डीवाई पाटिल के निधन पर CM फडणवीस कोल्हापुर पहुँचे, बोले — 'व्यक्तिगत क्षति है यह'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 9 अगस्त 2026 को कोल्हापुर पहुँचकर पद्मश्री डॉ. डी. वाई. पाटिल को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने डीवाई पाटिल को 'पिछली पीढ़ी के बेहद सधे हुए नेता' बताया और कहा कि उनके निधन से उन्हें व्यक्तिगत क्षति हुई है।
मुख्यमंत्री फडणवीस का श्रद्धांजलि दौरा
कोल्हापुर में मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि डीवाई पाटिल दादा ने शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में जो कार्य किए, वे आज हजारों लोगों के जीवन में प्रकाश बन चुके हैं। उन्होंने कहा, 'उन्होंने हर जिम्मेदारी में अपनी अमिट छाप छोड़ी — चाहे नेता के तौर पर हो या तीन राज्यों के राज्यपाल के रूप में।'
फडणवीस ने यह भी कहा कि जब भी उनसे बातचीत का अवसर मिलता था, वह उनके विचारों की गहराई से प्रभावित होते थे। राज्यपाल रहते हुए भी डीवाई पाटिल अपने लोगों और अपनी जड़ों से जुड़े रहे — यह बात उन्हें विशेष बनाती थी।
एक्स पर मुख्यमंत्री की भावपूर्ण पोस्ट
मुख्यमंत्री फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने दौरे की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि महाराष्ट्र में राजनीति, समाज सेवा, शिक्षा और सहकारी क्षेत्रों में अमिट छाप छोड़ने वाले तथा त्रिपुरा, बिहार और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल रहे पद्मश्री डॉ. डी. वाई. पाटिल का हाल ही में निधन हो गया। उन्होंने लिखा, 'स्वर्गीय डॉ. डीवाई पाटिल के साथ हुई हर बातचीत गहरे विचारों से समृद्ध होती थी। उनका मार्गदर्शन और उनसे जुड़ी अनगिनत यादें हमेशा मेरे दिल में रहेंगी। उनके निधन से मुझे व्यक्तिगत क्षति हुई है और इससे पैदा हुई रिक्तता कभी नहीं भरी जा सकेगी।'
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार भी पहुँचीं कोल्हापुर
महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार भी कोल्हापुर में कांग्रेस नेता सतेज पाटिल के आवास पर पहुँचकर परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने एक्स पर लिखा कि वरिष्ठ शिक्षाविद्, पूर्व राज्यपाल और डीवाई पाटिल समूह के संस्थापक पद्मश्री डॉ. ज्ञानदेव यशवंतराव उर्फ डीवाई पाटिल को श्रद्धांजलि अर्पित करना उनका सौभाग्य है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और समाज सेवा के क्षेत्रों में डीवाई पाटिल का योगदान पीढ़ियों तक प्रेरणास्रोत बना रहेगा। उन्होंने पाटिल परिवार के लिए ईश्वर से शक्ति की प्रार्थना की।
डीवाई पाटिल: एक बहुआयामी विरासत
पद्मश्री डॉ. डी. वाई. पाटिल महाराष्ट्र की राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य और सहकारी आंदोलन में दशकों तक सक्रिय रहे। वे त्रिपुरा, बिहार और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे और डीवाई पाटिल समूह के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने एक विशाल संस्थागत ढाँचा खड़ा किया। उनके निधन से महाराष्ट्र ने एक ऐसी शख्सियत खोई है, जिसने सार्वजनिक जीवन के लगभग हर आयाम को प्रभावित किया।
राज्य के वरिष्ठ नेताओं का इस प्रकार व्यक्तिगत रूप से कोल्हापुर पहुँचना डीवाई पाटिल की राजनीतिक और सामाजिक विरासत की व्यापकता को रेखांकित करता है।