डिजी यात्रा से 10 करोड़ से अधिक कागजरहित यात्राएं पूरी, ऐप डाउनलोड 2.4 करोड़ के पार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने 30 मई 2026 को घोषणा की कि डिजी यात्रा ऐप के माध्यम से देशभर में अब तक 10 करोड़ से अधिक सहज और कागजरहित हवाई यात्राएं सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी हैं। आईओएस और एंड्रॉयड दोनों प्लेटफॉर्म पर इस ऐप को 2.4 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है, जो भारतीय विमानन क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन की तेज़ रफ्तार को दर्शाता है।
प्रमुख उपलब्धियाँ और तकनीकी बदलाव
डिजी यात्रा की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि हवाई अड्डों पर प्रवेश प्रक्रिया में आई तेज़ी है। इस प्लेटफॉर्म के लागू होने के बाद प्रति यात्री औसत प्रवेश समय 15 सेकंड से घटकर मात्र 5 सेकंड रह गया है। वर्तमान में यह सेवा देश के 38 हवाई अड्डों पर सक्रिय है और अगले वर्ष 27 अतिरिक्त हवाई अड्डों को भी इससे जोड़ने की योजना है।
फिजिकल बोर्डिंग पास की अनिवार्यता समाप्त होने से इस पहल का पर्यावरणीय योगदान भी उल्लेखनीय है — भाग लेने वाले हवाई अड्डों पर प्रतिदिन हज़ारों कागजों की बचत हो रही है। साथ ही, टर्मिनल अवसंरचना का उपयोग बेहतर हुआ है और मैनुअल प्रक्रियाओं पर निर्भरता घटी है।
मंत्री की प्रतिक्रिया और सरकार का विज़न
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने डिजी यात्रा टीम को इस मील के पत्थर पर बधाई दी। उन्होंने कहा, "यह उपलब्धि दर्शाती है कि यात्री सहज, कागजरहित और संपर्क रहित यात्रा प्रणाली पर लगातार भरोसा जता रहे हैं।" नायडू ने यह भी रेखांकित किया कि यह स्वीकार्यता ऐसे समय में आई है जब देश में हवाई यात्रा तेज़ी से बढ़ रही है।
मंत्री के अनुसार, वर्ष 2014 में प्रतिदिन घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 2 लाख से कम थी, जबकि पिछले तीन वर्षों में कई बार यह आँकड़ा 5 लाख से अधिक पहुँच चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हवाई यात्रा को अधिक सुलभ बनाने के विज़न के तहत भारतीय हवाई अड्डों पर वार्षिक यात्री संख्या वर्ष 2030 तक 50 करोड़ और वर्ष 2040 तक लगभग 100 करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है।
विस्तार योजना और नई तकनीकें
नायडू ने बताया कि इस तेज़ वृद्धि को संभालने के लिए सरकार सेल्फ बैगेज ड्रॉप सुविधा, एयर ट्रैफिक कंट्रोल ऑटोमेशन सिस्टम का विस्तार, शिकायत निवारण के लिए एयर सेवा पोर्टल और हवाई अड्डों के संचालन को बेहतर बनाने के लिए एआई-आधारित डिजिटल ट्विन जैसी तकनीकों को अपनाने पर काम कर रही है।
इस वर्ष शुरू होने वाले प्रमुख ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे — नवी मुंबई, जेवर और भोगापुरम — पूरी तरह डिजी यात्रा सक्षम होंगे। फिलहाल यह ऐप 11 भाषाओं को सपोर्ट करती है और इस वर्ष के अंत तक 11 और क्षेत्रीय भाषाएं जोड़ी जाएंगी।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत की स्थिति
नायडू ने कहा कि जहाँ कई देश अभी भी बायोमेट्रिक-आधारित यात्री प्रक्रिया को बड़े पैमाने पर लागू करने की संभावनाओं का मूल्यांकन कर रहे हैं, वहीं भारत ने बहुत कम समय में डिजी यात्रा को सफलतापूर्वक लागू और विस्तारित कर दिया है। नागर विमानन मंत्रालय के अनुसार, डिजी यात्रा आज वैश्विक विमानन क्षेत्र की सबसे सफल डिजिटल पहलों में से एक बन चुकी है।
गौरतलब है कि यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब भारत का विमानन बाज़ार दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते बाज़ारों में शामिल है। आने वाले वर्षों में नए हवाई अड्डों के जुड़ने और भाषाई विस्तार के साथ डिजी यात्रा की पहुँच और व्यापक होने की उम्मीद है।