दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने ८ साल से फरार ३ घोषित अपराधी किए गिरफ्तार, हत्या से ड्रग तस्करी तक के मामले
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 1 अक्टूबर 2026 को एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई में 8 वर्ष से अधिक समय से न्यायिक पकड़ से बाहर रहे तीन घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया। ये तीनों हत्या, अवैध हथियार तस्करी और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे संगीन मामलों में वांछित थे। यह कार्रवाई दिल्ली के साथ-साथ राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली एनसीआर तक फैली।
पहली गिरफ्तारी: हत्या का दोषी अमजद
इंस्पेक्टर विनय पाल और इंस्पेक्टर मनोज कुमार की अगुवाई में, एसीपी आशीष कुमार की देखरेख में स्पेशल सेल की टीम ने उम्रकैद की सजा पाए अपराधी अमजद (उम्र 43 वर्ष, निवासी हथीन, पलवल, हरियाणा) को वक्फ बोर्ड की मस्जिद, बेगन हेरी, तिजारा, राजस्थान से मंगलवार को गिरफ्तार किया।
31 मई 2013 को दिल्ली के साकेत स्थित एक मदरसे के अंदर 12 वर्षीय एक बालक बेहोश अवस्था में मिला था। उसके मुँह और दोनों अंगूठों पर सफेद कपड़े की पट्टियाँ बंधी थीं, हालाँकि शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं थी। एम्स में उसे मृत घोषित किया गया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला घोंटने से दम घुटना बताया गया।
आईपीसी की धारा 302 के तहत दर्ज इस मामले में अमजद को गिरफ्तार किया गया था और 4 सितंबर 2015 को उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। 9 दिसंबर से 16 दिसंबर 2015 तक दी गई सात दिन की अंतरिम जमानत समाप्त होने के बाद उसने सरेंडर नहीं किया। साकेत कोर्ट, दिल्ली ने 30 जनवरी 2017 को उसे भगोड़ा घोषित किया। दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने उसकी गिरफ्तारी पर ₹50,000 का इनाम घोषित किया हुआ था।
दूसरी गिरफ्तारी: हथियार तस्कर इमरान उर्फ एब्बार उर्फ एब्बे
एसीपी विवेक त्यागी की देखरेख में इंस्पेक्टर पंकज चौहान और इंस्पेक्टर सुरेश चौधरी की टीम ने अवैध हथियार तस्करी के मामले में 10 वर्ष से अधिक समय से फरार इमरान उर्फ एब्बार उर्फ एब्बे (उम्र 34 वर्ष, निवासी बागर खादर, नगला उतावर बुखारी, मथुरा, उत्तर प्रदेश) को 27 सितंबर को उसके गृहनगर से गिरफ्तार किया।
गौरतलब है कि 25 दिसंबर 2014 को सराय काले खां बस स्टैंड, दिल्ली से तीन आरोपियों — सलामुद्दीन, इस्ताक और भीला सिंह — को पकड़ा गया था। इनसे कुल 10 देसी पिस्तौलें बरामद की गई थीं। जाँच में सामने आया कि मध्य प्रदेश के रहने वाले राजपाल ने इमरान के निर्देश पर भीला सिंह को अवैध हथियारों की खेप पहुँचाई थी।
तीसरी गिरफ्तारी: ड्रग तस्कर राकेश कुमार
स्पेशल सेल/एनडीआर की टीम ने — जो एसीपी आशीष कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर विनय पाल और इंस्पेक्टर मनोज के नेतृत्व में काम कर रही थी — अंतर-राज्यीय ड्रग तस्कर राकेश कुमार (उम्र 48 वर्ष, निवासी चिड़ावा, झुंझुनू, राजस्थान) को बुधवार को अस्थल कॉलोनी, बवाना, दिल्ली से गिरफ्तार किया। पटियाला हाउस कोर्ट, नई दिल्ली ने 2018 में उसे भगोड़ा घोषित किया था।
3 फरवरी 2011 को गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल की टीम ने सरिता विहार मेट्रो स्टेशन के निकट राकेश कुमार और शकील को पकड़ा था। तब राकेश के पास से एक देसी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। वह हाईवे लुटेरों के एक गिरोह का सदस्य था और आर्म्स एक्ट के तहत उसके विरुद्ध मामला दर्ज हुआ था।
कार्रवाई का महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली पुलिस भगोड़े अपराधियों के विरुद्ध अभियान तेज कर रही है। तीनों गिरफ्तारियाँ अलग-अलग राज्यों — राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली — में हुईं, जो इस कार्रवाई की बहु-राज्यीय समन्वय क्षमता को दर्शाती हैं। अधिकारियों के अनुसार तीनों आरोपियों को संबंधित अदालतों में पेश किया जाएगा।