4 अगस्त 2026
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पद्मश्री डॉ. डीवाई पाटिल का निधन: मोदी सरकार से लेकर विपक्ष तक, नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

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पद्मश्री डॉ. डीवाई पाटिल का निधन: मोदी सरकार से लेकर विपक्ष तक, नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

सारांश

पद्मश्री डॉ. डीवाई पाटिल — पूर्व राज्यपाल, शिक्षाविद और डीवाई पाटिल ग्रुप के संस्थापक — का 4 अगस्त को निधन हो गया। एक साधारण कार्यकर्ता से तीन राज्यों के राज्यपाल तक की उनकी यात्रा और शिक्षा-स्वास्थ्य में उनका योगदान अविस्मरणीय है।

मुख्य बातें

डीवाई पाटिल का मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को निधन हुआ।
वे त्रिपुरा, बिहार और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल और डीवाई पाटिल ग्रुप के संस्थापक थे।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल , महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर शोक व्यक्त किया।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने भी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं।
पाटिल ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लाखों छात्रों के जीवन को प्रभावित किया।

पूर्व राज्यपाल, प्रख्यात शिक्षाविद और समाजसेवी पद्मश्री डॉ. डीवाई पाटिल का मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को निधन हो गया। त्रिपुरा, बिहार और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल और डीवाई पाटिल ग्रुप के संस्थापक के रूप में उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में दशकों तक अमिट छाप छोड़ी। उनके निधन पर देशभर के राजनेताओं ने गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 'एक साधारण कार्यकर्ता से लेकर विभिन्न संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करने तक उनकी यात्रा एवं शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनका अतुलनीय योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को शांति तथा शोकाकुल परिजनों और उनके शुभचिंतकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।'

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पर लिखा, 'उनके जाने से एक दूरदर्शी व्यक्तित्व चला गया। मैं उन्हें दिल से श्रद्धांजलि देता हूं। हम उनके परिवार के दुख में शामिल हैं।'

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'एक दूरदर्शी शिक्षाविद, समाजसेवी एवं बिहार के पूर्व राज्यपाल के रूप में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसेवा के क्षेत्र में अमिट योगदान दिया। उनका प्रेरणादायी जीवन सदैव स्मरणीय रहेगा।'

विपक्ष की संवेदनाएं

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, 'शिक्षा और जनसेवा के क्षेत्र में उनका योगदान सदा स्मरणीय रहेगा। सभी शोकाकुल परिजनों, शुभचिंतकों और समर्थकों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।'

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा, 'शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्रों में उनके योगदान ने लाखों लोगों के जीवन को छुआ है। देश के लिए अपना जीवन समर्पित करने के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।'

डॉ. पाटिल का योगदान

डॉ. डीवाई पाटिल ने डीवाई पाटिल ग्रुप की स्थापना कर महाराष्ट्र सहित देशभर में चिकित्सा, इंजीनियरिंग और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनेक संस्थान खड़े किए। उनके संस्थानों ने लाखों छात्रों को उच्च शिक्षा का अवसर दिया। पद्मश्री से सम्मानित डॉ. पाटिल ने त्रिपुरा, बिहार और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में संवैधानिक दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया।

आम जनता और शिक्षा जगत पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब देश में उच्च शिक्षा के विस्तार को लेकर व्यापक बहस चल रही है। डॉ. पाटिल के संस्थान इस दिशा में एक मॉडल के रूप में देखे जाते रहे हैं। उनके निधन से शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हुआ है। डीवाई पाटिल ग्रुप के भविष्य और उनके द्वारा स्थापित संस्थानों की दिशा पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस पीढ़ी के एक प्रतिनिधि का जाना है जिसने संस्था-निर्माण को राजनीतिक महत्वाकांक्षा से ऊपर रखा। गौरतलब है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का एक साथ शोक व्यक्त करना इस बात का प्रमाण है कि उनकी विरासत दलीय सीमाओं से परे थी। हालांकि, अब असली सवाल यह है कि उनके द्वारा स्थापित शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता और सामाजिक प्रतिबद्धता को उनके उत्तराधिकारी किस हद तक बनाए रख पाएंगे।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. डीवाई पाटिल कौन थे?
डॉ. डीवाई पाटिल पद्मश्री से सम्मानित प्रख्यात शिक्षाविद, समाजसेवी और त्रिपुरा, बिहार तथा पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल थे। वे डीवाई पाटिल ग्रुप के संस्थापक भी थे, जिसने देशभर में चिकित्सा और उच्च शिक्षा के अनेक संस्थान स्थापित किए।
डॉ. डीवाई पाटिल का निधन कब हुआ?
डॉ. डीवाई पाटिल का निधन मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को हुआ। उनके निधन की खबर मिलते ही देशभर के नेताओं ने शोक संवेदनाएं व्यक्त करना शुरू कर दिया।
किन नेताओं ने डॉ. डीवाई पाटिल को श्रद्धांजलि दी?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल समेत अनेक नेताओं ने श्रद्धांजलि दी।
डॉ. डीवाई पाटिल ने शिक्षा के क्षेत्र में क्या योगदान दिया?
डॉ. पाटिल ने डीवाई पाटिल ग्रुप की स्थापना कर महाराष्ट्र सहित देशभर में चिकित्सा, इंजीनियरिंग और उच्च शिक्षा के संस्थान खड़े किए, जिनसे लाखों छात्रों को उच्च शिक्षा का अवसर मिला। शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।
डॉ. डीवाई पाटिल किन राज्यों के राज्यपाल रहे?
डॉ. डीवाई पाटिल त्रिपुरा, बिहार और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे। इन तीनों राज्यों में उन्होंने संवैधानिक दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया।
राष्ट्र प्रेस
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