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पद्मश्री डॉ. डीवाई पाटिल का कोल्हापुर में निधन, PM मोदी और कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

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पद्मश्री डॉ. डीवाई पाटिल का कोल्हापुर में निधन, PM मोदी और कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

सारांश

महाराष्ट्र के著名 शिक्षाविद और पूर्व राज्यपाल पद्मश्री डॉ. डीवाई पाटिल का कोल्हापुर में निधन हो गया। PM मोदी से लेकर केंद्रीय मंत्री और राज्य नेताओं तक — सभी ने उनकी शिक्षा व जनसेवा की विरासत को नमन किया। कस्बा बावड़ा स्थित आवास पर हज़ारों लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं।

मुख्य बातें

डीवाई पाटिल का मंगलवार, 4 अगस्त को कोल्हापुर में निधन हो गया।
वे बिहार, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल और डीवाई पाटिल ग्रुप के संस्थापक थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए उनकी जनसेवा और शिक्षा में योगदान को याद किया।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान , दिल्ली CM रेखा गुप्ता और सांसद पंकज चौधरी ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कोल्हापुर के कस्बा बावड़ा स्थित उनके निवास पर अंतिम दर्शन के लिए नेता, शिक्षाविद और आम नागरिक पहुँच रहे हैं।

महाराष्ट्र के著名 शिक्षाविद, समाजसेवी और बिहार, त्रिपुरा व पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल पद्मश्री डॉ. डीवाई पाटिल का मंगलवार, 4 अगस्त को कोल्हापुर में निधन हो गया। उनके जाने से शिक्षा और सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में एक युग का अंत हो गया है। देशभर के राजनेताओं, शिक्षाविदों और आम नागरिकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

प्रधानमंत्री मोदी की संवेदनाएँ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लिखा कि डॉ. डीवाई पाटिल शिक्षा और समाज सेवा के ज़रिए सदैव जनसेवा में अग्रणी रहे। उन्होंने विशेष रूप से गरीब तबके के जीवन को बेहतर बनाने के लिए अथक परिश्रम किया। मोदी ने लिखा, 'इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और चाहने वालों के साथ हैं। ओम शांति।'

केंद्रीय मंत्री और राज्य नेताओं की प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनके निधन को 'दुखद क्षति' बताते हुए कहा कि सार्वजनिक सेवा, शिक्षा और देश निर्माण में डॉ. पाटिल का योगदान अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने परिवार और लाखों अनुयायियों के प्रति गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि डॉ. पाटिल ने अपना संपूर्ण जीवन जनसेवा को समर्पित किया। उनके द्वारा स्थापित शैक्षणिक संस्थानों ने पीढ़ियों के युवाओं का भविष्य संवारा है और देश पर उनकी छाप हमेशा बनी रहेगी।

उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं सांसद पंकज चौधरी ने एक्स पर लिखा, 'पूर्व राज्यपाल, वरिष्ठ राजनेता एवं शिक्षाविद पद्म श्री डॉ. डीवाई पाटिल जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। महाराष्ट्र के राजनीतिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक जगत में उनका अतुलनीय योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।'

कोल्हापुर में अंतिम दर्शन

कोल्हापुर के कस्बा बावड़ा स्थित उनके निवास पर अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुँच रहे हैं। राजनीतिक नेता, शिक्षाविद, समाजसेवी और आम नागरिक वहाँ पहुँचकर डॉ. पाटिल को श्रद्धासुमन अर्पित कर रहे हैं।

डॉ. डीवाई पाटिल की विरासत

डॉ. डीवाई पाटिल डीवाई पाटिल ग्रुप के संस्थापक थे, जो महाराष्ट्र में शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रमुख नाम है। उन्होंने बिहार, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में भी उल्लेखनीय सेवाएँ दीं। पद्मश्री से सम्मानित उनका जीवन समाज के वंचित वर्गों के उत्थान को समर्पित रहा। उनके जाने से देश ने एक ऐसे व्यक्तित्व को खो दिया है जिसने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम माना।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी मुख्यधारा की कवरेज अक्सर उनके राज्यपाल कार्यकाल तक सिमट जाती है। यह ध्यान देने योग्य है कि तीन अलग-अलग राज्यों में राज्यपाल रहते हुए उन्होंने जो संस्थागत स्थिरता दी, वह उनकी असली राजनीतिक विरासत है। उनके जाने के बाद डीवाई पाटिल ग्रुप की दिशा और महाराष्ट्र की शिक्षा नीति पर इसका प्रभाव — यही असली प्रश्न है जिस पर ध्यान केंद्रित होना चाहिए।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. डीवाई पाटिल कौन थे?
डॉ. डीवाई पाटिल महाराष्ट्र के著名 शिक्षाविद, समाजसेवी और पद्मश्री से सम्मानित पूर्व राज्यपाल थे। वे बिहार, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रह चुके थे और डीवाई पाटिल ग्रुप के संस्थापक थे।
डॉ. डीवाई पाटिल का निधन कब और कहाँ हुआ?
डॉ. डीवाई पाटिल का निधन मंगलवार, 4 अगस्त को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में हुआ। उनके कस्बा बावड़ा स्थित निवास पर अंतिम दर्शन के लिए हज़ारों लोग पहुँच रहे हैं।
PM मोदी ने डॉ. डीवाई पाटिल के निधन पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा कि डॉ. पाटिल शिक्षा और समाज सेवा के ज़रिए सदैव जनसेवा में अग्रणी रहे और उन्होंने गरीबों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए अथक काम किया। मोदी ने शोक संतप्त परिवार और चाहने वालों के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त कीं।
डीवाई पाटिल ग्रुप क्या है?
डीवाई पाटिल ग्रुप महाराष्ट्र का एक प्रमुख शैक्षणिक संस्थान समूह है, जिसकी स्थापना डॉ. डीवाई पाटिल ने की थी। इसके अंतर्गत मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के कई संस्थान संचालित होते हैं।
डॉ. डीवाई पाटिल किन राज्यों के राज्यपाल रहे?
डॉ. डीवाई पाटिल बिहार, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रह चुके थे। राज्यपाल पद के साथ-साथ उन्होंने शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया।
राष्ट्र प्रेस
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