केशव प्रसाद मौर्य का विवादित बयान: 'मदरसा शिक्षा से आतंकवादी सोच'; UP में उच्च डिग्री पर रोक की तैयारी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 4 अगस्त 2026 को मदरसा शिक्षा को लेकर एक अत्यंत विवादित बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि मदरसे से पढ़े लोगों की सोच 'आतंकवादी जैसी' हो जाती है। यह बयान ऐसे समय आया है जब योगी सरकार मदरसों में कामिल (ग्रेजुएशन) और फाजिल (पोस्ट ग्रेजुएशन) की डिग्री पर रोक लगाने के लिए मंगलवार को कैबिनेट में प्रस्ताव लाने की तैयारी में है।
डिप्टी सीएम का विवादित बयान
मीडिया से बातचीत में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, 'यह सच है कि मदरसा शिक्षा से कई बड़े आतंकवादी निकले हैं, चाहे उन्होंने भारत में हमले किए हों या दुनिया में कहीं और। यह सब मदरसा शिक्षा का ही नतीजा है।' उन्होंने आगे कहा, 'मैंने पहले भी कहा है और आज फिर दोहराता हूं कि जो कोई भी मदरसा शिक्षा लेता है, वह 'भारत माता की जय' नहीं कहता, 'वंदे मातरम' नहीं गाता और उसकी सोच आतंकवादी जैसी हो जाती है।'
गौरतलब है कि यह बयान लाखों मदरसा छात्रों और शिक्षकों पर एक व्यापक आरोप के रूप में देखा जा रहा है, और इसे लेकर राजनीतिक विवाद गहराने की आशंका है।
मदरसा उच्च शिक्षा पर रोक की पृष्ठभूमि
फिलहाल उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त संस्थानों में कामिल और फाजिल की डिग्रियाँ दी जाती हैं, जिन्हें क्रमशः ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के समकक्ष माना जाता है। प्रस्ताव पास होने के बाद मदरसों में केवल 12वीं कक्षा तक ही शिक्षा दी जा सकेगी।
यह कदम सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश के आधार पर उठाया जा रहा है, जो 5 नवंबर 2024 को अंजुम कादरी बनाम भारत संघ मामले में दिया गया था। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया था कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की गाइडलाइंस का पालन किए बिना चलाए जा रहे उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम बंद किए जाएँ। इसी न्यायिक निर्देश को आधार बनाकर राज्य सरकार यह निर्णय लेने जा रही है।
समाजवादी पार्टी पर हमला
डिप्टी सीएम मौर्य ने 2027 के विधानसभा चुनाव के संदर्भ में समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी निशाना साधा। सपा इन दिनों ब्राह्मण, क्षत्रिय और पिछड़ा वर्ग सम्मेलनों के साथ-साथ पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) नैरेटिव को आगे बढ़ाने में जुटी है।
मौर्य ने पलटवार करते हुए कहा, 'चाहे वे ब्राह्मण सम्मेलन करें, क्षत्रिय सम्मेलन करें, पिछड़ा वर्ग सम्मेलन करें या पीडीए नैरेटिव की बात करते रहें, समाजवादी पार्टी की हार तय है।'
अखिलेश यादव पर सीधा प्रहार
सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर सीधा हमला करते हुए मौर्य ने कहा, '2027 तक अखिलेश यादव की राजनीतिक हालत इतनी खराब हो जाएगी कि वे चाहे कितने भी सम्मेलन या बैठकें कर लें, समाजवादी पार्टी का साइकिल चुनाव चिह्न सिर्फ सैफई तक ही सिमट कर रह जाएगा।'
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोर पकड़ने लगी हैं और सभी दल जातीय समीकरण साधने में लगे हैं। मदरसा नीति और इस पर आए बयान आने वाले दिनों में सियासी बहस का केंद्र बन सकते हैं।