द्वारका पुलिस ने लग्जरी कार से लूट करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार किए, हथियार व चोरी के औजार बरामद
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के द्वारका जिले के स्पेशल स्टाफ ने 22-23 जुलाई 2026 की देर रात एक अंतरराज्यीय लुटेरे गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। आरोपी लोनी, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं और द्वारका तथा आसपास के इलाकों को निशाना बना रहे थे। गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से अवैध हथियार और घरों में सेंधमारी के औजार बरामद किए गए।
मामले की शुरुआत कैसे हुई
17-18 जुलाई 2026 की रात 1:53 बजे द्वारका नॉर्थ पुलिस स्टेशन को एक पीसीआर कॉल मिली। कॉल करने वाले ने बताया कि एक व्यक्ति 'कट्टा' लेकर एक इमारत के अंदर घुसा है और एक अन्य व्यक्ति बाहर कार में इंतज़ार कर रहा है। उसी इमारत में मौजूद एमएनजी ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड के चौकीदार दिलीप कुमार को 'चोर-चोर' चिल्लाते सुना गया।
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, चेहरा ढके हुए एक संदिग्ध सीढ़ियों से ऊपर गया और कुछ देर बाद नीचे उतरकर बाहर खड़ी कार में बैठकर फरार हो गया। भागते समय उसकी जेब से हथियार जैसी कोई वस्तु गिरी, जिसे उसने खुद उठाया और चला गया।
जाँच और गिरफ्तारी
द्वारका एसीपी ऑपरेशन्स सुभाष मलिक की देखरेख में एक विशेष टीम गठित की गई। सीसीटीवी फुटेज की जाँच में पता चला कि संदिग्धों ने एक 'किया' कार का उपयोग किया था। टीम ने इस वाहन को द्वारका से लोनी, गाजियाबाद तक करीब 60 किलोमीटर तक ट्रैक किया।
22-23 जुलाई की देर रात वही कार द्वारका के पास दोबारा देखी गई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दीपक, अतुल और सोहेल — तीनों को हिरासत में ले लिया।
बरामदगी का ब्यौरा
गिरोह के सरगना दीपक के पास से एक आधुनिक पिस्तौल और 2 कारतूस बरामद किए गए। आरोपी अतुल और सोहेल के पास से 2 सिंगल-शॉट पिस्तौल और 2 कारतूस मिले। कार की तलाशी में एक बैग भी मिला जिसमें घरों में सेंधमारी के लिए इस्तेमाल होने वाले औजार थे।
आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि गिरोह का सरगना दीपक 2023 में गौतम बुद्ध नगर (उत्तर प्रदेश) के दनकौर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक लूट के मामले में वांछित था। उसे इससे पहले गाजियाबाद पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। यह गिरोह पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए जानबूझकर लग्जरी कार का उपयोग करता था, ताकि संदेह न हो।
आगे की कार्रवाई
तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और पिछली वारदातों की कड़ियाँ जोड़ने के लिए जाँच जारी रखे हुए है।