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दिल्ली वायु प्रदूषण पर कांग्रेस का BJP पर हमला: GRAP लागू होना सरकार की नाकामी — उदित राज

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दिल्ली वायु प्रदूषण पर कांग्रेस का BJP पर हमला: GRAP लागू होना सरकार की नाकामी — उदित राज

सारांश

दिल्ली में GRAP लागू होते ही कांग्रेस ने BJP पर हमला बोल दिया। उदित राज ने पूछा — उपराज्यपाल, MCD, विधानसभा और केंद्र सब BJP के हाथ में, तो अब प्रदूषण की ज़िम्मेदारी किस पर डालेंगे? अभिषेक दत्त ने मज़दूरों की आजीविका और ग्रीन पटाखों पर भी निशाना साधा।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता उदित राज और कांग्रेस सचिव अभिषेक दत्त ने 3 नवंबर 2026 को दिल्ली BJP सरकार पर प्रदूषण नियंत्रण में विफलता का आरोप लगाया।
GRAP लागू होने को कांग्रेस ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार की नाकामी का प्रमाण बताया।
उदित राज ने कहा कि उपराज्यपाल, नगर निगम, विधानसभा और केंद्र सरकार — सभी पर BJP का नियंत्रण, इसलिए दोष किसी और पर नहीं डाल सकते।
निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध से गरीब मज़दूरों की आजीविका पर असर पड़ने की चिंता जताई गई।
ग्रीन पटाखों की बिक्री पर सवाल उठाए गए; दिल्ली के 13 जिलों के डिप्टी कमिश्नरों के ज़रिये नियंत्रित बिक्री की माँग की गई।

दिल्ली में वायु प्रदूषण की गंभीर होती स्थिति के बीच ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) लागू किए जाने के साथ राजनीतिक तापमान भी चढ़ गया है। कांग्रेस नेता उदित राज और कांग्रेस सचिव अभिषेक दत्त ने 3 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि प्रदूषण नियंत्रण में यह सरकार पूरी तरह विफल रही है।

उदित राज का तीखा वार

कांग्रेस नेता उदित राज ने BJP पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब दिल्ली में पार्टी की सत्ता नहीं थी, तब उसके नेता प्रदूषण को लेकर खूब हंगामा करते थे और तत्कालीन सरकार को कठघरे में खड़ा करते थे। उन्होंने तर्क दिया कि अब जब उपराज्यपाल, नगर निगम, विधानसभा और केंद्र सरकार — सभी पर BJP का नियंत्रण है — तो पार्टी प्रदूषण के लिए किसे ज़िम्मेदार ठहराएगी।

उदित राज ने कहा कि BJP को दूसरों पर दोषारोपण करने के बजाय अपनी जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए और राजधानी की ज़हरीली हवा का ठोस समाधान निकालना चाहिए।

अभिषेक दत्त की सरकार को चेतावनी

कांग्रेस सचिव अभिषेक दत्त ने कहा कि जब से दिल्ली में BJP सरकार बनी है, उसके पास अपनी विफलताओं का कोई बहाना नहीं बचा है। उन्होंने GRAP लागू होने को सरकार की नाकामी का सीधा संकेत बताया और कहा कि न्यायालय भी प्रदूषण के चलते लोगों के बीमार पड़ने और मौतों पर गंभीर चिंता ज़ाहिर कर चुका है।

दत्त ने कहा कि इतनी सख्त चेतावनियों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं आया, जो सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है।

गरीब मज़दूरों की आजीविका पर चिंता

अभिषेक दत्त ने GRAP के तहत निर्माण गतिविधियों पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर भी आवाज़ उठाई। उनका कहना था कि इन पाबंदियों का सबसे बड़ा खामियाज़ा गरीब दैनिक मज़दूरों और निर्माण क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों को भुगतना पड़ता है, जिनके सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो जाता है।

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली की वायु गुणवत्ता सर्दियों की शुरुआत के साथ तेज़ी से बिगड़ रही है और GRAP के कड़े प्रावधान असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सबसे अधिक प्रभावित करते हैं।

ग्रीन पटाखों पर भी सवाल

कांग्रेस सचिव ने ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति दिए जाने पर भी एतराज़ जताया। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को सुझाव दिया कि यदि पटाखों की बिक्री होनी ही है, तो दिल्ली के सभी 13 जिलों के डिप्टी कमिश्नरों के माध्यम से इसे नियंत्रित और पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह कोई पहली बार नहीं है जब दिल्ली का प्रदूषण राजनीतिक रणभूमि बना हो — पिछले कई वर्षों में सत्ताधारी दल बदलते रहे, लेकिन वायु गुणवत्ता की चुनौती स्थायी बनी रही। अब जब एक ही पार्टी के हाथ में राजधानी के सभी प्रमुख प्रशासनिक तंत्र हैं, विपक्ष का दबाव और अधिक केंद्रित हो गया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि BJP सरकार GRAP के प्रावधानों को कितनी प्रभावी ढंग से लागू करती है और श्रमिक वर्ग की आजीविका की सुरक्षा के लिए क्या विकल्प सामने रखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अब BJP बनाम कांग्रेस की। लेकिन असल सवाल यह है कि जब एक ही पार्टी के पास दिल्ली के चारों प्रमुख शासन-तंत्र हों, तो जवाबदेही की संरचना कागज़ पर सरल हो जाती है — अमल में नहीं। कांग्रेस का दबाव तब तक केवल बयानबाज़ी है, जब तक वह ठोस वैकल्पिक नीति प्रस्ताव सामने न रखे। और BJP के लिए असली परीक्षा GRAP के बाद की स्थिति होगी — क्या प्रदूषण के आँकड़े सुधरते हैं, या अगले सर्दी के मौसम में फिर वही बहस दोहराई जाती है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में GRAP क्या है और यह क्यों लागू किया गया?
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) एक आपातकालीन वायु प्रदूषण नियंत्रण तंत्र है, जो दिल्ली में वायु गुणवत्ता के खराब स्तर पर पहुँचने पर लागू होता है। इसमें निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध, वाहन प्रतिबंध और उद्योगों पर पाबंदियाँ जैसे कड़े उपाय शामिल होते हैं।
कांग्रेस ने दिल्ली BJP सरकार पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस नेता उदित राज और कांग्रेस सचिव अभिषेक दत्त ने आरोप लगाया कि BJP सरकार प्रदूषण नियंत्रण में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल, नगर निगम, विधानसभा और केंद्र सरकार — सभी BJP के अधीन होने के बावजूद कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
GRAP से दिल्ली के मज़दूरों पर क्या असर पड़ता है?
GRAP के तहत निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगने से निर्माण क्षेत्र के दैनिक मज़दूर सबसे अधिक प्रभावित होते हैं, क्योंकि उनकी आजीविका सीधे इन कामों पर निर्भर होती है। अभिषेक दत्त ने इसे लेकर गंभीर चिंता ज़ाहिर की और सरकार से इन परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की माँग की।
ग्रीन पटाखों को लेकर कांग्रेस ने क्या सवाल उठाए?
कांग्रेस सचिव अभिषेक दत्त ने ग्रीन पटाखों के नाम पर पटाखों की बिक्री की अनुमति देने पर सवाल उठाए। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि बिक्री होनी है तो दिल्ली के सभी 13 जिलों के डिप्टी कमिश्नरों के माध्यम से नियंत्रित तरीके से होनी चाहिए।
दिल्ली में प्रदूषण की राजनीति का इतिहास क्या रहा है?
दिल्ली में वायु प्रदूषण वर्षों से राजनीतिक विवाद का केंद्र रहा है। जब AAP सत्ता में थी, तब BJP और केंद्र सरकार प्रदूषण के लिए AAP को ज़िम्मेदार ठहराते थे। अब BJP के सत्ता में आने के बाद विपक्षी कांग्रेस वही सवाल BJP से पूछ रही है।
राष्ट्र प्रेस
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