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नितिन राज आत्महत्या केस: जमानत के बाद केरल सरकार ने आईजी अजीथा बेगम की अगुवाई में नई एसआईटी बनाई

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नितिन राज आत्महत्या केस: जमानत के बाद केरल सरकार ने आईजी अजीथा बेगम की अगुवाई में नई एसआईटी बनाई

सारांश

दलित बीडीएस छात्र नितिन राज आत्महत्या मामले में मुख्य आरोपी डॉ. एम.के. राम को प्रक्रियागत खामियों पर राहत मिलने के बाद केरल सरकार हरकत में आई। गृह मंत्री चेन्निथला ने नई एसआईटी बनाई, लेकिन परिवार का सवाल है — 101 दिन की फरारी और अब जांच की चूक, क्या यह महज लापरवाही है?

मुख्य बातें

केरल गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने 21 जुलाई को नितिन राज आत्महत्या मामले में नई एसआईटी गठित करने के आदेश दिए।
नई एसआईटी की अगुवाई आईजी अजीथा बेगम करेंगी; उत्तर क्षेत्र के आईजी पुरानी जांच की चूक की अलग समीक्षा करेंगे।
थालास्सेरी प्रधान सत्र न्यायालय ने पाया कि क्राइम ब्रांच ने डॉ.
राम को गिरफ्तारी के लिखित आधार नहीं दिए और लोक अभियोजक को समय पर सूचित नहीं किया।
दलित बीडीएस छात्र नितिन राज ने 10 अप्रैल को आत्महत्या की थी; परिवार का आरोप है कि कॉलेज शिक्षकों द्वारा जातिगत उत्पीड़न इसकी वजह था।
राम 101 दिनों तक फरार रहे; उन्हें कर्नाटक के कोडागु से गिरफ्तार किया गया था।
नितिन की माँ ने पुलिस और आरोपी के बीच कथित मिलीभगत का आरोप लगाया है।

केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने 21 जुलाई को दलित बीडीएस छात्र नितिन राज आत्महत्या मामले में नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करने के आदेश दिए, जब मुख्य आरोपी डॉ. एम.के. राम को थालास्सेरी के प्रधान सत्र न्यायालय ने प्रक्रियागत खामियों के आधार पर राहत दे दी। नई एसआईटी की कमान आईजी अजीथा बेगम को सौंपी गई है, जबकि उत्तर क्षेत्र के आईजी को जांच में हुई चूक की अलग से पड़ताल की जिम्मेदारी दी गई है।

अदालत ने क्यों दी आरोपी को राहत

थालास्सेरी के प्रधान सत्र न्यायालय ने पाया कि क्राइम ब्रांच की मौजूदा टीम ने डॉ. राम की गिरफ्तारी के दौरान अनिवार्य कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया। आरोपी को गिरफ्तारी के लिखित आधार उपलब्ध नहीं कराए गए और लोक अभियोजक को भी समय पर गिरफ्तारी की सूचना नहीं दी गई। इन्हीं कमियों के आधार पर अदालत ने आरोपी की रिहाई का आदेश दिया।

हालांकि, अदालत से रिहा होने के तुरंत बाद क्राइम ब्रांच ने डॉ. राम को कोर्ट परिसर से दोबारा हिरासत में ले लिया। बचाव पक्ष ने इस कार्रवाई को अवैध करार दिया। देर रात जांच एजेंसी ने उन्हें दो दिन बाद पूछताछ के लिए उपस्थित होने का नोटिस भी जारी किया।

गृह मंत्री की प्रतिक्रिया और नई जांच के आदेश

गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आई गंभीर चूक पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से तत्काल रिपोर्ट तलब की और क्राइम ब्रांच प्रमुख से यह स्पष्ट करने को कहा कि किन खामियों के कारण अदालत ने आरोपी को राहत दी। चेन्निथला ने यह भी कहा कि पुलिस की ओर से कोई जानबूझकर लापरवाही नहीं हुई है, और परिवार के सभी संदेहों को दूर करने के लिए ही नए सिरे से जांच कराई जा रही है।

परिवार की प्रतिक्रिया और आरोप

नितिन राज के परिवार ने नई एसआईटी के गठन का स्वागत किया, लेकिन स्पष्ट किया कि मौजूदा क्राइम ब्रांच जांच दल पर उनका भरोसा पूरी तरह उठ चुका है। नितिन की माँ ने आरोप लगाया कि पुलिस और आरोपी के बीच कथित मिलीभगत के कारण डॉ. राम को राहत मिल सकी।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस ने शुरुआती जांच को लोन ऐप से जुड़े कोण की ओर मोड़ दिया, जिससे मुख्य आरोपी डॉ. राम 101 दिनों तक फरार रहने में सफल रहे।

मामले की पृष्ठभूमि

दलित बीडीएस छात्र नितिन राज ने 10 अप्रैल को आत्महत्या कर ली थी। परिवार का आरोप है कि कॉलेज के कुछ शिक्षकों द्वारा लगातार जातिगत उत्पीड़न किए जाने के कारण उसने यह कदम उठाया। बाद में जांच एजेंसियों ने बेंगलुरु में अपनी बेटी के फ्लैट में रह रहे डॉ. राम का नया मोबाइल नंबर ट्रैक कर उन्हें कर्नाटक के कोडागु से गिरफ्तार किया था। उच्च न्यायालयों से अग्रिम जमानत नहीं मिलने के बावजूद गिरफ्तारी में हुई प्रक्रियागत खामियाँ अब जांच के घेरे में हैं।

आगे क्या होगा

नई एसआईटी अब मामले की पूरी जांच अपने हाथ में लेगी। उत्तर क्षेत्र के आईजी पुरानी जांच टीम की चूक की अलग से समीक्षा करेंगे। यह देखना अहम होगा कि क्या नई टीम परिवार के जातिगत उत्पीड़न के आरोपों को केंद्र में रखकर जांच आगे बढ़ाती है और डॉ. राम के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया को दोबारा पटरी पर लाने में सफल होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लोन ऐप वाला भटकाव, और अब गिरफ्तारी में तकनीकी खामियाँ — ये संयोग नहीं, बल्कि जवाबदेही के अभाव के संकेत हैं। नई एसआईटी का गठन स्वागतयोग्य है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या यह टीम जातिगत उत्पीड़न के मूल आरोपों को केंद्र में रखकर जांच करती है, या फिर प्रक्रियागत सुधार तक ही सीमित रह जाती है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नितिन राज कौन थे और उनकी आत्महत्या का कारण क्या बताया जा रहा है?
नितिन राज एक दलित बीडीएस छात्र थे जिन्होंने 10 अप्रैल को आत्महत्या कर ली थी। परिवार का आरोप है कि कॉलेज के कुछ शिक्षकों द्वारा लगातार जातिगत उत्पीड़न किए जाने के कारण उन्होंने यह कदम उठाया।
डॉ. एम.के. राम को अदालत से राहत क्यों मिली?
थालास्सेरी के प्रधान सत्र न्यायालय ने पाया कि क्राइम ब्रांच ने डॉ. राम को गिरफ्तारी के लिखित आधार उपलब्ध नहीं कराए और लोक अभियोजक को समय पर सूचित नहीं किया। इन प्रक्रियागत खामियों के आधार पर अदालत ने उनकी रिहाई का आदेश दिया।
नई एसआईटी का नेतृत्व कौन करेगा और इसका दायरा क्या होगा?
नई एसआईटी की कमान आईजी अजीथा बेगम को सौंपी गई है। उत्तर क्षेत्र के आईजी पुरानी क्राइम ब्रांच जांच में हुई चूक की अलग से समीक्षा करेंगे। नई टीम पूरे मामले की नए सिरे से जांच करेगी।
नितिन राज के परिवार का पुलिस पर क्या आरोप है?
परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने शुरुआती जांच को लोन ऐप से जुड़े कोण की ओर मोड़ दिया, जिससे मुख्य आरोपी डॉ. राम 101 दिनों तक फरार रहे। नितिन की माँ ने पुलिस और आरोपी के बीच कथित मिलीभगत का आरोप भी लगाया है।
डॉ. राम को गिरफ्तार कैसे किया गया था?
जांच एजेंसियों ने बेंगलुरु में अपनी बेटी के फ्लैट में रह रहे डॉ. राम का नया मोबाइल नंबर ट्रैक किया और उन्हें कर्नाटक के कोडागु से गिरफ्तार किया था। उच्च न्यायालयों से अग्रिम जमानत नहीं मिली थी, लेकिन गिरफ्तारी में प्रक्रियागत खामियाँ अब जांच के घेरे में हैं।
राष्ट्र प्रेस
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