29 जून 2026
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देव स्नान पूर्णिमा पर पुरी में श्रद्धा का सैलाब, संबित पात्रा बोले — जगन्नाथ की मानवीय लीला आस्था का केंद्र

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देव स्नान पूर्णिमा पर पुरी में श्रद्धा का सैलाब, संबित पात्रा बोले — जगन्नाथ की मानवीय लीला आस्था का केंद्र

सारांश

देव स्नान पूर्णिमा पर पुरी में उमड़ी श्रद्धा के बीच BJP सांसद संबित पात्रा ने महाप्रभु जगन्नाथ की सदियों पुरानी मानवीय लीला को सनातन आस्था का प्रतीक बताया। CM मोहन चरण माझी ने मंदिर दर्शन के साथ गजपति महाराजा और पद्मश्री सुदर्शन पटनायक से मुलाकात कर रिपोर्ट कार्ड सौंपा।

मुख्य बातें

29 जून को पुरी में देव स्नान पूर्णिमा पर श्रीजगन्नाथ मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
BJP सांसद संबित पात्रा ने महाप्रभु जगन्नाथ की मानवीय लीला — स्नान के बाद ज्वर और उपचार की परंपरा — को सनातन आस्था का केंद्र बताया।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और राज्य सरकार के कई मंत्रियों ने श्रीजगन्नाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया।
मुख्यमंत्री माझी ने विशेष संपर्क अभियान के तहत गजपति महाराजा और पद्मश्री सुदर्शन पटनायक से मुलाकात कर सरकार का रिपोर्ट कार्ड सौंपा।
स्नान पूर्णिमा के साथ ही रथ यात्रा की तैयारियाँ आरंभ हो गई हैं।

पुरी में 29 जून को देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रीजगन्नाथ मंदिर परिसर और पूरे शहर में भक्ति और उल्लास का असाधारण वातावरण रहा। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद संबित पात्रा ने इस अवसर पर महाप्रभु जगन्नाथ की सदियों पुरानी दिव्य परंपराओं, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के मंदिर दर्शन और उनके विशेष जनसंपर्क अभियान पर अपने विचार साझा किए।

महाप्रभु की मानवीय लीला — सदियों पुरानी परंपरा

पात्रा ने बताया कि देव स्नान पूर्णिमा पर महाप्रभु जगन्नाथ सिंहासन से बाहर आकर भक्तों को दर्शन देते हैं और उनका विधिवत स्नान संपन्न होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, स्नान के पश्चात महाप्रभु अस्वस्थ हो जाते हैं और उन्हें ज्वर आता है, जिसके बाद उनका उपचार किया जाता है। इसी के साथ रथ यात्रा की तैयारियाँ प्रारंभ होती हैं। पात्रा के अनुसार, भगवान की यह मानवीय लीला सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है और सदियों से इसी परंपरा का निर्बाध पालन होता आया है।

मुख्यमंत्री माझी का मंदिर दर्शन और जनसंपर्क अभियान

इस वर्ष स्नान पूर्णिमा पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सहित राज्य सरकार के कई मंत्री श्रीजगन्नाथ मंदिर पहुँचे और महाप्रभु के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना की कि ओडिशा निरंतर विकास की राह पर अग्रसर रहे, भारत समृद्ध बने और समस्त विश्व का कल्याण हो। पुरी के लगभग सभी निवासी भी इस अवसर पर मंदिर पहुँचकर पूजा-अर्चना में सम्मिलित हुए।

गजपति महाराजा और पद्मश्री सुदर्शन पटनायक से मुलाकात

पात्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री माझी ने विशेष संपर्क अभियान के तहत गजपति महाराजा से उनके निवास पर भेंट की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विश्वप्रसिद्ध रेत कलाकार और पद्मश्री सम्मानित सुदर्शन पटनायक के घर जाकर उनसे संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यों का रिपोर्ट कार्ड सौंपा और सुझाव प्राप्त किए।

लोकतांत्रिक संवाद की सराहना

संबित पात्रा ने मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता और समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों के बीच संवाद अत्यंत आवश्यक है। उनके अनुसार, जब कोई मुख्यमंत्री स्वयं अपने कार्यों का रिपोर्ट कार्ड लेकर लोगों के बीच जाता है और सुझाव माँगता है, तो यह एक स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा का प्रतीक है। स्थानीय नागरिक इस कदम को सराहनीय मान रहे हैं।

पुरी में उत्सव का माहौल

देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर पुरी शहर में उत्सव जैसा वातावरण रहा। पात्रा ने कहा कि यह पर्व पुरी और पूरे सनातन समाज के लिए अत्यंत पवित्र और विशेष महत्व का दिन है। आगामी रथ यात्रा की तैयारियाँ भी इसी के साथ आरंभ हो जाती हैं, जो इस उत्सवी वातावरण को और गहरा बनाती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि सुझावों पर अमल कितना होता है। जगन्नाथ परंपरा की वैश्विक पहचान के बीच पुरी की धार्मिक कूटनीति राज्य सरकार के लिए एक नरम शक्ति का स्रोत बनती जा रही है।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देव स्नान पूर्णिमा क्या है और इसका महत्व क्यों है?
देव स्नान पूर्णिमा वह पवित्र पर्व है जब महाप्रभु जगन्नाथ सिंहासन से बाहर आकर भक्तों को दर्शन देते हैं और उनका विधिवत स्नान संपन्न होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसके बाद महाप्रभु अस्वस्थ होते हैं और उनका उपचार होता है, जिसके बाद रथ यात्रा की तैयारियाँ शुरू होती हैं।
संबित पात्रा ने जगन्नाथ की मानवीय लीला के बारे में क्या कहा?
BJP सांसद संबित पात्रा ने कहा कि स्नान के बाद महाप्रभु जगन्नाथ के अस्वस्थ होने और उनके उपचार की परंपरा सदियों से चली आ रही है। उन्होंने इसे सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बताया।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने देव स्नान पूर्णिमा पर क्या किया?
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 29 जून को श्रीजगन्नाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया और ओडिशा के विकास तथा विश्व कल्याण के लिए प्रार्थना की। इसके अलावा, उन्होंने विशेष संपर्क अभियान के तहत गजपति महाराजा और पद्मश्री सुदर्शन पटनायक से मुलाकात कर सरकार का रिपोर्ट कार्ड सौंपा।
पद्मश्री सुदर्शन पटनायक कौन हैं?
सुदर्शन पटनायक पुरी के विश्वप्रसिद्ध रेत कलाकार हैं, जिन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री सम्मान से नवाजा जा चुका है। मुख्यमंत्री माझी ने अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान उनके घर जाकर मुलाकात की और सुझाव प्राप्त किए।
देव स्नान पूर्णिमा के बाद रथ यात्रा कब होती है?
धार्मिक परंपरा के अनुसार, देव स्नान पूर्णिमा के बाद महाप्रभु जगन्नाथ के उपचार की अवधि पूरी होने पर रथ यात्रा की तैयारियाँ आरंभ होती हैं। रथ यात्रा आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को निकाली जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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