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दिल्ली पुलिस ट्रैफिक एडवाइजरी: धारा 163 के तहत प्रतिबंधित क्षेत्रों में न जाएँ, Ola-Uber-Zomato को भी सेवाएँ सीमित करने के निर्देश

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दिल्ली पुलिस ट्रैफिक एडवाइजरी: धारा 163 के तहत प्रतिबंधित क्षेत्रों में न जाएँ, Ola-Uber-Zomato को भी सेवाएँ सीमित करने के निर्देश

सारांश

दिल्ली पुलिस ने धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू होते ही ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की — नागरिकों को प्रतिबंधित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील, और Ola, Uber, Zomato जैसी ऐप-आधारित सेवाओं को जियो-फेंसिंग या अस्थायी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 24 जुलाई 2026 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की।
नागरिकों से अपील — प्रतिबंधित क्षेत्रों में बिना अत्यंत आवश्यक कारण यात्रा न करें; वैकल्पिक मार्ग अपनाएँ।
ऐप-आधारित टैक्सी, फूड डिलीवरी, क्विक-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में सेवाएँ नियंत्रित करने या अस्थायी जियो-फेंसिंग लागू करने के निर्देश।
एम्बुलेंस, अग्निशमन सेवा और अधिकृत सरकारी वाहनों को छूट जारी रहेगी।
पुलिस ने अफवाहें न फैलाने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की।

दिल्ली पुलिस ने 24 जुलाई 2026 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत लागू निषेधाज्ञा के मद्देनज़र नई दिल्ली के नागरिकों और डिजिटल सेवा प्रदाताओं के लिए एक विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में बिना अत्यंत आवश्यक कारण के यात्रा करने से बचा जाए और जहाँ संभव हो, वैकल्पिक मार्ग अपनाए जाएँ।

ऐप-आधारित सेवाओं को विशेष निर्देश

दिल्ली पुलिस ने ऐप-आधारित मोबिलिटी एग्रीगेटर, राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म, फूड डिलीवरी, क्विक-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों को सीधे निर्देश दिए हैं कि वे निषेधाज्ञा प्रभावी रहने तक प्रतिबंधित क्षेत्रों में अपनी सेवाओं का संचालन उचित तरीके से नियंत्रित करें। एडवाइजरी में कहा गया है कि कंपनियाँ जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों की अस्थायी जियो-फेंसिंग कर सकती हैं अथवा परिचालन की दृष्टि से संभव होने पर प्रतिबंधित क्षेत्र से आने-जाने वाली टैक्सी और डिलीवरी सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक सकती हैं।

निषेधाज्ञा की वजह और सुरक्षा उद्देश्य

पुलिस के अनुसार, सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने और कानून-व्यवस्था की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इन उपायों का उद्देश्य ड्राइवरों, यात्रियों, डिलीवरी पार्टनरों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा प्रतिबंधित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही को कम करना है।

नागरिकों के लिए अपील

दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे अत्यंत आवश्यक होने पर ही प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करें और यात्रा की पहले से योजना बनाएँ। पुलिसकर्मियों का सहयोग करने, मौके पर दिए गए सभी वैध निर्देशों का पालन करने और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की गई है। गौरतलब है कि एम्बुलेंस, अग्निशमन सेवा, अधिकृत सरकारी वाहन और सक्षम प्राधिकारी द्वारा छूट प्राप्त अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहनों को पहले की तरह संचालन की अनुमति रहेगी।

अफवाहों से बचने की चेतावनी

दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं को साझा न करने की भी अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नागरिक केवल दिल्ली पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं और एडवाइजरी पर ही भरोसा करें।

क्या होगा आगे

निषेधाज्ञा प्रभावी रहने तक सभी संबंधित पक्षों — डिजिटल सेवा प्रदाताओं से लेकर आम नागरिकों तक — से लागू प्रतिबंधों का पालन करने का अनुरोध किया गया है। स्थिति सामान्य होने पर प्रतिबंधों में ढील की उम्मीद है, लेकिन इसकी समयसीमा अभी अधिकारियों ने नहीं बताई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो डिजिटल अर्थव्यवस्था और कानून-व्यवस्था के बीच बढ़ते अंतर्संबंध को दर्शाता है। हालाँकि निषेधाज्ञा की वजह और प्रतिबंधित क्षेत्रों की सटीक सूची सार्वजनिक नहीं की गई है, जो पारदर्शिता पर सवाल उठाती है। नागरिकों और व्यवसायों दोनों के लिए स्पष्ट और समयबद्ध जानकारी की कमी ही अफवाहों की असली जड़ बनती है — और पुलिस की अपील तब तक अधूरी है जब तक वह प्रभावित क्षेत्रों की सूची सार्वजनिक नहीं करती।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस की ट्रैफिक एडवाइजरी क्या है और यह क्यों जारी की गई?
दिल्ली पुलिस ने 24 जुलाई 2026 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा के कारण ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। इसका उद्देश्य प्रतिबंधित क्षेत्रों में अनावश्यक भीड़ और आवाजाही को रोककर सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना है।
धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा का मतलब क्या है?
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 पुलिस को सार्वजनिक शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी क्षेत्र में लोगों के जमावड़े और आवाजाही पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का अधिकार देती है। यह पहले की CrPC की धारा 144 के समकक्ष प्रावधान है।
Ola, Uber, Zomato जैसी ऐप सेवाओं पर क्या असर पड़ेगा?
दिल्ली पुलिस ने इन कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे प्रतिबंधित क्षेत्रों में अपनी सेवाएँ नियंत्रित करें। कंपनियाँ अस्थायी जियो-फेंसिंग लागू कर सकती हैं या उन क्षेत्रों में टैक्सी और डिलीवरी सेवाएँ अस्थायी रूप से रोक सकती हैं।
क्या एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाएँ भी प्रतिबंधित हैं?
नहीं। एम्बुलेंस, अग्निशमन सेवा, अधिकृत सरकारी वाहन और सक्षम प्राधिकारी द्वारा छूट प्राप्त अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहनों को पहले की तरह संचालन की पूरी अनुमति रहेगी।
नागरिक सही जानकारी के लिए कहाँ देखें?
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से केवल दिल्ली पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं और एडवाइजरी पर भरोसा करने की अपील की है। अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं को साझा न करने की भी चेतावनी दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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