29 जुलाई 2026
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द्वारका पुलिस ने लग्जरी कार से लूट करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार किए, हथियार व चोरी के औजार बरामद

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द्वारका पुलिस ने लग्जरी कार से लूट करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार किए, हथियार व चोरी के औजार बरामद

सारांश

पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए लग्जरी कार का सहारा लेने वाले तीन अंतरराज्यीय लुटेरे द्वारका स्पेशल स्टाफ के हत्थे चढ़ गए। गिरोह का सरगना दीपक पहले भी मुठभेड़ में पकड़ा जा चुका था। तीनों के पास से पिस्तौल, कारतूस और सेंधमारी के औजार बरामद हुए।

मुख्य बातें

द्वारका स्पेशल स्टाफ ने 22-23 जुलाई 2026 की रात अंतरराज्यीय लुटेरे गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया।
आरोपी दीपक , अतुल और सोहेल — तीनों लोनी, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) के निवासी हैं।
बरामदगी में 3 पिस्तौल , 4 कारतूस और सेंधमारी के औजार शामिल हैं।
गिरोह पुलिस को गुमराह करने के लिए लग्जरी 'किया' कार का उपयोग करता था।
सरगना दीपक 2023 में गौतम बुद्ध नगर के एक लूट मामले में वांछित था और पहले भी गाजियाबाद पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा जा चुका है।
तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज; आगे की जाँच जारी।

नई दिल्ली के द्वारका जिले के स्पेशल स्टाफ ने 22-23 जुलाई 2026 की देर रात एक अंतरराज्यीय लुटेरे गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। आरोपी लोनी, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं और द्वारका तथा आसपास के इलाकों को निशाना बना रहे थे। गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से अवैध हथियार और घरों में सेंधमारी के औजार बरामद किए गए।

मामले की शुरुआत कैसे हुई

17-18 जुलाई 2026 की रात 1:53 बजे द्वारका नॉर्थ पुलिस स्टेशन को एक पीसीआर कॉल मिली। कॉल करने वाले ने बताया कि एक व्यक्ति 'कट्टा' लेकर एक इमारत के अंदर घुसा है और एक अन्य व्यक्ति बाहर कार में इंतज़ार कर रहा है। उसी इमारत में मौजूद एमएनजी ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड के चौकीदार दिलीप कुमार को 'चोर-चोर' चिल्लाते सुना गया।

प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, चेहरा ढके हुए एक संदिग्ध सीढ़ियों से ऊपर गया और कुछ देर बाद नीचे उतरकर बाहर खड़ी कार में बैठकर फरार हो गया। भागते समय उसकी जेब से हथियार जैसी कोई वस्तु गिरी, जिसे उसने खुद उठाया और चला गया।

जाँच और गिरफ्तारी

द्वारका एसीपी ऑपरेशन्स सुभाष मलिक की देखरेख में एक विशेष टीम गठित की गई। सीसीटीवी फुटेज की जाँच में पता चला कि संदिग्धों ने एक 'किया' कार का उपयोग किया था। टीम ने इस वाहन को द्वारका से लोनी, गाजियाबाद तक करीब 60 किलोमीटर तक ट्रैक किया।

22-23 जुलाई की देर रात वही कार द्वारका के पास दोबारा देखी गई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दीपक, अतुल और सोहेल — तीनों को हिरासत में ले लिया।

बरामदगी का ब्यौरा

गिरोह के सरगना दीपक के पास से एक आधुनिक पिस्तौल और 2 कारतूस बरामद किए गए। आरोपी अतुल और सोहेल के पास से 2 सिंगल-शॉट पिस्तौल और 2 कारतूस मिले। कार की तलाशी में एक बैग भी मिला जिसमें घरों में सेंधमारी के लिए इस्तेमाल होने वाले औजार थे।

आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि गिरोह का सरगना दीपक 2023 में गौतम बुद्ध नगर (उत्तर प्रदेश) के दनकौर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक लूट के मामले में वांछित था। उसे इससे पहले गाजियाबाद पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। यह गिरोह पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए जानबूझकर लग्जरी कार का उपयोग करता था, ताकि संदेह न हो।

आगे की कार्रवाई

तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और पिछली वारदातों की कड़ियाँ जोड़ने के लिए जाँच जारी रखे हुए है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

द्वारका में लग्जरी कार से लूट करने वाले गिरोह को कैसे पकड़ा गया?
17-18 जुलाई की रात पीसीआर कॉल के बाद द्वारका एसीपी सुभाष मलिक की देखरेख में विशेष टीम बनाई गई। सीसीटीवी फुटेज में 'किया' कार की पहचान हुई और टीम ने उसे द्वारका से लोनी, गाजियाबाद तक करीब 60 किलोमीटर ट्रैक किया। 22-23 जुलाई की रात वही कार दोबारा द्वारका में दिखी और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम और पहचान क्या है?
तीनों आरोपी — दीपक, अतुल और सोहेल — लोनी, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं। गिरोह का सरगना दीपक 2023 में गौतम बुद्ध नगर के दनकौर पुलिस स्टेशन में दर्ज लूट के एक मामले में वांछित था और गाजियाबाद पुलिस मुठभेड़ में पहले भी पकड़ा जा चुका था।
आरोपियों के पास से क्या बरामद हुआ?
दीपक के पास से एक आधुनिक पिस्तौल और 2 कारतूस, जबकि अतुल और सोहेल के पास से 2 सिंगल-शॉट पिस्तौल और 2 कारतूस बरामद किए गए। कार की तलाशी में एक बैग मिला जिसमें घरों में सेंधमारी के लिए इस्तेमाल होने वाले औजार थे।
गिरोह लग्जरी कार का इस्तेमाल क्यों कर रहा था?
आरोपी जानबूझकर लग्जरी कार का उपयोग करते थे ताकि पुलिस चेकिंग के दौरान संदेह न हो और वे आसानी से बच निकलें। यह गिरोह की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था।
इस मामले में आगे क्या होगा?
तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। पुलिस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश और पिछली वारदातों से जुड़ी कड़ियाँ जोड़ने के लिए जाँच जारी रखे हुए है।
राष्ट्र प्रेस
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