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कन्नूर डेंटल छात्र नितिन राज मौत मामला: मुख्य आरोपी डॉ. एम.के. राम कर्नाटक से गिरफ्तार

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कन्नूर डेंटल छात्र नितिन राज मौत मामला: मुख्य आरोपी डॉ. एम.के. राम कर्नाटक से गिरफ्तार

सारांश

कन्नूर डेंटल छात्र नितिन राज की मौत के मामले में महीनों से फरार मुख्य आरोपी डॉ. एम.के. राम को क्राइम ब्रांच ने कर्नाटक के कोडगु से गिरफ्तार किया। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद भागे डॉ. राम ने दाढ़ी बढ़ाकर पहचान छुपाई थी। परिवार ने राहत जताते हुए कहा — असली न्याय सजा से मिलेगा।

मुख्य बातें

क्राइम ब्रांच ने 20 जुलाई 2026 को मुख्य आरोपी डॉ.
राम को कर्नाटक के कोडगु के एक बागान से गिरफ्तार किया।
10 अप्रैल 2026 को अंजारकंडी डेंटल कॉलेज की पाँचवीं मंजिल से गिरने के बाद 22 वर्षीय नितिन राज की मौत हो गई थी।
परिवार और साथी छात्रों ने फैकल्टी पर जाति आधारित उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद डॉ.
राम कथित तौर पर फरार हो गए थे।
राम ने दाढ़ी बढ़ाकर पहचान छुपाने की कोशिश की; पहले आंध्र प्रदेश के चित्तूर में भी खोज की गई थी।
संगीता नंबियार फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।

कन्नूर के अंजारकंडी डेंटल कॉलेज में 22 वर्षीय छात्र नितिन राज आरएल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में क्राइम ब्रांच ने सोमवार, 20 जुलाई को बड़ी सफलता हासिल की — मुख्य आरोपी डॉ. एम.के. राम को कर्नाटक के कोडगु (कुर्ग) जिले से गिरफ्तार कर लिया गया। कई महीनों से फरार चल रहे डॉ. राम की यह गिरफ्तारी सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद हुई है।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

खुफिया सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से राज्य की सीमा पार कर कोडगु के एक बागान में छापा मारा, जहाँ डॉ. राम छिपे हुए थे। जाँच अधिकारियों के अनुसार, फरारी के दौरान डॉ. राम ने दाढ़ी बढ़ाकर अपनी पहचान छुपाने की कोशिश की थी। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कन्नूर स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय लाया गया, जहाँ पूछताछ जारी है।

गौरतलब है कि इससे पहले जाँच दल को आंध्र प्रदेश के चित्तूर में भी डॉ. राम के ठिकाने की सूचना मिली थी, लेकिन पुलिस के पहुँचने से पहले ही वह वहाँ से निकल गए थे। अब क्राइम ब्रांच इस बात की जाँच कर रही है कि फरारी के दौरान उन्हें किसी व्यक्ति या नेटवर्क से मदद मिली थी या नहीं।

मामले की पृष्ठभूमि

10 अप्रैल 2026 को अंजारकंडी डेंटल कॉलेज की पाँचवीं मंजिल से गिरने के बाद नितिन राज को गंभीर हालत में पाया गया था। उन्हें तत्काल कन्नूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। तिरुवनंतपुरम के एक दिहाड़ी मजदूर के पुत्र नितिन ने कई बार नीट परीक्षा देने के बाद बीडीएस में दाखिला पाया था और सितंबर 2025 में कॉलेज में प्रवेश लिया था।

परिवार के सदस्यों और साथी छात्रों ने आरोप लगाया कि फैकल्टी सदस्यों की ओर से नितिन के साथ लगातार जाति आधारित उत्पीड़न किया जा रहा था। इन आरोपों के बाद कॉलेज प्रशासन ने 11 अप्रैल को ओरल पैथोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. एम.के. राम और फैकल्टी सदस्य के.टी. संगीता नंबियार को निलंबित कर दिया था। संगीता नंबियार फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।

न्यायपालिका और जनता का दबाव

सर्वोच्च न्यायालय ने डॉ. राम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए उनके कथित आचरण पर कड़ी टिप्पणी की, जिसके बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया। गिरफ्तारी में हुई देरी को लेकर पीड़ित परिवार, छात्र संगठनों और आम नागरिकों ने पुलिस की कड़ी आलोचना की। यह आरोप भी लगाए गए कि कथित तौर पर प्रभावशाली राजनीतिक और प्रशासनिक संपर्कों के कारण डॉ. राम गिरफ्तारी से बचते रहे — हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

नितिन के समर्थन में गठित एक्शन काउंसिल ने कई बार इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाया था और त्वरित गिरफ्तारी की माँग की थी।

परिवार की प्रतिक्रिया

नितिन की बहन राखी ने कहा, 'आखिरकार हमें खुशी है कि फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। हमें असली न्याय तभी मिलेगा, जब उसे सजा मिलेगी।' जाँच अधिकारी ने सोमवार सुबह कहा कि 'मामले में पूछताछ जारी है और सही समय पर पूरी जानकारी साझा की जाएगी।'

आगे की कार्रवाई

क्राइम ब्रांच के डॉ. राम को न्यायालय में पेश कर पुलिस हिरासत की माँग करने की संभावना है, ताकि विस्तृत पूछताछ की जा सके। जाँचकर्ताओं को उम्मीद है कि पूछताछ से यह स्पष्ट होगा कि फरारी के दौरान उन्हें किसने और कैसे सहयोग दिया, तथा 10 अप्रैल को कॉलेज में हुए घटनाक्रम के बारे में नए तथ्य सामने आ सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जितना करना चाहिए? सर्वोच्च न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा और जनता को सड़क पर उतरना पड़ा — तब जाकर गिरफ्तारी हुई। यह पैटर्न नया नहीं है; रोहित वेमुला से लेकर अब तक ऐसे मामलों में देरी और प्रभावशाली संपर्कों के आरोप बार-बार उठते हैं। असली परीक्षा अब सुनवाई में होगी — क्या साक्ष्य श्रृंखला इतनी मजबूत है कि दोष सिद्ध हो सके, या गिरफ्तारी महज दबाव से राहत का रास्ता बन जाएगी?
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. एम.के. राम को कहाँ से और कब गिरफ्तार किया गया?
डॉ. एम.के. राम को 20 जुलाई 2026 को कर्नाटक के कोडगु (कुर्ग) जिले के एक बागान से क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया। स्थानीय पुलिस की मदद से चलाए गए गुप्त अभियान में उन्हें हिरासत में लेकर कन्नूर लाया गया।
नितिन राज की मौत का मामला क्या है?
10 अप्रैल 2026 को कन्नूर के अंजारकंडी डेंटल कॉलेज की पाँचवीं मंजिल से गिरने के बाद 22 वर्षीय बीडीएस छात्र नितिन राज की मौत हो गई थी। परिवार और साथी छात्रों ने आरोप लगाया कि फैकल्टी सदस्यों द्वारा उन पर लगातार जाति आधारित उत्पीड़न किया जा रहा था।
सर्वोच्च न्यायालय का इस मामले में क्या रोल रहा?
सर्वोच्च न्यायालय ने डॉ. राम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए उनके कथित आचरण पर कड़ी टिप्पणी की, जिसके बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया। जमानत खारिज होने के बाद ही डॉ. राम कथित तौर पर फरार हुए थे।
इस मामले में और कौन आरोपी हैं?
इस मामले में के.टी. संगीता नंबियार भी आरोपी हैं, जो कॉलेज की फैकल्टी सदस्य थीं। उन्हें भी 11 अप्रैल को निलंबित किया गया था और वे फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
अब आगे क्या होगा इस मामले में?
क्राइम ब्रांच के डॉ. राम को न्यायालय में पेश कर पुलिस हिरासत माँगने की संभावना है। जाँचकर्ता यह पता लगाना चाहते हैं कि फरारी के दौरान उन्हें किसने सहयोग दिया और 10 अप्रैल के घटनाक्रम की पूरी कड़ी क्या है।
राष्ट्र प्रेस
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