तमिलनाडु मतदाता सूची विवाद: DMK ने राहुल गांधी के रुख पर उठाए सवाल, INDIA ब्लॉक में दरार उजागर
सारांश
मुख्य बातें
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तमिलनाडु में कथित मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर असंगत रुख अपनाने का आरोप लगाया। यह घटनाक्रम उस दिन सामने आया जब INDIA ब्लॉक के घटक दलों के नेता चुनाव आयोग के विशेष गहन संशोधन (SIR) के विरोध में नई दिल्ली में एकत्रित हुए थे — लेकिन DMK और आम आदमी पार्टी (AAP) दोनों उस प्रदर्शन से अनुपस्थित रहे।
DMK प्रवक्ता ने क्या कहा
DMK प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में राहुल गांधी से सीधे सवाल पूछा कि SIR प्रक्रिया के दौरान तमिलनाडु की मतदाता सूची से कथित तौर पर हटाए गए नामों के मुद्दे पर उनका क्या रुख है। अन्नादुरई ने यह भी जानना चाहा कि क्या कांग्रेस नेता ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के राजनीतिक समीकरणों के कारण इस मुद्दे को उठाने से परहेज किया है।
अन्नादुरई ने यह भी रेखांकित किया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पहले ही कह दिया था कि SIR प्रक्रिया के बाद चुनी गई सरकारों को भंग कर देना चाहिए। DMK प्रवक्ता ने सवाल किया कि राहुल गांधी ने सार्वजनिक रूप से इस रुख का समर्थन क्यों नहीं किया और क्या यह तमिलनाडु पर भी लागू होता है।
दिल्ली विरोध प्रदर्शन और INDIA ब्लॉक की अनुपस्थिति
नई दिल्ली में आयोजित विरोध प्रदर्शन में INDIA ब्लॉक के कई घटक दल शामिल हुए, लेकिन DMK और AAP दोनों ने इसमें भाग नहीं लिया। AAP ने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर अपना स्वतंत्र अभियान चला रही है। दोनों दलों की अनुपस्थिति ने विपक्षी खेमे के भीतर रणनीतिक मतभेदों को खुलकर सामने ला दिया।
गौरतलब है कि 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में हुई INDIA ब्लॉक की बैठक में मतदाता सूची में अनियमितताओं के आरोपों पर साझा रणनीति तैयार करने पर चर्चा हुई थी। उस बैठक में भी DMK और AAP ने शिरकत नहीं की थी।
मतदाता सूची विवाद की पृष्ठभूमि
चुनाव आयोग की विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों में लंबे समय से बेचैनी बनी हुई है। इन दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत बड़े पैमाने पर वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। तमिलनाडु में भी इस तरह के आरोप सामने आए हैं, जिन पर DMK चाहती है कि राष्ट्रीय विपक्ष एक स्पष्ट और एकरूप प्रतिक्रिया दे।
यह विवाद ऐसे समय में और जटिल हो गया है जब INDIA ब्लॉक के घटक दल चुनावी रणनीति और प्राथमिकताओं पर एकमत नहीं दिखते। विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्रीय दलों और राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच यह तनाव गठबंधन की आंतरिक चुनौतियों को उजागर करता है।
विपक्षी एकता पर असर
अन्नादुरई की टिप्पणियाँ और दोनों दलों की विरोध प्रदर्शन से अनुपस्थिति यह संकेत देती हैं कि मतदाता सूची के मुद्दे पर INDIA ब्लॉक एकजुट मोर्चा बनाने में अब तक सफल नहीं हो पाया है। आलोचकों का कहना है कि जब तक गठबंधन के सभी प्रमुख दल एक साझा रणनीति पर सहमत नहीं होते, चुनाव आयोग पर दबाव बनाने के प्रयास सीमित असर ही डाल पाएँगे। आने वाले हफ्तों में INDIA ब्लॉक के भीतर यह आंतरिक समन्वय कितना सधता है, यह देखने वाली बात होगी।