दिल्ली में 'मेट्रो मंडे' की सफलता के बाद WFH नीति लागू, बुध-शनि को घर से काम करेंगे सरकारी कर्मचारी

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दिल्ली में 'मेट्रो मंडे' की सफलता के बाद WFH नीति लागू, बुध-शनि को घर से काम करेंगे सरकारी कर्मचारी

सारांश

'मेट्रो मंडे' की सफलता से उत्साहित दिल्ली सरकार ने अब हर बुधवार और शनिवार को 'वर्क-फ्रॉम-होम' को आधिकारिक नीति बना दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से लेकर मंत्री कपिल मिश्रा तक — सब घर से काम कर रहे हैं। CII और कारोबारी जगत भी कारपूलिंग के साथ इस अभियान में शामिल हो गए हैं।

मुख्य बातें

दिल्ली सरकार ने हर बुधवार और शनिवार को 'वर्क-फ्रॉम-होम' की आधिकारिक नीति लागू की।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता 'जन सेवा केंद्र' के ज़रिए काम कर रही हैं; मंत्री और अधिकारी बैठकें ऑनलाइन कर रहे हैं।
' मेट्रो मंडे ' की भारी सफलता के बाद दिल्ली मेट्रो को फेरे और DTC को फीडर सेवाएँ बढ़ानी पड़ीं।
CII की दिल्ली इकाई और प्रमुख कारोबारी संस्थानों ने WFH व कारपूलिंग लागू करने पर सहमति जताई।
यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन और ऊर्जा बचत की अपील के अनुरूप है।

दिल्ली सरकार ने 20 मई 2026 को 'वर्क-फ्रॉम-होम' अभियान को औपचारिक नीति का रूप दे दिया है — हर सप्ताह बुधवार और शनिवार को मंत्री, अधिकारी और सरकारी कर्मचारी दफ्तर की बजाय घर से काम करेंगे। दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन और ऊर्जा बचत की अपील के अनुरूप उठाया गया है, और स्वयं वे भी इस नीति का पालन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री तक — सब घर से काम कर रहे हैं

मंत्री मिश्रा के अनुसार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता 'जन सेवा केंद्र' के माध्यम से सरकारी कामकाज संभाल रही हैं। मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी अपनी अधिकांश बैठकें ऑनलाइन माध्यम से आयोजित कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार भी ईंधन खपत घटाने के लिए नागरिकों और संस्थाओं से सहयोग माँग रही है।

'मेट्रो मंडे' को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया

इस पूरे अभियान की नींव 'मेट्रो मंडे' पहल ने रखी, जिसके तहत नागरिकों को सोमवार को निजी वाहन छोड़कर सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया था। मंत्री मिश्रा ने बताया कि इस पहल में लोगों की भागीदारी इतनी अधिक रही कि दिल्ली मेट्रो को अपनी फेरों की संख्या बढ़ानी पड़ी और दिल्ली परिवहन निगम (DTC) को भी फीडर सेवाओं का विस्तार करना पड़ा। उनके अनुसार, सड़कों पर यातायात का दबाव पहले से कम होता दिख रहा है।

कारोबारी जगत का भी समर्थन

मंत्री मिश्रा ने मंगलवार को दिल्ली के बड़े कारोबारी संस्थानों के प्रतिनिधियों और कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) की दिल्ली इकाई के साथ एक बैठक की। इस बैठक में लगभग सभी प्रमुख कारोबारी संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे, और उन्होंने अपने-अपने कार्यस्थलों पर 'वर्क-फ्रॉम-होम' तथा 'कारपूलिंग' लागू करने पर सहमति जताई।

आम जनता पर असर

अभियान के समर्थकों का कहना है कि यदि निजी क्षेत्र भी इसी राह पर चला, तो दिल्ली-NCR में ईंधन की खपत और वायु प्रदूषण दोनों में उल्लेखनीय कमी आ सकती है। मंत्री मिश्रा ने कहा कि धीरे-धीरे यह पहल लोगों की दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनती जा रही है।

आगे की राह

दिल्ली सरकार का इरादा सार्वजनिक परिवहन और साझा परिवहन प्रणालियों के उपयोग को और बढ़ावा देने का है। 'मेट्रो मंडे' और 'वर्क-फ्रॉम-होम' नीति को एक व्यापक ऊर्जा-बचत रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, जिसे आने वाले हफ्तों में और विस्तार दिया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या वास्तव में कार्यस्थलों की संस्कृति बदलेगी। सरकारी कर्मचारियों के लिए नीति लागू करना आसान है, लेकिन निजी क्षेत्र में पालन की निगरानी और जवाबदेही का कोई ढाँचा अभी तक सामने नहीं आया है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली सरकार की 'वर्क-फ्रॉम-होम' नीति क्या है?
दिल्ली सरकार ने हर सप्ताह बुधवार और शनिवार को मंत्रियों, अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए 'वर्क-फ्रॉम-होम' अनिवार्य किया है। यह नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत की अपील के अनुरूप लागू की गई है।
'मेट्रो मंडे' पहल क्या थी और इसका क्या असर हुआ?
'मेट्रो मंडे' के तहत नागरिकों को सोमवार को निजी वाहन छोड़कर मेट्रो या बस से यात्रा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसे इतनी अच्छी प्रतिक्रिया मिली कि दिल्ली मेट्रो को फेरे बढ़ाने और DTC को फीडर सेवाओं का विस्तार करना पड़ा।
क्या निजी कंपनियाँ भी इस अभियान में शामिल हो रही हैं?
हाँ, CII की दिल्ली इकाई और दिल्ली के प्रमुख कारोबारी संस्थानों ने मंत्री कपिल मिश्रा के साथ बैठक में अपने कार्यस्थलों पर WFH और कारपूलिंग लागू करने पर सहमति जताई है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता WFH के दौरान काम कैसे कर रही हैं?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता 'जन सेवा केंद्र' के माध्यम से सरकारी कामकाज संभाल रही हैं। मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी अधिकांश बैठकें ऑनलाइन आयोजित कर रहे हैं।
यह अभियान किस बड़े लक्ष्य का हिस्सा है?
यह अभियान दिल्ली-NCR में ईंधन और ऊर्जा की खपत घटाने तथा सार्वजनिक एवं साझा परिवहन को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जो PM मोदी की राष्ट्रीय अपील से प्रेरित है।
राष्ट्र प्रेस
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