12 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव से माँगा जवाब, नर्मदापुरम के किसानों की गेहूं-खाद-मूंग समस्या उठाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव से माँगा जवाब, नर्मदापुरम के किसानों की गेहूं-खाद-मूंग समस्या उठाई

सारांश

नर्मदापुरम के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पराज सिंह के पत्र के आधार पर दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव से तीन मोर्चों पर जवाब माँगा है — गेहूं स्लॉट बुकिंग बंद, 3 लाख किसानों के लिए सिर्फ 6 खाद डिपो, और मूंग की केवल 25% खरीदी की अस्पष्ट नीति।

मुख्य बातें

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पराज सिंह ने 27 मई को दिग्विजय सिंह को पत्र लिखकर नर्मदापुरम के किसानों की समस्याएँ उजागर कीं।
गेहूं खरीदी में अचानक स्लॉट बुकिंग बंद होने से हज़ारों किसान समर्थन मूल्य से वंचित हो रहे हैं।
जिले में 3 लाख किसान हैं, लेकिन डीएपी खाद वितरण के लिए केवल 6 डिपो — ई-टोकन सर्वर भी अधिकांश समय बंद।
सरकार कथित तौर पर मूंग का केवल 25% खरीदेगी; शेष उत्पादन के भविष्य पर कोई स्पष्टता नहीं।
दिग्विजय सिंह ने CM डॉ.
मोहन यादव से तत्काल राहत उपायों की माँग की।

राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से माँग की है कि नर्मदापुरम जिले के किसानों की गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाए जाएँ। यह माँग नर्मदापुरम जिले के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पराज सिंह द्वारा 27 मई को लिखे गए एक पत्र के बाद सामने आई है, जिसमें गेहूं खरीदी, खाद की उपलब्धता और मूंग खरीदी नीति को लेकर किसानों की परेशानियाँ विस्तार से दर्ज की गई हैं।

गेहूं खरीदी में स्लॉट बुकिंग बंद — हज़ारों किसान प्रभावित

दिग्विजय सिंह के अनुसार, समर्थन मूल्य पर जारी गेहूं खरीदी के दौरान अचानक स्लॉट बुकिंग बंद कर दी गई, जिससे हज़ारों किसान अपनी फसल बेचने से वंचित हो गए। उन्होंने सरकार से माँग की है कि स्लॉट बुकिंग तत्काल पुनः प्रारंभ की जाए और खरीदी की अवधि बढ़ाई जाए, ताकि कोई भी किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य से वंचित न रहे। यह ऐसे समय में आया है जब रबी सीज़न की खरीदी अपने अंतिम चरण में है।

खाद संकट: ३ लाख किसान, केवल ६ वितरण केंद्र

नर्मदापुरम जिले में धान की फसल के लिए डीएपी खाद की भारी कमी बताई जा रही है। पत्र में उल्लेख है कि जिले में लगभग 3 लाख किसान हैं, जबकि खाद वितरण के लिए मात्र 6 डिपो हैं। इसके अलावा, ई-टोकन सर्वर अधिकांश समय बंद रहने से किसानों को अतिरिक्त परेशानी हो रही है। दिग्विजय सिंह ने माँग की है कि यदि डीएपी उपलब्ध नहीं है, तो विकल्प के रूप में एनपीके 12:32:16 खाद तत्काल उपलब्ध कराई जाए।

मूंग खरीदी नीति पर उठे सवाल

मूंग खरीदी को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। कथित तौर पर सरकार द्वारा कुल उत्पादन का केवल 25 प्रतिशत ही खरीदे जाने की बात कही जा रही है, जिससे किसानों में भ्रम और चिंता की स्थिति है। दिग्विजय सिंह ने सरकार से स्पष्ट करने की माँग की है कि शेष उत्पादन का क्या होगा। साथ ही खरीदी केंद्रों की संख्या, बारदानों की उपलब्धता और बारिश के मौसम में मूंग खरीदी की व्यवस्था को लेकर भी स्पष्ट नीति सार्वजनिक की जाए।

कांग्रेस की माँग और राजनीतिक संदर्भ

दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार को किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीरता दिखानी चाहिए और त्वरित निर्णय लेकर राहत प्रदान करनी चाहिए। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच कृषि नीतियों को लेकर यह टकराव नया नहीं है — विपक्ष लगातार खरीदी प्रक्रिया और आपूर्ति श्रृंखला की खामियों को उजागर करता रहा है।

आगे क्या होगा

अब सबकी नज़रें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रतिक्रिया पर हैं। यदि राज्य सरकार स्लॉट बुकिंग बहाल करने और खाद आपूर्ति सुनिश्चित करने में विफल रही, तो खरीफ सीज़न की शुरुआत से पहले ही किसानों का असंतोष और गहरा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे की ज़मीनी हकीकत गंभीर है — 3 लाख किसानों के लिए 6 खाद डिपो और ई-टोकन सर्वर की लगातार विफलता यह बताती है कि कृषि आपूर्ति श्रृंखला की बुनियादी खामियाँ अभी तक दूर नहीं हुई हैं। मूंग की केवल 25% सरकारी खरीदी की नीति, यदि सत्य है, तो यह किसानों को बाज़ार के उतार-चढ़ाव के भरोसे छोड़ देती है — जो न्यूनतम समर्थन मूल्य की मूल भावना के विरुद्ध है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस तथ्य को नज़रअंदाज़ करती है कि खरीफ सीज़न की बुआई से पहले खाद संकट का समाधान न होना दीर्घकालिक उत्पादकता को भी प्रभावित करता है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नर्मदापुरम के किसानों की मुख्य समस्याएँ क्या हैं?
नर्मदापुरम के किसानों को तीन प्रमुख समस्याओं का सामना है — गेहूं खरीदी में स्लॉट बुकिंग बंद होना, डीएपी खाद की भारी कमी और मूंग की केवल 25% सरकारी खरीदी की अस्पष्ट नीति। इन समस्याओं को पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पराज सिंह ने 27 मई को दिग्विजय सिंह को लिखे पत्र में उठाया है।
गेहूं खरीदी में स्लॉट बुकिंग बंद होने से किसानों पर क्या असर पड़ा?
समर्थन मूल्य पर जारी गेहूं खरीदी के दौरान अचानक स्लॉट बुकिंग बंद कर दिए जाने से हज़ारों किसान अपनी फसल सरकारी दर पर नहीं बेच पाए। दिग्विजय सिंह ने सरकार से स्लॉट बुकिंग पुनः शुरू करने और खरीदी की अवधि बढ़ाने की माँग की है।
नर्मदापुरम में खाद संकट कितना गंभीर है?
जिले में लगभग 3 लाख किसान हैं, जबकि डीएपी खाद वितरण के लिए केवल 6 डिपो हैं। ई-टोकन सर्वर भी अधिकांश समय बंद रहता है, जिससे किसानों को खाद मिलना मुश्किल हो रहा है। दिग्विजय सिंह ने माँग की है कि डीएपी न मिलने पर एनपीके 12:32:16 खाद तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
मूंग खरीदी को लेकर सरकार की नीति क्या है और विवाद क्यों है?
कथित तौर पर सरकार कुल मूंग उत्पादन का केवल 25% ही खरीदेगी, जिससे किसानों में भ्रम और चिंता है। शेष 75% उत्पादन के बारे में कोई स्पष्ट नीति नहीं है, और खरीदी केंद्रों की संख्या व बारिश के मौसम में व्यवस्था को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है।
दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव से क्या माँगें रखी हैं?
दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से तत्काल गेहूं स्लॉट बुकिंग बहाल करने, डीएपी या एनपीके खाद की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने और मूंग खरीदी नीति को स्पष्ट करने की माँग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को किसानों की समस्याओं पर गंभीरता दिखानी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 1 साल पहले