6 अक्टूबर 2026
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धार को सूखा प्रभावित घोषित करे MP सरकार — उमंग सिंघार ने CM मोहन यादव को लिखा पत्र

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धार को सूखा प्रभावित घोषित करे MP सरकार — उमंग सिंघार ने CM मोहन यादव को लिखा पत्र

सारांश

मध्यप्रदेश में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने धार जिले में 42% कम वर्षा के बाद CM मोहन यादव को पत्र लिखकर सूखा प्रभावित घोषित करने, फसल सर्वे और किसानों को राहत देने की माँग की। आदिवासी बहुल धार में रबी बोनी संकट में है।

मुख्य बातें

उमंग सिंघार ने 6 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर धार जिले को तत्काल सूखा प्रभावित घोषित करने की माँग की।
इस वर्ष धार में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 42 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, जिससे रबी फसल की बोनी संकट में है।
धार एक आदिवासी बहुल जिला है जहाँ अधिकांश परिवार कृषि पर निर्भर हैं।
सिंघार ने बाग ब्लॉक में पाइपलाइन से नर्मदा जल को 13 से अधिक जलाशयों तक पहुँचाने की माँग की।
खरीफ फसल सर्वे, राहत पैकेज और पर्याप्त खाद-बीज आपूर्ति की भी अपील की गई।
सिंघार ने प्रदेश के अन्य कम वर्षा वाले जिलों में भी तत्काल सर्वे की माँग की।

मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं गंधवानी विधायक उमंग सिंघार ने 6 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर धार जिले को तत्काल सूखा प्रभावित घोषित करने की माँग की है। पत्र में खरीफ फसलों का सर्वे कराने, प्रभावित किसानों को राहत पैकेज देने और आवश्यक सिंचाई सुविधाएँ सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है।

संकट की पृष्ठभूमि

सिंघार के अनुसार, धार जिले में इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 42 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। इस कारण खेतों में पर्याप्त नमी नहीं बची है और सिंचाई के पानी की कमी गंभीर रूप धारण कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में रबी फसल की बोनी बुरी तरह प्रभावित हो सकती है, जिससे किसानों पर आर्थिक संकट और गहरा जाएगा।

गौरतलब है कि धार एक आदिवासी बहुल जिला है, जहाँ बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका पूरी तरह कृषि पर निर्भर है। ऐसे में वर्षा की कमी का सीधा असर इन वंचित समुदायों पर पड़ता है।

मुख्य माँगें

नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में कई ठोस माँगें रखी हैं। उन्होंने धार जिले को सूखा प्रभावित घोषित करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने, खरीफ फसल का सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करने और किसानों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने पर ज़ोर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों को पर्याप्त खाद और बीज समय पर उपलब्ध कराने की भी माँग की है।

नर्मदा जल से सिंचाई की योजना

सिंघार ने सुझाव दिया कि बाग ब्लॉक में पाइपलाइन के ज़रिए नर्मदा नदी का पानी स्थानीय जलाशयों तक पहुँचाया जाए। उन्होंने जिन जलाशयों का विशेष रूप से उल्लेख किया उनमें टांडा क्षेत्र, धोकधयड़ी, काकड़खुआ, गुराड़िया, बगोली, इंदिरा गांधी जलाशय, ताराघाटी, धायडी, खनिअंबा, बरेठा, गेटा, बड़कल और चामझर शामिल हैं। उनका कहना है कि इन जलाशयों में नर्मदा का पानी पहुँचाकर रबी फसल के लिए ज़रूरी सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।

प्रदेशव्यापी सर्वे की माँग

सिंघार ने यह भी स्पष्ट किया कि समस्या केवल धार तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के उन सभी जिलों में जहाँ कम बारिश के कारण किसान प्रभावित हुए हैं, सरकार को तत्काल फसल सर्वे कराना चाहिए और आवश्यकतानुसार उन्हें भी सूखा प्रभावित घोषित करना चाहिए।

उन्होंने सरकार को कड़े शब्दों में संदेश देते हुए कहा, 'संकट की इस घड़ी में किसानों को सरकार की राहत चाहिए, सिर्फ आश्वासन नहीं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब मानसून की विदाई के बाद कई कृषि-निर्भर जिलों में फसल नुकसान की चिंताएँ बढ़ रही हैं।

आगे क्या होगा

अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यदि सरकार धार को सूखा प्रभावित घोषित करती है, तो यह केंद्र से राहत राशि दिलाने और बीमा दावों को गति देने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। विपक्ष के इस पत्र ने राज्य में किसानों की दुर्दशा को एक बार फिर राजनीतिक विमर्श के केंद्र में ला दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह भी पिछले वर्षों की तरह केवल कागज़ी प्रक्रिया बनकर रह जाएगी। धार जैसे आदिवासी जिलों में जहाँ किसान पहले से ही कर्ज़ और अनिश्चितता के बीच जी रहे हैं, देर से मिली राहत अक्सर देर से ही साबित होती है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उमंग सिंघार ने धार के बारे में क्या माँग की है?
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर धार जिले को तत्काल सूखा प्रभावित घोषित करने, खरीफ फसल का सर्वे कराने और प्रभावित किसानों को राहत पैकेज देने की माँग की है। साथ ही नर्मदा जल से सिंचाई सुनिश्चित करने और पर्याप्त खाद-बीज उपलब्ध कराने की भी अपील की गई है।
धार जिले में वर्षा की स्थिति कितनी गंभीर है?
सिंघार के अनुसार इस वर्ष धार जिले में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 42 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। इसके कारण खेतों में पर्याप्त नमी नहीं है और सिंचाई जल की समस्या गंभीर होती जा रही है, जिससे रबी फसल की बोनी प्रभावित होने की आशंका है।
धार जिले में नर्मदा जल आपूर्ति की माँग क्यों उठाई गई?
सिंघार ने बाग ब्लॉक में पाइपलाइन के ज़रिए नर्मदा नदी का पानी स्थानीय जलाशयों तक पहुँचाने की माँग की है ताकि रबी फसल के लिए सिंचाई सुनिश्चित हो सके। इंदिरा गांधी जलाशय, ताराघाटी, बरेठा सहित 13 से अधिक जलाशयों का उल्लेख पत्र में किया गया है।
क्या यह माँग केवल धार जिले तक सीमित है?
नहीं, सिंघार ने मध्यप्रदेश के उन सभी जिलों में फसल सर्वे और सूखा घोषणा की माँग की है जहाँ कम वर्षा के कारण किसान प्रभावित हुए हैं। उनका कहना है कि ऐसे सभी जिलों में सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
धार जिले में किसानों की स्थिति क्यों अधिक संवेदनशील है?
धार एक आदिवासी बहुल जिला है जहाँ बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका सीधे कृषि पर निर्भर है। कम वर्षा और सिंचाई सुविधाओं की कमी इन समुदायों के लिए आर्थिक संकट को और गहरा कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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