क्या पीएम मोदी की दुर्गापुर रैली में दिलीप घोष की अनुपस्थिति के पीछे पार्टी का कोई मंसूबा है?

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क्या पीएम मोदी की दुर्गापुर रैली में दिलीप घोष की अनुपस्थिति के पीछे पार्टी का कोई मंसूबा है?

सारांश

दिलीप घोष ने दुर्गापुर में पीएम मोदी की रैली से अनुपस्थिति पर बड़ा बयान दिया है। क्या पार्टी नेतृत्व की वजह से ऐसा हुआ? जानिए पूरी कहानी।

मुख्य बातें

दिलीप घोष की रैली में अनुपस्थिति से पार्टी की आंतरिक राजनीति पर सवाल उठते हैं।
भाजपा के नेतृत्व का निर्णय दिलीप घोष के लिए असुविधाजनक साबित हो सकता है।
दिल्ली में उनकी मुलाकात से आगामी रणनीतियों का संकेत मिलता है।

कोलकाता, 18 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पश्चिम बंगाल इकाई के पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष ने दुर्गापुर में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में शामिल होने से मुँह मोड़ लिया है। भाजपा के उच्च नेतृत्व ने उन्हें दिल्ली बुलाया है, जिसके कारण वह शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हुए।

दिल्ली जाने से पहले दिलीप घोष ने मीडिया से बातचीत में कहा, "मैंने रैली में शामिल न होने का निर्णय अंतिम क्षण में लिया, क्योंकि पार्टी नेतृत्व मुझे वहाँ नहीं देखना चाहता था। मुझे रैली के लिए आमंत्रित नहीं किया गया।"

उन्होंने आगे कहा, "शुरुआत में मैंने कहा था कि मैं रैली में जाऊंगा, क्योंकि आम पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसकी मांग की थी। लेकिन पार्टी ने मुझे आमंत्रित नहीं किया। शायद पार्टी नेतृत्व नहीं चाहता कि मैं वहाँ रहूं। संभवतः मेरी मौजूदगी से उन्हें असुविधा हो सकती है। इसलिए मैं प्रधानमंत्री की रैली में नहीं जा रहा हूं।"

कोलकाता एयरपोर्ट पर जब उनसे पूछा गया कि वह इतने महत्वपूर्ण दिन पर दिल्ली क्यों जा रहे हैं, तो उन्होंने कहा, "मैं पार्टी के एक काम से दिल्ली जा रहा हूं।" हालांकि, उन्होंने उस 'काम' का उल्लेख नहीं किया।

इस बीच, दिलीप घोष के विषय में केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा, "केंद्रीय नेतृत्व ने दिलीप घोष को दिल्ली बुलाया है। मेरी उनसे बात हुई है, वह दिल्ली जा रहे हैं।"

फिलहाल दिलीप घोष दिल्ली पहुँच चुके हैं, जहाँ उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात की है। हालांकि, दिल्ली में मीडिया के सवालों पर दिलीप घोष ने मुलाकात के बारे में चुप्पी साधे रखी।

गौरतलब है कि दिलीप घोष इससे पहले मई में प्रधानमंत्री की अलीपुरद्वार रैली और जून में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कोलकाता में हुई रैली में अनुपस्थित रहे थे।

कुछ दिनों पहले दिलीप घोष की शादी को लेकर पार्टी नेतृत्व के नाराज होने की खबरें मीडिया में आई थीं। इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ दिलीप घोष की मुलाकात ने भी मामले को और बढ़ावा दिया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पश्चिम बंगाल में पार्टी की स्थिति को भी प्रभावित कर सकती है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने रैली में क्यों नहीं जाने का निर्णय लिया?
दिलीप घोष ने कहा कि पार्टी नेतृत्व नहीं चाहता था कि वह रैली में उपस्थित रहें।
क्या दिलीप घोष की शादी से पार्टी नेतृत्व नाराज है?
हाँ, कुछ दिनों पहले उनकी शादी को लेकर पार्टी नेतृत्व के नाराज होने की खबरें आई थीं।
दिल्ली में दिलीप घोष ने किससे मुलाकात की?
उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात की।
राष्ट्र प्रेस
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