाल बताया। इस वीडियो में आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह भी नजर आते हैं, जो मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण करते हैं। जरनैल सिंह ने वहां मौजूद मजदूरों से बातचीत की और स्पष्ट कहा कि जब दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) बेहद खराब श्रेणी में है, तब इस तरह के निर्माण कार्य प्रदूषण को और बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि केवल निजी ही नहीं, बल्कि सरकारी निर्माण कार्य भी बिना किसी रोक-टोक के जारी हैं, जो ग्रेप-4 के नियमों का सीधे उल्लंघन कर रहे हैं। जरनैल सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि ग्रेप-4 लागू होने के बावजूद दिल्ली में प्रतिबंधित कमर्शियल वाहन धड़ल्ले से चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा पैसे लेकर इन वाहनों को राजधानी में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है, जिससे प्रदूषण पर नियंत्रण का उद्देश्य पूरी तरह विफल हो रहा है।

उनका कहना था कि ग्रेप की पाबंदियां इसलिए लगाई गई थीं ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके, लेकिन केवल औपचारिकता निभाने से न तो प्रदूषण घटेगा और न ही एक्यूआई का स्तर सुधरेगा। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा से अपील की कि वे ग्रेप-4 को सख्ती से लागू करें और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। पार्टी का कहना है कि जब तक जमीनी स्तर पर ठोस कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक दिल्ली को प्रदूषण की भयावह स्थिति से राहत नहीं मिल पाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि प्रदूषण से लड़ने के लिए सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। आम आदमी पार्टी के आरोप यदि सही हैं, तो यह दिल्ली में स्वास्थ्य की स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि सरकार हर स्तर पर त्वरित और प्रभावी कदम उठाए।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या ग्रेप-4 को सही से लागू नहीं किया जा रहा?
आम आदमी पार्टी के आरोपों के अनुसार, ग्रेप-4 केवल कागजों पर है और इसका जमीनी स्तर पर कोई प्रभाव नहीं दिखाई दे रहा।
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर क्या है?
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर गंभीर है, और एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) खराब श्रेणी में है।
क्या सरकार ने कोई कदम उठाए हैं?
आम आदमी पार्टी का कहना है कि सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए हैं।
निर्माण कार्यों पर क्या रोक लगाई गई है?
ग्रेप-4 लागू होने के बावजूद निर्माण कार्य जारी हैं, जो नियमों का उल्लंघन है।
राष्ट्र प्रेस
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