31 जुलाई 2026
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दीघा जगन्नाथ मंदिर से हटा 'धाम' शब्द, 'श्री श्री जगन्नाथ सांस्कृतिक केंद्र' का नया बोर्ड लगा

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दीघा जगन्नाथ मंदिर से हटा 'धाम' शब्द, 'श्री श्री जगन्नाथ सांस्कृतिक केंद्र' का नया बोर्ड लगा

सारांश

दीघा के जगन्नाथ मंदिर से 'धाम' हटा, 'सांस्कृतिक केंद्र' जोड़ा गया — यह सिर्फ एक बोर्ड बदलने की कहानी नहीं, बल्कि नई BJP सरकार का TMC की विरासत पर पहला प्रतीकात्मक हस्तक्षेप है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा के 24 घंटे के भीतर बदलाव लागू करवा दिया।

मुख्य बातें

दीघा के जगन्नाथ मंदिर परिसर से 'धाम' शब्द हटाकर नाम 'श्री श्री जगन्नाथ सांस्कृतिक केंद्र' किया गया।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की 10 जून 2025 की घोषणा के अगले ही दिन नया फ्लेक्स बोर्ड स्थापित किया गया।
आधिकारिक दस्तावेजों में परिसर पहले से सांस्कृतिक केंद्र के रूप में दर्ज था; TMC सरकार ने 'धाम' शब्द बाद में जोड़ा था।
नाम बदलाव का प्रस्ताव मोहन चरण माझी ने दिया था, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया।
कार्यक्रम में BJP विधायक चंद्रशेखर मंडल और इस्कॉन अध्यक्ष राधार्मन दास उपस्थित रहे।

पूर्वी मेदिनीपुर जिले के दीघा स्थित जगन्नाथ मंदिर परिसर में 11 जून 2025 को नया साइनबोर्ड स्थापित कर दिया गया, जिसमें 'धाम' शब्द हटाकर परिसर का नाम अब 'श्री श्री जगन्नाथ सांस्कृतिक केंद्र' कर दिया गया है। यह कदम मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की घोषणा के ठीक एक दिन बाद उठाया गया, जो आधिकारिक अभिलेखों में दर्ज मूल नाम को पुनर्स्थापित करने के उनके निर्देश के अनुरूप है।

नाम परिवर्तन का विवरण

मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर पहले से लगे 'जगन्नाथ धाम' के साइनबोर्ड को हटा दिया गया है। उसकी जगह परिसर के भीतर 'श्री श्री जगन्नाथ सांस्कृतिक केंद्र' नाम का नया फ्लेक्स बोर्ड लगाया गया है। गौरतलब है कि आधिकारिक दस्तावेजों में इस परिसर को शुरू से ही सांस्कृतिक केंद्र के रूप में दर्ज किया गया था।

पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार ने मंदिर निर्माण के बाद इसके नाम के साथ 'धाम' शब्द जोड़ दिया था, जो आधिकारिक अभिलेखों से मेल नहीं खाता था। इसी असंगति को लेकर विवाद चल रहा था।

मुख्यमंत्री की घोषणा और प्रस्ताव

राज्य में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार, 10 जून को यह घोषणा की। उन्होंने मोहन चरण माझी द्वारा दिए गए प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए कहा कि दीघा के जगन्नाथ मंदिर को अब उसी नाम से जाना जाएगा जो आधिकारिक अभिलेखों में दर्ज है।

यह ऐसे समय में आया है जब अधिकारी, जो पहले विपक्ष के नेता थे, 'धाम' शब्द के इस्तेमाल पर पहले से आपत्ति जता चुके थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने इस विवाद का त्वरित निपटारा किया।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ

नए बोर्ड की स्थापना के अवसर पर रामनगर के भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक चंद्रशेखर मंडल और कोलकाता के इस्कॉन अध्यक्ष राधार्मन दास उपस्थित थे। राधार्मन दास दीघा जगन्नाथ मंदिर के न्यासियों में से एक हैं।

विधायक चंद्रशेखर मंडल ने कहा, 'हमें बदलाव नहीं चाहिए, हमें सुधार चाहिए। हमारी सरकार ने पिछली सरकार की परियोजना को रद्द नहीं किया, बल्कि उसमें सुधार किया है। इसी तरह, दीघा जगन्नाथ धाम को लेकर कई विवादों के चलते, इसके नाम से 'धाम' हटाकर इसे 'दीघा जगन्नाथ मंदिर और सांस्कृतिक केंद्र' कर दिया गया है।'

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह नाम-विवाद केवल एक शब्द का मामला नहीं था — इसके पीछे धार्मिक दर्जे और प्रशासनिक वर्गीकरण का टकराव था। 'धाम' शब्द हिंदू परंपरा में अत्यंत पवित्र तीर्थस्थलों के लिए आरक्षित माना जाता है। आलोचकों का कहना है कि TMC सरकार ने इस शब्द का राजनीतिक उपयोग किया, जबकि आधिकारिक दस्तावेज इसे सांस्कृतिक केंद्र के रूप में ही परिभाषित करते थे।

नई सरकार ने इस कदम को 'सुधार' की संज्ञा दी है, न कि पूर्ण निरस्तीकरण — जो राजनीतिक रूप से एक संतुलित संदेश देने की कोशिश को दर्शाता है।

आगे की स्थिति

अब परिसर का आधिकारिक नाम 'श्री श्री जगन्नाथ सांस्कृतिक केंद्र' होगा। भविष्य में अन्य सरकारी दस्तावेजों और सूचना-पटलों में भी यही नाम प्रयुक्त होगा। यह देखना बाकी है कि धार्मिक भावनाओं और प्रशासनिक वर्गीकरण के बीच यह संतुलन स्थानीय श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किस रूप में स्वीकार्य होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

'सुधार' कहा — जो रणनीतिक रूप से कम टकरावपूर्ण भाषा है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या केवल साइनबोर्ड बदलने से उन श्रद्धालुओं की भावनाएँ संतुष्ट होंगी जो इसे 'धाम' मानते आए हैं? प्रशासनिक शुद्धता और लोक-आस्था के बीच यह तनाव आने वाले समय में और मुखर हो सकता है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीघा जगन्नाथ मंदिर का नाम क्यों बदला गया?
आधिकारिक दस्तावेजों में यह परिसर पहले से 'सांस्कृतिक केंद्र' के रूप में दर्ज था, लेकिन पूर्ववर्ती TMC सरकार ने मंदिर निर्माण के बाद इसके नाम में 'धाम' शब्द जोड़ दिया था। नई सरकार ने इस असंगति को दूर करते हुए आधिकारिक नाम बहाल किया है।
दीघा मंदिर का नया आधिकारिक नाम क्या है?
अब इस परिसर का आधिकारिक नाम 'श्री श्री जगन्नाथ सांस्कृतिक केंद्र' है। 'जगन्नाथ धाम' नाम का बोर्ड मुख्य प्रवेश द्वार से हटा दिया गया है और नया फ्लेक्स बोर्ड परिसर के भीतर लगाया गया है।
यह नाम परिवर्तन किसने और कब घोषित किया?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 10 जून 2025 को यह घोषणा की, जो मोहन चरण माझी के प्रस्ताव को स्वीकार करने के बाद की गई। घोषणा के अगले ही दिन नया बोर्ड स्थापित कर दिया गया।
इस नाम विवाद पर पहले किसने आपत्ति जताई थी?
जब वे विपक्ष के नेता थे, तब सुवेंदु अधिकारी ने 'धाम' शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी। उनका तर्क था कि आधिकारिक दस्तावेजों में परिसर को सांस्कृतिक केंद्र के रूप में दर्ज किया गया था, इसलिए 'धाम' का प्रयोग भ्रामक था।
नाम बदलाव के कार्यक्रम में कौन उपस्थित था?
रामनगर के BJP विधायक चंद्रशेखर मंडल और कोलकाता के इस्कॉन अध्यक्ष राधार्मन दास — जो मंदिर के न्यासियों में से एक हैं — इस अवसर पर उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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