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धनबाद में 2,586 पुलिसकर्मियों की मार्क्समैनशिप परीक्षा शुरू, SSP और उपायुक्त ने साधा निशाना

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धनबाद में 2,586 पुलिसकर्मियों की मार्क्समैनशिप परीक्षा शुरू, SSP और उपायुक्त ने साधा निशाना

सारांश

धनबाद में 2,586 पुलिसकर्मियों की निशानेबाजी परखने का वार्षिक अभियान शुरू — SSP प्रभात कुमार और उपायुक्त आदित्य रंजन ने खुद रेंज पर निशाना साधकर इसकी शुरुआत की। 18 से 30 जून तक चलने वाले इस अभ्यास में लाइव फायरिंग, रेंज विकास और बल की परिचालन तत्परता पर जोर है।

मुख्य बातें

धनबाद में वार्षिक मार्क्समैनशिप अभियान का शुभारंभ 20 जून 2026 को झारखंड सशस्त्र पुलिस-3 की फायरिंग रेंज पर हुआ।
अभियान 18 जून से 30 जून 2026 तक चलेगा; कुल 2,586 पुलिसकर्मियों की निशानेबाजी का मूल्यांकन होगा।
SSP प्रभात कुमार और उपायुक्त आदित्य रंजन ने स्वयं लक्ष्य साधकर अभ्यास का उद्घाटन किया।
जवानों को रिकॉइल कंट्रोल, सांस नियंत्रण, ट्रिगर संचालन और चार अलग-अलग पोजीशन में फायरिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उपायुक्त ने फायरिंग रेंज की परिधि पर ट्रेंच कटिंग के निर्देश दिए, ताकि जल निकासी और संरचना को बेहतर बनाया जा सके।

धनबाद पुलिस की निशानेबाजी दक्षता और हथियार संचालन क्षमता को परखने के लिए वार्षिक मार्क्समैनशिप अभियान (फायरिंग दक्षता अभ्यास) का शुभारंभ 20 जून 2026 को झारखंड सशस्त्र पुलिस-3 की भूंईफोड़ मंदिर के पीछे स्थित फायरिंग रेंज में किया गया। यह अभियान 18 जून से 30 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें जिले के कुल 2,586 पुलिसकर्मियों की निशानेबाजी क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा।

उद्घाटन में वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी

अभियान की शुरुआत में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रभात कुमार सहित जिले के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। दोनों अधिकारियों ने स्वयं फायरिंग रेंज में लक्ष्य पर सटीक निशाना साधकर अभ्यास का उद्घाटन किया, जिससे जवानों में उत्साह का संचार हुआ।

प्रशिक्षण की विधि और तकनीक

अभ्यास के दौरान पुलिसकर्मियों ने लेटकर, बैठकर, घुटनों के बल और खड़े होकर — चार अलग-अलग पोजीशन में फायरिंग की। लाइव फायरिंग सत्रों में जवानों को रिकॉइल कंट्रोल, सांस नियंत्रण, ट्रिगर संचालन और सटीक लक्ष्य भेदन की तकनीकें सिखाई जा रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के नियमित प्रशिक्षण से जवानों में हथियारों के सुरक्षित उपयोग की समझ विकसित होती है और किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की क्षमता बढ़ती है।

फायरिंग रेंज के विकास के निर्देश

रेंज निरीक्षण के दौरान उपायुक्त आदित्य रंजन ने गोविंदपुर अंचल और वन विभाग के अमीन को मौके पर बुलाकर भूमि का जायजा लिया। उन्होंने पूरे भूखंड की परिधि पर ट्रेंच कटिंग कराने के निर्देश दिए, ताकि पहाड़ी क्षेत्र से आने वाले वर्षा जल को नियंत्रित कर तालाब तक पहुँचाया जा सके। इससे फायरिंग रेंज की संरचनात्मक मजबूती और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार होगा।

अभियान का दायरा और लक्ष्य

SSP प्रभात कुमार ने बताया कि 30 जून 2026 तक चलने वाले इस अभियान में जिले के सभी पुलिस पदाधिकारी और जवान प्रशिक्षण में भाग लेंगे। निर्धारित मानकों के आधार पर प्रत्येक पुलिसकर्मी की निशानेबाजी क्षमता का व्यक्तिगत मूल्यांकन किया जाएगा। गौरतलब है कि यह अभियान केवल औपचारिक कवायद नहीं, बल्कि बल की परिचालन तत्परता को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप जाँचने का एक व्यवस्थित प्रयास है। आने वाले दिनों में मूल्यांकन परिणामों के आधार पर अतिरिक्त प्रशिक्षण की आवश्यकता वाले जवानों की पहचान की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि मूल्यांकन के बाद कमज़ोर प्रदर्शन करने वाले जवानों के लिए क्या सुधारात्मक ढाँचा मौजूद है। उपायुक्त द्वारा फायरिंग रेंज के बुनियादी ढाँचे पर दिया गया ध्यान सराहनीय है — क्योंकि जर्जर सुविधाएँ प्रशिक्षण की गुणवत्ता को सीधे प्रभावित करती हैं। 2,586 पुलिसकर्मियों को महज़ 12 दिनों में कवर करना एक बड़ी लॉजिस्टिक चुनौती है, और यह देखना होगा कि मूल्यांकन परिणाम केवल रिकॉर्ड में दर्ज होते हैं या वास्तविक क्षमता निर्माण में तब्दील होते हैं।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनबाद पुलिस का मार्क्समैनशिप अभियान क्या है?
यह धनबाद पुलिस का वार्षिक फायरिंग दक्षता अभ्यास है, जिसमें जिले के सभी पुलिसकर्मियों की निशानेबाजी क्षमता का मूल्यांकन निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाता है। इस बार यह अभियान 18 से 30 जून 2026 तक चलेगा और 2,586 पुलिसकर्मी इसमें भाग लेंगे।
इस अभियान में कितने पुलिसकर्मी शामिल होंगे?
धनबाद जिले के कुल 2,586 पुलिस पदाधिकारी और जवान इस मार्क्समैनशिप अभियान में भाग लेंगे। सभी की निशानेबाजी दक्षता का व्यक्तिगत मूल्यांकन किया जाएगा।
फायरिंग अभ्यास में जवानों को क्या सिखाया जा रहा है?
जवानों को रिकॉइल कंट्रोल, सांस नियंत्रण, ट्रिगर संचालन और सटीक लक्ष्य भेदन की तकनीकें सिखाई जा रही हैं। इसके अलावा लेटकर, बैठकर, घुटनों के बल और खड़े होकर — चार अलग-अलग पोजीशन में लाइव फायरिंग का अभ्यास कराया जा रहा है।
फायरिंग रेंज के विकास के लिए क्या कदम उठाए गए?
उपायुक्त आदित्य रंजन ने रेंज निरीक्षण के दौरान पूरे भूखंड की परिधि पर ट्रेंच कटिंग कराने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्र से आने वाले वर्षा जल को नियंत्रित कर तालाब तक पहुँचाना और रेंज की संरचना व सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
यह अभियान कहाँ और कब तक चलेगा?
यह अभियान धनबाद स्थित झारखंड सशस्त्र पुलिस-3 की भूंईफोड़ मंदिर के पीछे की फायरिंग रेंज में चल रहा है। यह 18 जून से 30 जून 2026 तक जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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