दिल्ली मेट्रो एयरपोर्ट एक्सप्रेस ट्रेन में सरकार-विरोधी पोस्टर मिले, FIR दर्ज; स्पेशल सेल जाँच में शामिल
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन की एक ट्रेन के अंदर सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने वाले दो पोस्टर चिपके मिले हैं, जिसके बाद 24 अक्टूबर 2026 को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस की स्पेशल सेल को भी जाँच में शामिल किया गया है।
पोस्टर में क्या था और किस कानून के तहत मामला दर्ज
ये ब्लैक-एंड-व्हाइट पोस्टर देश में पिछले कुछ वर्षों में आए बदलावों और सरकार की नीतियों को लेकर कई सवाल उठाते थे। पोस्टरों पर एक क्यूआर कोड भी मुद्रित था, जिसके ज़रिए लोगों को एक ऑनलाइन ग्रुप से जुड़ने के लिए कहा गया था। पुलिस ने पोस्टरों को जब्त कर लिया है।
यह एफआईआर 'दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट, 2007' और 'मेट्रो रेलवे (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) एक्ट, 2002' की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
स्पेशल सेल की भागीदारी क्यों
सार्वजनिक संपत्ति पर पोस्टर चिपकाने के मामलों में आमतौर पर स्थानीय थाना ही जाँच करता है, लेकिन इस बार स्पेशल सेल को शामिल किया जाना यह संकेत देता है कि अधिकारी क्यूआर कोड से जुड़े ऑनलाइन नेटवर्क और पोस्टर चिपकाने वालों की पहचान को प्राथमिकता दे रहे हैं। जाँच एजेंसियाँ कथित तौर पर डिजिटल फुटप्रिंट खँगाल रही हैं।
हालिया घटनाओं में मेट्रो का बड़ा संदर्भ
गौरतलब है कि बीते कुछ हफ्तों में दिल्ली मेट्रो राजनीतिक प्रदर्शनों के केंद्र में रही है। 14 अक्टूबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने 45 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद कर दी थी।
DMRC ने इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दाखिल किया था, जिसमें बताया गया कि 10 अक्टूबर को निर्धारित समय-सारणी के अनुसार 271 ट्रेनें चलाई गईं और पूरे नेटवर्क में 4,157 फेरे लगाए गए।
इससे पहले 12 अक्टूबर को इंडी गठबंधन के सर्वोच्च न्यायालय मार्च से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। उस दिन 6 मेट्रो स्टेशनों के गेट सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रखे गए थे और कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किया गया था।
आम जनता पर असर
बार-बार स्टेशन बंद होने और सुरक्षा जाँच से दैनिक यात्रियों को असुविधा हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन जैसे अहम कॉरिडोर पर किसी भी व्यवधान का सीधा असर हवाई यात्रियों और व्यावसायिक गतिविधियों पर पड़ता है।
आगे क्या होगा
स्पेशल सेल क्यूआर कोड की जाँच कर ऑनलाइन ग्रुप और पोस्टर चिपकाने वालों की पहचान करने में जुटी है। मामले में जल्द गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। दिल्ली मेट्रो में बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों के मद्देनज़र DMRC की ओर से सुरक्षा प्रोटोकॉल और कड़े किए जाने की उम्मीद है।