3 अगस्त 2026
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दीघा जगन्नाथ मंदिर का नाम बदला: 'धाम' हटा, 'श्री श्री जगन्नाथ सांस्कृतिक केंद्र' का नया बोर्ड लगा

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दीघा जगन्नाथ मंदिर का नाम बदला: 'धाम' हटा, 'श्री श्री जगन्नाथ सांस्कृतिक केंद्र' का नया बोर्ड लगा

सारांश

दीघा के जगन्नाथ मंदिर परिसर से 'धाम' शब्द हटाकर 'श्री श्री जगन्नाथ सांस्कृतिक केंद्र' का नया बोर्ड लगाया गया — TMC के नामकरण को पलटते हुए CM सुवेंदु अधिकारी की नई सरकार ने आधिकारिक अभिलेखों में दर्ज नाम को बहाल किया।

मुख्य बातें

दीघा जगन्नाथ मंदिर परिसर का नाम 'जगन्नाथ धाम' से बदलकर 'श्री श्री जगन्नाथ सांस्कृतिक केंद्र' किया गया।
नया फ्लेक्स बोर्ड 11 जून 2025 को स्थापित किया गया — मुख्यमंत्री की घोषणा के एक दिन बाद।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मोहन चरण माझी के प्रस्ताव पर यह निर्णय लिया।
पूर्ववर्ती TMC सरकार ने आधिकारिक दस्तावेजों में 'सांस्कृतिक केंद्र' दर्ज होने के बावजूद 'धाम' शब्द जोड़ा था।
BJP विधायक चंद्रशेखर मंडल और इस्कॉन अध्यक्ष व न्यासी राधार्मन दास नामकरण समारोह में उपस्थित रहे।

पूर्वी मेदिनीपुर जिले के दीघा स्थित जगन्नाथ मंदिर परिसर में बुधवार, 11 जून 2025 को नया साइनबोर्ड स्थापित किया गया, जिसमें 'धाम' शब्द को हटाकर परिसर का नाम 'श्री श्री जगन्नाथ सांस्कृतिक केंद्र' रखा गया है। यह बदलाव मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की उस घोषणा के ठीक एक दिन बाद अमल में आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि मंदिर परिसर को अब आधिकारिक अभिलेखों में दर्ज नाम से ही पुकारा जाएगा।

मुख्य घटनाक्रम

मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगे पुराने 'जगन्नाथ धाम' साइनबोर्ड को हटा दिया गया और उसकी जगह परिसर के भीतर 'श्री श्री जगन्नाथ सांस्कृतिक केंद्र' नाम का नया फ्लेक्स बोर्ड लगाया गया। इस कार्यक्रम में रामनगर के भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक चंद्रशेखर मंडल और कोलकाता के इस्कॉन अध्यक्ष व मंदिर के न्यासी राधार्मन दास उपस्थित रहे।

विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि आधिकारिक दस्तावेजों में इस परिसर को शुरू से ही सांस्कृतिक केंद्र के रूप में दर्ज किया गया था। हालाँकि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार ने मंदिर निर्माण के बाद इसके नाम में 'धाम' शब्द जोड़ दिया था, जो विवाद का विषय बन गया। तब विपक्ष के नेता रहे सुवेंदु अधिकारी ने इस पर आपत्ति जताई थी।

सरकार की प्रतिक्रिया

राज्य में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मोहन चरण माझी के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए मंगलवार को यह घोषणा की। BJP विधायक चंद्रशेखर मंडल ने कहा, 'हमें बदलाव नहीं चाहिए, हमें सुधार चाहिए। हमारी सरकार ने पिछली सरकार की परियोजना को रद्द नहीं किया, बल्कि उसमें सुधार किया है। इसी तरह, दीघा जगन्नाथ धाम को लेकर कई विवादों के चलते, इसके नाम से 'धाम' हटाकर इसे 'दीघा जगन्नाथ मंदिर और सांस्कृतिक केंद्र' कर दिया गया है।'

आम जनता और धार्मिक संस्थाओं पर असर

यह परिवर्तन केवल नामकरण तक सीमित नहीं है — यह उस बहस को भी रेखांकित करता है कि राज्य-वित्त पोषित धार्मिक परिसरों को किस रूप में परिभाषित किया जाए। मंदिर के न्यासी और इस्कॉन अध्यक्ष राधार्मन दास की उपस्थिति यह संकेत देती है कि धार्मिक प्रबंधन इस बदलाव के साथ सहमति में है।

क्या होगा आगे

अब यह देखना होगा कि परिसर के अन्य आधिकारिक दस्तावेजों, वेबसाइटों और सरकारी प्रचार सामग्री में भी यह संशोधित नाम लागू किया जाता है या नहीं। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि TMC इस कदम को किस रूप में लेती है, क्योंकि 'जगन्नाथ धाम' नामकरण उसी सरकार की पहल थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह पश्चिम बंगाल की नई सरकार का TMC की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को पुनर्परिभाषित करने का पहला प्रतीकात्मक कदम है। 'धाम' शब्द की धार्मिक अनुगूँज और 'सांस्कृतिक केंद्र' की प्रशासनिक तटस्थता के बीच का यह तनाव दर्शाता है कि राज्य-वित्त पोषित धार्मिक परिसरों की पहचान अब राजनीतिक प्राथमिकताओं से तय होती है। सवाल यह है कि क्या यह बदलाव केवल नाम तक रहेगा, या परिसर के प्रबंधन और वित्त पोषण की प्रकृति भी बदलेगी — क्योंकि वही असली जवाबदेही की परीक्षा होगी।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीघा जगन्नाथ मंदिर का नाम क्यों बदला गया?
आधिकारिक दस्तावेजों में यह परिसर शुरू से 'सांस्कृतिक केंद्र' के रूप में दर्ज था, लेकिन पूर्ववर्ती TMC सरकार ने इसे 'जगन्नाथ धाम' कहना शुरू किया था। नई सरकार ने आधिकारिक अभिलेखों के अनुरूप नाम बहाल करने का निर्णय लिया।
नए नाम वाला बोर्ड कब लगाया गया?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की घोषणा के अगले ही दिन, 11 जून 2025 को, 'श्री श्री जगन्नाथ सांस्कृतिक केंद्र' नाम का नया फ्लेक्स बोर्ड मंदिर परिसर में स्थापित किया गया।
इस फैसले का ऐलान किसने किया?
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मोहन चरण माझी के प्रस्ताव को स्वीकार करने के बाद मंगलवार को यह घोषणा की। अधिकारी ने विपक्ष में रहते हुए भी 'धाम' शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी।
नामकरण समारोह में कौन उपस्थित थे?
रामनगर से BJP विधायक चंद्रशेखर मंडल और कोलकाता इस्कॉन के अध्यक्ष व मंदिर न्यासी राधार्मन दास इस कार्यक्रम में मौजूद थे।
अब इस परिसर को किस नाम से जाना जाएगा?
अब इस परिसर को 'श्री श्री जगन्नाथ सांस्कृतिक केंद्र' कहा जाएगा। BJP विधायक चंद्रशेखर मंडल के अनुसार, पूरे परिसर का विस्तृत नाम 'दीघा जगन्नाथ मंदिर और सांस्कृतिक केंद्र' होगा।
राष्ट्र प्रेस
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