4 अगस्त 2026
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केशव प्रसाद मौर्य का विवादित बयान: 'मदरसा शिक्षा से आतंकवादी सोच'; UP में उच्च डिग्री पर रोक की तैयारी

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केशव प्रसाद मौर्य का विवादित बयान: 'मदरसा शिक्षा से आतंकवादी सोच'; UP में उच्च डिग्री पर रोक की तैयारी

सारांश

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने मदरसा शिक्षा को 'आतंकवादी सोच' से जोड़ा — एक बयान जो सियासी तूफान खड़ा कर सकता है। साथ ही योगी सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर मदरसों में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री बंद करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

मुख्य बातें

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने 4 अगस्त को कहा कि मदरसा शिक्षा लेने वालों की सोच 'आतंकवादी जैसी' हो जाती है।
योगी सरकार मंगलवार को कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर मदरसों में कामिल (ग्रेजुएशन) और फाजिल (पोस्ट ग्रेजुएशन) डिग्री बंद करने की तैयारी में है।
प्रस्ताव पास होने पर मदरसों में केवल 12वीं कक्षा तक शिक्षा की अनुमति रहेगी।
यह कदम सर्वोच्च न्यायालय के 5 नवंबर 2024 के उस आदेश पर आधारित है जिसमें UGC गाइडलाइंस के बिना चल रहे उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम बंद करने को कहा गया था।
मौर्य ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी हमला बोला, कहा — 2027 में सपा का चुनाव चिह्न 'सिर्फ सैफई तक सिमट जाएगा।'

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 4 अगस्त 2026 को मदरसा शिक्षा को लेकर एक अत्यंत विवादित बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि मदरसे से पढ़े लोगों की सोच 'आतंकवादी जैसी' हो जाती है। यह बयान ऐसे समय आया है जब योगी सरकार मदरसों में कामिल (ग्रेजुएशन) और फाजिल (पोस्ट ग्रेजुएशन) की डिग्री पर रोक लगाने के लिए मंगलवार को कैबिनेट में प्रस्ताव लाने की तैयारी में है।

डिप्टी सीएम का विवादित बयान

मीडिया से बातचीत में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, 'यह सच है कि मदरसा शिक्षा से कई बड़े आतंकवादी निकले हैं, चाहे उन्होंने भारत में हमले किए हों या दुनिया में कहीं और। यह सब मदरसा शिक्षा का ही नतीजा है।' उन्होंने आगे कहा, 'मैंने पहले भी कहा है और आज फिर दोहराता हूं कि जो कोई भी मदरसा शिक्षा लेता है, वह 'भारत माता की जय' नहीं कहता, 'वंदे मातरम' नहीं गाता और उसकी सोच आतंकवादी जैसी हो जाती है।'

गौरतलब है कि यह बयान लाखों मदरसा छात्रों और शिक्षकों पर एक व्यापक आरोप के रूप में देखा जा रहा है, और इसे लेकर राजनीतिक विवाद गहराने की आशंका है।

मदरसा उच्च शिक्षा पर रोक की पृष्ठभूमि

फिलहाल उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त संस्थानों में कामिल और फाजिल की डिग्रियाँ दी जाती हैं, जिन्हें क्रमशः ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के समकक्ष माना जाता है। प्रस्ताव पास होने के बाद मदरसों में केवल 12वीं कक्षा तक ही शिक्षा दी जा सकेगी।

यह कदम सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश के आधार पर उठाया जा रहा है, जो 5 नवंबर 2024 को अंजुम कादरी बनाम भारत संघ मामले में दिया गया था। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया था कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की गाइडलाइंस का पालन किए बिना चलाए जा रहे उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम बंद किए जाएँ। इसी न्यायिक निर्देश को आधार बनाकर राज्य सरकार यह निर्णय लेने जा रही है।

समाजवादी पार्टी पर हमला

डिप्टी सीएम मौर्य ने 2027 के विधानसभा चुनाव के संदर्भ में समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी निशाना साधा। सपा इन दिनों ब्राह्मण, क्षत्रिय और पिछड़ा वर्ग सम्मेलनों के साथ-साथ पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) नैरेटिव को आगे बढ़ाने में जुटी है।

मौर्य ने पलटवार करते हुए कहा, 'चाहे वे ब्राह्मण सम्मेलन करें, क्षत्रिय सम्मेलन करें, पिछड़ा वर्ग सम्मेलन करें या पीडीए नैरेटिव की बात करते रहें, समाजवादी पार्टी की हार तय है।'

अखिलेश यादव पर सीधा प्रहार

सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर सीधा हमला करते हुए मौर्य ने कहा, '2027 तक अखिलेश यादव की राजनीतिक हालत इतनी खराब हो जाएगी कि वे चाहे कितने भी सम्मेलन या बैठकें कर लें, समाजवादी पार्टी का साइकिल चुनाव चिह्न सिर्फ सैफई तक ही सिमट कर रह जाएगा।'

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोर पकड़ने लगी हैं और सभी दल जातीय समीकरण साधने में लगे हैं। मदरसा नीति और इस पर आए बयान आने वाले दिनों में सियासी बहस का केंद्र बन सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह लाखों मदरसा छात्रों और शिक्षकों पर एक सामूहिक और असत्यापित आरोप है — जो तथ्यात्मक आधार पर अत्यंत कमज़ोर है। मदरसा उच्च शिक्षा पर रोक का सुप्रीम कोर्ट-आधारित कानूनी तर्क अलग और अपेक्षाकृत ठोस है, लेकिन उसे इस तरह के विवादित बयानों के साथ जोड़ना नीतिगत विमर्श को भटकाता है। असली सवाल यह है कि कामिल-फाजिल डिग्री धारकों का भविष्य क्या होगा — सरकार ने अब तक इसका कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केशव प्रसाद मौर्य ने मदरसा शिक्षा को लेकर क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मदरसा शिक्षा लेने वाले लोग 'भारत माता की जय' नहीं कहते, 'वंदे मातरम' नहीं गाते और उनकी सोच 'आतंकवादी जैसी' हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि मदरसा शिक्षा से कई बड़े आतंकवादी निकले हैं।
UP में मदरसा कामिल और फाजिल डिग्री क्यों बंद की जा रही है?
सर्वोच्च न्यायालय ने 5 नवंबर 2024 को अंजुम कादरी बनाम भारत संघ मामले में आदेश दिया था कि UGC गाइडलाइंस का पालन किए बिना चल रहे उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम बंद किए जाएँ। इसी आदेश के आधार पर योगी सरकार कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर कामिल (ग्रेजुएशन) और फाजिल (पोस्ट ग्रेजुएशन) डिग्री बंद करने जा रही है।
प्रस्ताव पास होने के बाद मदरसों में क्या बदलेगा?
प्रस्ताव पास होने के बाद उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त मदरसों में केवल 12वीं कक्षा तक ही पढ़ाई हो सकेगी। ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर की कामिल और फाजिल डिग्रियाँ बंद हो जाएँगी।
मौर्य ने अखिलेश यादव और सपा पर क्या टिप्पणी की?
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा चाहे ब्राह्मण, क्षत्रिय या पिछड़ा वर्ग सम्मेलन करे, 2027 में उसकी हार तय है। उन्होंने यह भी कहा कि 2027 तक सपा का साइकिल चुनाव चिह्न 'सिर्फ सैफई तक सिमट जाएगा।'
कामिल-फाजिल डिग्री क्या होती है?
कामिल और फाजिल मदरसा बोर्ड द्वारा दी जाने वाली उच्च शिक्षा की डिग्रियाँ हैं, जिन्हें क्रमशः ग्रेजुएशन (स्नातक) और पोस्ट ग्रेजुएशन (स्नातकोत्तर) के समकक्ष माना जाता है। उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त मदरसों में ये डिग्रियाँ दी जाती रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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